नगर परिषद चुनाव से पहले लोहरदगा कांग्रेस में घमासान, 2 बड़े नेताओं को किया गया संस्पेंड
नगर परिषद चुनाव से पहले लोहरदगा कांग्रेस में घमासान, 2 बड़े नेताओं को किया गया संस्पेंड
लोहरदगा जिला कांग्रेस कमेटी ने नगर परिषद चुनाव को लेकर अंदरूनी कलह के चलते दो नेताओं, विशाल डुंगडुंग और सतीश रंजन उरांव को पार्टी विरोधी गतिविधियों और ...और पढ़ें

लोहरदगा कांग्रेस ने दो नेताओं को पार्टी से निलंबित किया।
नगर परिषद चुनाव में अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप।
निलंबित नेता विशाल डुंगडुंग ने आरोपों को अन्यायपूर्ण बताया।
लोहरदगा। नगर परिषद चुनाव को लेकर लोहरदगा जिला कांग्रेस कमेटी में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है।
पार्टी अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में जिला कांग्रेस कमेटी ने दो नेताओं विशाल डुंगडुंग और सतीश रंजन उरांव को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस संबंध में जिला अध्यक्ष सुखैर भगत द्वारा आठ फरवरी 2026 को पत्र जारी किया गया है।
जिला अध्यक्ष ने पत्र में क्या कहा?
जिला अध्यक्ष द्वारा जारी पत्र के अनुसार झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने दो फरवरी 2026 को निर्देश दिया था कि नगर निगम में मेयर पद एवं नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवारों का चयन जिला राजनीतिक मामलों की समिति की सर्वसम्मति से किया जाएगा।
पार्टी ने स्पष्ट किया था कि केवल अधिकृत और समर्थित उम्मीदवारों को ही समर्थन दिया जाएगा। इसके बाद पांच फरवरी 2026 को पुनः निर्देश जारी कर नामांकन वापसी की अंतिम तिथि छह फरवरी 2026 तक जिन उम्मीदवारों को समिति का समर्थन प्राप्त नहीं है, उन्हें समय रहते नाम वापस लेने को कहा गया था।
साथ ही चेतावनी दी गई थी कि निर्देशों की अवहेलना करने पर जिला कांग्रेस कमेटी अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी। छह फरवरी को विशाल डुंगडुंग और सतीश रंजन उरांव को कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा में लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा गया था।
लेकिन दोनों नेताओं की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने और पार्टी निर्देशों की अनदेखी जारी रखने के आरोप में उन्हें निलंबित कर दिया गया।
प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव ने क्या कहा?
निलंबन के बाद झारखंड प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव विशाल डुंगडुंग ने जिला अध्यक्ष को दो पृष्ठों का पत्र लिखकर आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
उन्होंने कहा कि एक फरवरी 2026 को हुई पीएसी बैठक में उनके नाम का सर्वसम्मति से चयन किया गया था और सभी सदस्यों ने समर्थन किया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि सात फरवरी की रात 10:30 बजे उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से कारण बताओ नोटिस भेजा गया, जबकि पत्र पर अंकित तिथि छह फरवरी थी, जिससे उन्हें पर्याप्त समय नहीं मिल सका।
विशाल डुंगडुंग ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि वे पार्टी के सक्रिय सदस्य हैं और वर्तमान में झारखंड प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव के पद पर कार्यरत हैं।
उन्होंने दावा किया कि संगठन निर्माण में उनके योगदान के बाद भी उनके साथ अन्यायपूर्ण और पूर्वाग्रह से प्रेरित कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके समर्थकों पर दबाव बनाया जा रहा है और निलंबन की धमकी दी जा रही है।
लोहरदगा जिला कांग्रेस कमेटी ने नगर परिषद चुनाव को लेकर अंदरूनी कलह के चलते दो नेताओं, विशाल डुंगडुंग और सतीश रंजन उरांव को पार्टी विरोधी गतिविधियों और ...और पढ़ें

लोहरदगा कांग्रेस ने दो नेताओं को पार्टी से निलंबित किया।
नगर परिषद चुनाव में अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप।
निलंबित नेता विशाल डुंगडुंग ने आरोपों को अन्यायपूर्ण बताया।
लोहरदगा। नगर परिषद चुनाव को लेकर लोहरदगा जिला कांग्रेस कमेटी में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है।
पार्टी अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में जिला कांग्रेस कमेटी ने दो नेताओं विशाल डुंगडुंग और सतीश रंजन उरांव को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस संबंध में जिला अध्यक्ष सुखैर भगत द्वारा आठ फरवरी 2026 को पत्र जारी किया गया है।
जिला अध्यक्ष ने पत्र में क्या कहा?
जिला अध्यक्ष द्वारा जारी पत्र के अनुसार झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने दो फरवरी 2026 को निर्देश दिया था कि नगर निगम में मेयर पद एवं नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवारों का चयन जिला राजनीतिक मामलों की समिति की सर्वसम्मति से किया जाएगा।
पार्टी ने स्पष्ट किया था कि केवल अधिकृत और समर्थित उम्मीदवारों को ही समर्थन दिया जाएगा। इसके बाद पांच फरवरी 2026 को पुनः निर्देश जारी कर नामांकन वापसी की अंतिम तिथि छह फरवरी 2026 तक जिन उम्मीदवारों को समिति का समर्थन प्राप्त नहीं है, उन्हें समय रहते नाम वापस लेने को कहा गया था।
साथ ही चेतावनी दी गई थी कि निर्देशों की अवहेलना करने पर जिला कांग्रेस कमेटी अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी। छह फरवरी को विशाल डुंगडुंग और सतीश रंजन उरांव को कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा में लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा गया था।
लेकिन दोनों नेताओं की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने और पार्टी निर्देशों की अनदेखी जारी रखने के आरोप में उन्हें निलंबित कर दिया गया।
प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव ने क्या कहा?
निलंबन के बाद झारखंड प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव विशाल डुंगडुंग ने जिला अध्यक्ष को दो पृष्ठों का पत्र लिखकर आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
उन्होंने कहा कि एक फरवरी 2026 को हुई पीएसी बैठक में उनके नाम का सर्वसम्मति से चयन किया गया था और सभी सदस्यों ने समर्थन किया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि सात फरवरी की रात 10:30 बजे उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से कारण बताओ नोटिस भेजा गया, जबकि पत्र पर अंकित तिथि छह फरवरी थी, जिससे उन्हें पर्याप्त समय नहीं मिल सका।
विशाल डुंगडुंग ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि वे पार्टी के सक्रिय सदस्य हैं और वर्तमान में झारखंड प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव के पद पर कार्यरत हैं।
उन्होंने दावा किया कि संगठन निर्माण में उनके योगदान के बाद भी उनके साथ अन्यायपूर्ण और पूर्वाग्रह से प्रेरित कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके समर्थकों पर दबाव बनाया जा रहा है और निलंबन की धमकी दी जा रही है।
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