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Birthday न मनाने पर बोकारो की किशोरी ने छोड़ा घर, 48 घंटे बाद पुलिस ने परिवार को सौंपा

Birthday न मनाने पर बोकारो की किशोरी ने छोड़ा घर, 48 घंटे बाद पुलिस ने परिवार को सौंपा



‍Bokaro Girl Birthday: बोकारो में एक किशोरी जन्मदिन धूमधाम से न मनाए जाने की नाराजगी में घर छोड़कर चली गई। उसने एक भावुक पत्र भी छोड़ा था। माता-पिता क ...और पढ़ें





धूमधाम से जन्मदिन न मनाने पर घर से निकल गई लड़की। (प्रतीकात्मक फोटो)



किशोरी ने जन्मदिन धूमधाम से न मनाने पर घर छोड़ा।


बोकारो पुलिस ने 48 घंटे में किशोरी को सुरक्षित ढूंढा।


पुलिस ने परिवार को सौंपकर राहत की सांस ली।


बोकारो। झारखंड के बोकारो जिले के सेक्टर-12 थाना क्षेत्र से एक किशोरी के अचानक लापता हो जाने से पुलिस और स्वजनों की चिंता बढ़ गई। वजह सुनकर हर कोई चौंक गयाकिशोरी का जन्मदिन इस बार धूमधाम से नहीं मनाया गया। इसी नाराज़गी में उसने एक भावुक पत्र लिखा और घर छोड़कर चली गई।


मामला छह तारीख का है। किशोरी के माता-पिता घबराए हुए थाना पहुंचे और पुलिस को सूचना दी कि उनकी बेटी घर से गायब है। उन्होंने बताया कि बेटी ने एक पत्र छोड़ा है, जिसमें शिकायत भरे शब्दों में लिखा है कि बीते वर्ष की तरह इस वर्ष उसका जन्मदिन नहीं मनाया गया, इसलिए वह घर छोड़कर जा रही है। पत्र पढ़कर स्वजन भी सकते में आ गए।
सूचना मिलते ही सेक्टर-12 थाना की पुलिस हरकत में आई। थाना प्रभारी सुभाष चंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने किशोरी की तलाश शुरू की। आसपास के इलाकों में पूछताछ की गई, सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई। स्वजन भी दिन-रात बेटी की सलामती को लेकर परेशान रहे।


करीब 48 घंटे बाद रविवार को पुलिस को सूचना मिली कि किशोरी सेक्टर-3 मॉल के पास देखी गई है। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और किशोरी को सुरक्षित थाना लाया गया। पूछताछ के बाद उसे उसके स्वजनों के हवाले कर दिया गया। बेटी को सकुशल देखकर माता-पिता की आंखों में आंसू और चेहरे पर राहत साफ झलक रही थी।


थाना प्रभारी सुभाष चंद्र सिंह ने बताया कि किशोरी पूरी तरह सुरक्षित है और अब अपने परिवार के साथ है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सेक्टर-12 क्षेत्र से लापता एक अन्य महिला के संबंध में भी महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और पुलिस जल्द ही उसे भी उसके घर पहुंचा देगी।


इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि बच्चों की भावनाओं को समझना कितना जरूरी है—छोटी-सी अनदेखी भी बड़ा कदम उठाने की वजह बन सकती है।
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