फिनफ्लुएंसर अनुपम गुप्ता Loan Fraud के हुए शिकार, बिना लोन लिए पैसा चुकाने को लेकर आने लगे कॉल
फिनफ्लुएंसर अनुपम गुप्ता Loan Fraud के हुए शिकार, बिना लोन लिए पैसा चुकाने को लेकर आने लगे कॉल
डिजिटल समय में साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। इसी कड़ी में लोन फ्रॉड के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है। हाल ही में एक फाइनेंशियल इंफ्लूएंसर अनुपम गुप्ता (Finfluencer Anupam Gupta) भी एक लोन फ्रॉड के शिकार बने। उनका नाम और पता बिना उनकी जानकारी के लोन लेने के लिए इस्तेमाल किया गया।

डिजिटल समय में साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। इसी कड़ी में लोन फ्रॉड के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है। हाल ही में एक फाइनेंशियल इंफ्लूएंसर अनुपम गुप्ता (Finfluencer Anupam Gupta) भी एक लोन फ्रॉड के शिकार बने। उनका नाम और पता बिना उनकी जानकारी के लोन लेने के लिए इस्तेमाल किया गया।

डिजिटल समय में साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। इसी कड़ी में लोन फ्रॉड के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है। हाल ही में एक फाइनेंशियल इंफ्लूएंसर अनुपम गुप्ता (Finfluencer Anupam Gupta) भी एक लोन फ्रॉड के शिकार बने।
उनका नाम और पता बिना उनकी जानकारी के लोन लेने के लिए इस्तेमाल किया गया। इतना ही नहीं, इसके बाद इस लोन जो उन्होंने लिया ही नहीं था, उसके लिए उन्हें मोबिक्विक एजेंटों द्वारा लगातार कॉल किया जाने लगा।
फिलहाल, मोबिक्विक ने मामले की गंभीरता को समझते हुए इसे कुछ समय के लिए टाल दिया है।
हालांकि, सवाल यह कि अगर एक चार्टर्ड अकाउंटेंट भी इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं तो आम आदमी के लिए इस तरह के धोखे की पहचान करना कितना मुश्किल होगा।
लोन फ्रॉड से जुड़ा क्या था पूरा मामला
अनुपम गुप्ता ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल से इस लोन फ्रॉड को लेकर पूरी जानकारी दी है। वे एक स्क्रीनशॉट को शेयर करते हुए बताते हैं कि 13 मार्च को उनके नाम पर एक कंपनी 30 हजार रुपये का लोन लेती है।

ऐसी कंपनी जिससे कि अनुपम का कोई लेना-देना ही नहीं था, ने इस लोन के लिए अनुपम का नाम और पता इस्तेमाल किया।
पहले ही मिल गया था रेड फ्लैग
अनुपम ने एक दूसरे स्क्रीनशॉट के साथ बताया कि इस लोन के बाद 28 अप्रैल को उन्हें लोन का पैसा चुकाने के लिए कॉल और वॉट्सऐप मैसेज आने लगे।
(1).jpg)
मोबिक्विक एजेंट ने उनसे पैसा चुकाने को कहा तो वे चौंक गए, उन्होंने डिटेल्स मांगी तो उन्हें उनके नाम पर लोन लिए जाने की जानकारी मिली।
इसके बाद अनुपम ने यूपीआई नंबर की डिटेल मांगी, जिस पर लोन की रकम ट्रांसफर की गई थी तो उन्होंने पाया कि यह नंबर उनका था ही नहीं। इसके बाद अनुपम ने उनके नाम पर हुए लोन फ्रॉड को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
अनुपम ने बताया कि उन्हें कुछ समय पहले एक सिबिल नोटिफिकेशन जरूर मिला था कि उनके अकाउंट पर लोन लिया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने इसे नजरअंदाज कर दिया।
उनका नाम और पता बिना उनकी जानकारी के लोन लेने के लिए इस्तेमाल किया गया। इतना ही नहीं, इसके बाद इस लोन जो उन्होंने लिया ही नहीं था, उसके लिए उन्हें मोबिक्विक एजेंटों द्वारा लगातार कॉल किया जाने लगा।
फिलहाल, मोबिक्विक ने मामले की गंभीरता को समझते हुए इसे कुछ समय के लिए टाल दिया है।
हालांकि, सवाल यह कि अगर एक चार्टर्ड अकाउंटेंट भी इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं तो आम आदमी के लिए इस तरह के धोखे की पहचान करना कितना मुश्किल होगा।
लोन फ्रॉड से जुड़ा क्या था पूरा मामला
अनुपम गुप्ता ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल से इस लोन फ्रॉड को लेकर पूरी जानकारी दी है। वे एक स्क्रीनशॉट को शेयर करते हुए बताते हैं कि 13 मार्च को उनके नाम पर एक कंपनी 30 हजार रुपये का लोन लेती है।

ऐसी कंपनी जिससे कि अनुपम का कोई लेना-देना ही नहीं था, ने इस लोन के लिए अनुपम का नाम और पता इस्तेमाल किया।
पहले ही मिल गया था रेड फ्लैग
अनुपम ने एक दूसरे स्क्रीनशॉट के साथ बताया कि इस लोन के बाद 28 अप्रैल को उन्हें लोन का पैसा चुकाने के लिए कॉल और वॉट्सऐप मैसेज आने लगे।
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मोबिक्विक एजेंट ने उनसे पैसा चुकाने को कहा तो वे चौंक गए, उन्होंने डिटेल्स मांगी तो उन्हें उनके नाम पर लोन लिए जाने की जानकारी मिली।
इसके बाद अनुपम ने यूपीआई नंबर की डिटेल मांगी, जिस पर लोन की रकम ट्रांसफर की गई थी तो उन्होंने पाया कि यह नंबर उनका था ही नहीं। इसके बाद अनुपम ने उनके नाम पर हुए लोन फ्रॉड को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
अनुपम ने बताया कि उन्हें कुछ समय पहले एक सिबिल नोटिफिकेशन जरूर मिला था कि उनके अकाउंट पर लोन लिया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने इसे नजरअंदाज कर दिया।
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