करियर काउंसिलिंग : हाईस्कूल में व्याख्याता ने बच्चों को दी गाइडेंस, बोले- लक्ष्य और रुचि के अनुसार करें विषय का चयन
करियर काउंसिलिंग : हाईस्कूल में व्याख्याता ने बच्चों को दी गाइडेंस, बोले- लक्ष्य और रुचि के अनुसार करें विषय का चयन
व्याख्याता भुवन लाल साहू के द्वारा दसवीं पास विद्यार्थियों के विषय चयन करने के लिए काउंसेलिंग क्लास का आयोजन किया गया।

विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए व्याख्याता
बेमेतरा। दसवीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित हो चुके हैं। इसके बाद विद्यार्थियों को कक्षा ग्यारहवीं में आगे की पढ़ाई के लिए विषय का चयन करना होता है जिसके लिए वे असमंजस में रहते हैं कि, कौन से विषय का चयन करें। इसी का ध्यान रखते हुए बेरला विकासखंड के शासकीय हाईस्कूल लावातरा के व्याख्याता भुवन लाल साहू के द्वारा दसवीं पास विद्यार्थियों के विषय चयन करने के लिए काउंसेलिंग क्लास का आयोजन किया गया।
इस आयोजन में विद्यार्थियों को बताया गया कि, कक्षा दसवीं तक सभी विद्यार्थी एक समान विषय का अध्ययन करते हैं लेकिन दसवीं के बाद उन्हें विषय का चयन करना होता है। जो विद्यार्थी जीवन और करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। इस समय सोच-विचार कर निर्णय लेना आवश्यक होता है। विद्यार्थी जल्दबाजी में या पालकों के दबाव में या अपने दोस्तों के बहकावे में आकर ऐसे विषय का चयन कर लेते हैं जिसमें उनकी रुचि नहीं होती है। इस वजह से ही वह विषय को अच्छे से पढ़ नहीं पाते हैं जिससे उनके परीक्षा परिणामों पर भी प्रभाव पड़ता

व्याख्याता भुवन लाल साहू के द्वारा दसवीं पास विद्यार्थियों के विषय चयन करने के लिए काउंसेलिंग क्लास का आयोजन किया गया।

विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए व्याख्याता
बेमेतरा। दसवीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित हो चुके हैं। इसके बाद विद्यार्थियों को कक्षा ग्यारहवीं में आगे की पढ़ाई के लिए विषय का चयन करना होता है जिसके लिए वे असमंजस में रहते हैं कि, कौन से विषय का चयन करें। इसी का ध्यान रखते हुए बेरला विकासखंड के शासकीय हाईस्कूल लावातरा के व्याख्याता भुवन लाल साहू के द्वारा दसवीं पास विद्यार्थियों के विषय चयन करने के लिए काउंसेलिंग क्लास का आयोजन किया गया।
इस आयोजन में विद्यार्थियों को बताया गया कि, कक्षा दसवीं तक सभी विद्यार्थी एक समान विषय का अध्ययन करते हैं लेकिन दसवीं के बाद उन्हें विषय का चयन करना होता है। जो विद्यार्थी जीवन और करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। इस समय सोच-विचार कर निर्णय लेना आवश्यक होता है। विद्यार्थी जल्दबाजी में या पालकों के दबाव में या अपने दोस्तों के बहकावे में आकर ऐसे विषय का चयन कर लेते हैं जिसमें उनकी रुचि नहीं होती है। इस वजह से ही वह विषय को अच्छे से पढ़ नहीं पाते हैं जिससे उनके परीक्षा परिणामों पर भी प्रभाव पड़ता
है।

कक्षा में मौजूद विद्यार्थी
चयनित लक्ष्य के अनुसार ही विषय चुनें - व्याख्याता भुवन लाल
व्याख्याता भुवन लाल साहू ने विद्यार्थियों को बताया कि, हर विद्यार्थी को सबसे पहले अपने लक्ष्य का निर्धारण करना चाहिए। फिर लक्ष्य और रुचि को ध्यान में रखते हुए विषय का चयन करना चाहिए। ऐसा करने पर ही सफलता हाथ लग सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को कौन से विषय चयन करने पर कौन से करियर का ऑपशन मिलता है इसके बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। फिर उन्होंने कहा कि, विषय का चयन करते समय अपने जुनून और रूचियों पर विचार करें। यदि आप विज्ञान से प्यार करते हैं और कुछ नया करना चाहते हैं तो विज्ञान को चुनें। यदि आप संख्याओं का आनंद लेते हैं और व्यवसाय चलाने का सपना देखते हैं तो वाणिज्य चुनें और यदि आप लोगों और समाज को समझने में रुचि रखते हैं तो कला या मानविकी चुन सकते हैं। विद्यार्थी अपनी रुचि, क्षमता और व्यक्तित्व के मूल्यांकन पर आधारित विषय चयन करें। ऐसे विषय चयन और करियर निर्धारण के बाद यदि वे समर्पित परिश्रम और संकल्प के साथ करियर की डगर पर आगे बढ़ेंगे तो उन्हें सफलता जरूर मिलेगी।
चयनित लक्ष्य के अनुसार ही विषय चुनें - व्याख्याता भुवन लाल
व्याख्याता भुवन लाल साहू ने विद्यार्थियों को बताया कि, हर विद्यार्थी को सबसे पहले अपने लक्ष्य का निर्धारण करना चाहिए। फिर लक्ष्य और रुचि को ध्यान में रखते हुए विषय का चयन करना चाहिए। ऐसा करने पर ही सफलता हाथ लग सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को कौन से विषय चयन करने पर कौन से करियर का ऑपशन मिलता है इसके बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। फिर उन्होंने कहा कि, विषय का चयन करते समय अपने जुनून और रूचियों पर विचार करें। यदि आप विज्ञान से प्यार करते हैं और कुछ नया करना चाहते हैं तो विज्ञान को चुनें। यदि आप संख्याओं का आनंद लेते हैं और व्यवसाय चलाने का सपना देखते हैं तो वाणिज्य चुनें और यदि आप लोगों और समाज को समझने में रुचि रखते हैं तो कला या मानविकी चुन सकते हैं। विद्यार्थी अपनी रुचि, क्षमता और व्यक्तित्व के मूल्यांकन पर आधारित विषय चयन करें। ऐसे विषय चयन और करियर निर्धारण के बाद यदि वे समर्पित परिश्रम और संकल्प के साथ करियर की डगर पर आगे बढ़ेंगे तो उन्हें सफलता जरूर मिलेगी।
Labels
States
Post A Comment
No comments :