RBI ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों को दिया निर्देश, कहा लोन संबंधी सभी प्रमुख तथ्यों का दें विवरण
RBI ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों को दिया निर्देश, कहा लोन संबंधी सभी प्रमुख तथ्यों का दें विवरण
आरबीआई ने कहा कि विभिन्न रेगुलेटेड इकाइयों की ओर से पेश किए जा रहे वित्तीय उत्पादों पर पारदर्शिता बढ़ाने और सूचना में भिन्नता को कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है। केएफएस लोन समझौते के मुख्य तथ्यों का एक विवरण है जिससे समझौते को सरल और आसान भाषा में समझा जा सकता है। इसे लोन लेने वालों को एक मानक रूप में प्रदान किया जाता है।

आरबीआई ने कहा कि विभिन्न रेगुलेटेड इकाइयों की ओर से पेश किए जा रहे वित्तीय उत्पादों पर पारदर्शिता बढ़ाने और सूचना में भिन्नता को कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है। केएफएस लोन समझौते के मुख्य तथ्यों का एक विवरण है जिससे समझौते को सरल और आसान भाषा में समझा जा सकता है। इसे लोन लेने वालों को एक मानक रूप में प्रदान किया जाता है।

RBI ने सभी बैंकों और वित्तीय संस्थानों को दिया निर्देश
आरबीआई ने सोमवार को सभी बैंकों और वित्तीय संस्थानों को निर्देश दिया कि वे लोन लेने वाले खुदरा ग्राहकों और एमएसएमई को एक अक्टूबर से सभी प्रमुख तथ्यों का विवरण (केएफएस) उपलब्ध कराएं। इसमें लोन समझौता नियमों से लेकर ब्याज की लागत शामिल है। अभी वाणिज्यिक बैंकों, आरबीआई रेगुलेटेड डिजिटल कर्ज देने वाली इकाइयां (आरई) और माइक्रोफाइनेंस कंपनियों से खुदरा लोन लेने वाले लोगों को प्रमुख तथ्यों का विवरण दिया जाना अनिवार्य है।
सभी प्रमुख तथ्यों का विवरण दें बैंक

आरबीआई ने कहा कि विभिन्न रेगुलेटेड इकाइयों की ओर से पेश किए जा रहे वित्तीय उत्पादों पर पारदर्शिता बढ़ाने और सूचना में भिन्नता को कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है। केएफएस लोन समझौते के मुख्य तथ्यों का एक विवरण है जिससे समझौते को सरल और आसान भाषा में समझा जा सकता है। इसे लोन लेने वालों को एक मानक रूप में प्रदान किया जाता है।
आरबीआई ने कहा है कि सभी वित्तीय संस्थानों को इन नियमों का पालन करने के लिए आवश्यक प्रणाली और लागू करने के संबंध में गाइडलाइंस जल्द लागू करनी होंगी। नए नियम एक अक्टूबर के बाद लिए जाने वाले सभी नए और मौजूदा ग्राहकों की ओर से लिए जाने वाले लोन पर लागू होंगे।
आरबीआई का कहना है कि थर्ड पार्टी सेवा प्रदाता के पक्ष में लिए जाने वाले किसी भी शुल्क की सूचना भी अलग से दी जाए। यह नियम क्रेडिट कार्ड पर लागू नहीं होंगे।
आरबीआई ने सोमवार को सभी बैंकों और वित्तीय संस्थानों को निर्देश दिया कि वे लोन लेने वाले खुदरा ग्राहकों और एमएसएमई को एक अक्टूबर से सभी प्रमुख तथ्यों का विवरण (केएफएस) उपलब्ध कराएं। इसमें लोन समझौता नियमों से लेकर ब्याज की लागत शामिल है। अभी वाणिज्यिक बैंकों, आरबीआई रेगुलेटेड डिजिटल कर्ज देने वाली इकाइयां (आरई) और माइक्रोफाइनेंस कंपनियों से खुदरा लोन लेने वाले लोगों को प्रमुख तथ्यों का विवरण दिया जाना अनिवार्य है।
सभी प्रमुख तथ्यों का विवरण दें बैंक

आरबीआई ने कहा कि विभिन्न रेगुलेटेड इकाइयों की ओर से पेश किए जा रहे वित्तीय उत्पादों पर पारदर्शिता बढ़ाने और सूचना में भिन्नता को कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है। केएफएस लोन समझौते के मुख्य तथ्यों का एक विवरण है जिससे समझौते को सरल और आसान भाषा में समझा जा सकता है। इसे लोन लेने वालों को एक मानक रूप में प्रदान किया जाता है।
आरबीआई ने कहा है कि सभी वित्तीय संस्थानों को इन नियमों का पालन करने के लिए आवश्यक प्रणाली और लागू करने के संबंध में गाइडलाइंस जल्द लागू करनी होंगी। नए नियम एक अक्टूबर के बाद लिए जाने वाले सभी नए और मौजूदा ग्राहकों की ओर से लिए जाने वाले लोन पर लागू होंगे।
आरबीआई का कहना है कि थर्ड पार्टी सेवा प्रदाता के पक्ष में लिए जाने वाले किसी भी शुल्क की सूचना भी अलग से दी जाए। यह नियम क्रेडिट कार्ड पर लागू नहीं होंगे।
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