बस्तर में मतदान दलों की तैनाती शुरू : अतिरिक्त फोर्स की होगी तैनाती, दो एयर एम्बुलेंस भी होंगे उपलब्ध
बस्तर में मतदान दलों की तैनाती शुरू : अतिरिक्त फोर्स की होगी तैनाती, दो एयर एम्बुलेंस भी होंगे उपलब्ध
बस्तर संसदीय सीट पर 19 अप्रैल को मतदान होना है, जिसको लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है। अंदरुनी क्षेत्रों के लिए मतदान दलों की रवानगी कल से ही शुरू हो जाएगी।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के लोकसभा चुनाव में पहले चरण के मतदान में एक मात्र बस्तर सीट पर चुनाव होना है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में चुनाव कराना आयोग के लिए बड़ी चुनौती है। यहां 19 अप्रैल को मतदान होना है लेकिन अंदरुनी क्षेत्रों के लिए मतदान दलों की रवानगी कल से ही शुरू हो जाएगी।
बस्तर में मतदान को लेकर राजधानी स्थित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में राज्य के उप निर्वाचन पदाधिकारी शैलाभ साहू ने आज मिडिया को जानकारी दी। श्री साहू ने बताया कि, बस्तर नक्सल प्रभावित क्षेत्र है इसलिए चुनाव आयोग ने यहां 2 एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की है। जो किसी भी अप्रिय स्थिति में तत्काल चुनाव कार्य में लगे कर्मचारियों और फोर्स के लिए मौजूद रहेगी।
अतिरिक्त फोर्स की होगी तैनाती
चुनाव आयोग के अफसरों की मानें तो बस्तर में शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान दलों की रवानगी होगी। मतदान केंद्रों के आसपास पहले से सर्चिंग चल रही है। चुनाव के लिए अतिरिक्त फोर्स की तैनाती भी की गई है। विश्वस्त सूत्रों की मानें तो बस्तर के कई हिस्सों में मतदान दलों को हेलिकॉप्टर से पहुंचाया जाएगा।
वाहनों में लगाए जाएंगे जीपीएस डिवाईस
लोकसभा निर्वाचन 2024 के लिए प्रथम चरण में 159 मतदान केंद्र और द्वितीय चरण के कुल 112 मतदान केंद्र संवेदनशील के रूप में चिन्हित किए गए हैं। प्रथम चरण के लिए 69 रनर तथा द्वितीय चरण के लिए 132 रनर की व्यवस्था की गई है। सेक्टर आफिसर एवं ईवीएम, वीवीपैट के परिवहन के लिए कुल 11644 वाहनों में जीपीएस लगाए जा रहे हैं। अब तक प्रथम चरण के 6 जिलों के 1021 वाहनों में से 274 वाहनों में जीपीएस डिवाइस स्थापित की जा चुकी है।
बस्तर संसदीय सीट पर 19 अप्रैल को मतदान होना है, जिसको लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है। अंदरुनी क्षेत्रों के लिए मतदान दलों की रवानगी कल से ही शुरू हो जाएगी।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के लोकसभा चुनाव में पहले चरण के मतदान में एक मात्र बस्तर सीट पर चुनाव होना है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में चुनाव कराना आयोग के लिए बड़ी चुनौती है। यहां 19 अप्रैल को मतदान होना है लेकिन अंदरुनी क्षेत्रों के लिए मतदान दलों की रवानगी कल से ही शुरू हो जाएगी।
बस्तर में मतदान को लेकर राजधानी स्थित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में राज्य के उप निर्वाचन पदाधिकारी शैलाभ साहू ने आज मिडिया को जानकारी दी। श्री साहू ने बताया कि, बस्तर नक्सल प्रभावित क्षेत्र है इसलिए चुनाव आयोग ने यहां 2 एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की है। जो किसी भी अप्रिय स्थिति में तत्काल चुनाव कार्य में लगे कर्मचारियों और फोर्स के लिए मौजूद रहेगी।
अतिरिक्त फोर्स की होगी तैनाती
चुनाव आयोग के अफसरों की मानें तो बस्तर में शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान दलों की रवानगी होगी। मतदान केंद्रों के आसपास पहले से सर्चिंग चल रही है। चुनाव के लिए अतिरिक्त फोर्स की तैनाती भी की गई है। विश्वस्त सूत्रों की मानें तो बस्तर के कई हिस्सों में मतदान दलों को हेलिकॉप्टर से पहुंचाया जाएगा।
वाहनों में लगाए जाएंगे जीपीएस डिवाईस
लोकसभा निर्वाचन 2024 के लिए प्रथम चरण में 159 मतदान केंद्र और द्वितीय चरण के कुल 112 मतदान केंद्र संवेदनशील के रूप में चिन्हित किए गए हैं। प्रथम चरण के लिए 69 रनर तथा द्वितीय चरण के लिए 132 रनर की व्यवस्था की गई है। सेक्टर आफिसर एवं ईवीएम, वीवीपैट के परिवहन के लिए कुल 11644 वाहनों में जीपीएस लगाए जा रहे हैं। अब तक प्रथम चरण के 6 जिलों के 1021 वाहनों में से 274 वाहनों में जीपीएस डिवाइस स्थापित की जा चुकी है।
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