सरकार उन देशों से निवेश चाहती है जहां रेगुलेटरी ढांचा मजबूत, सिंगापुर-यूएई को भी आगे मिल सकती है छूट: विशेषज्ञ
बजट में घोषित एंजल टैक्स का दायरा सीमित करते हुए सरकार ने 21 देशों को इससे छूट दे दी है। इनमें अमेरिका यूके फ्रांस जापान ऑस्ट्रेलिया जर्मनी कनाडा जैसे देश शामिल हैं। हालांकि मॉरीशस सिंगापुर जैसे टैक्स हैवेन समझे जाने वाले देशों के निवेशकों पर यह टैक्स लागू रहेगा।
सरकार उन देशों से निवेश चाहती है जहां रेगुलेटरी ढांचा मजबूत, सिंगापुर-यूएई को भी आगे मिल सकती है छूट: विशेषज्ञ
प्राइम टीम, नई दिल्ली। बीते आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्टार्टअप्स के लिए कई ऐलान किए थे, लेकिन विदेशी निवेशकों पर एंजेल टैक्स लगाने की एक घोषणा सब पर भारी पड़ गई थी। हालांकि, तीन महीने के भीतर ही सरकार ने प्रस्तावित एंजेल टैक्स के दायरे को छोटा करते हुए 21 देशों के निवेशकों को इससे छूट प्रदान कर दी है। इनमें अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, जापान, दक्षिण कोरिया, इजरायल के अलावा यूरोप के 14 देश शामिल हैं। हालांकि, देश में एफडीआई के प्रमुख स्रोत मॉरीशस, सिंगापुर और यूएई इस सूची में शामिल नहीं हैं। यानी टैक्स हैवेन समझे जाने वाले देशों के निवेशकों पर यह टैक्स लागू रहेगा।
सरकार उन देशों से निवेश चाहती है जहां रेगुलेटरी ढांचा मजबूत, सिंगापुर-यूएई को भी आगे मिल सकती है छूट: विशेषज्ञप्राइम टीम, नई दिल्ली। बीते आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्टार्टअप्स के लिए कई ऐलान किए थे, लेकिन विदेशी निवेशकों पर एंजेल टैक्स लगाने की एक घोषणा सब पर भारी पड़ गई थी। हालांकि, तीन महीने के भीतर ही सरकार ने प्रस्तावित एंजेल टैक्स के दायरे को छोटा करते हुए 21 देशों के निवेशकों को इससे छूट प्रदान कर दी है। इनमें अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, जापान, दक्षिण कोरिया, इजरायल के अलावा यूरोप के 14 देश शामिल हैं। हालांकि, देश में एफडीआई के प्रमुख स्रोत मॉरीशस, सिंगापुर और यूएई इस सूची में शामिल नहीं हैं। यानी टैक्स हैवेन समझे जाने वाले देशों के निवेशकों पर यह टैक्स लागू रहेगा।
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