कभी खलनायक तो कभी पुजारी... पंकज कपूर के ये 10 किरदार हैं अभिनय की पाठशाला
पंकज कपूर ने अपने करियर में एक से बढ़कर एक किरदार निभाये हैं। जिस सरलता के साथ वो किरदार में उतरते हैं वो हैरान करता है साथ ही एक प्रेरणा भी है। जन्मदिन पर उनकी 10 बेस्ट परफॉर्मेंसेज।
Pankaj Kapur Birthday: कभी खलनायक तो कभी पुजारी... पंकज कपूर के ये 10 किरदार हैं अभिनय की पाठशाला
हिंदी सिनेमा में बहुत कम कलाकार ऐसे हैं, जिन्होंने अपने किरदारों से अपने अभिनय को परिभाषित किया है। उनके किरदारों की पहचान उनके नाम से आगे चलती है। पंकज कपूर ऐसे ही कलाकारों में शामिल हैं।
परदा छोटा हो या बड़ा, पंकज ने हर जगह अपनी छाप छोड़ी। करमचंद जासूस, मुंगेरीलाल के हसीन सपने, ऑफिस ऑफिस हो या फिर जाने भी दो यारों, मंडी मोहन जोशी हाजिर हो, तमस, रोजा और पिछली फिल्म भीड़... पंकज कपूर ने हर किरदार में जान फूंक दी।
29 मई 1954 को पंजाब में जन्मे पंकज को बचपन से एक्टिंग का शौक था। इसलिए उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से एक्टिंग सीखी और एक्टर बनने मायानगरी पहुंच गए। उन्होंने साल 1982 में श्याम बेनेगल की फिल्म 'आरोहण' से डेब्यू किया था।
पंकज कपूर ने अपने 4 दशक के करियर में कई यादगार किरदार निभाए हैं। आइए, आपको उनकी 10 बेस्ट परफॉर्मेंसेज के बारे में बताते हैं।
जब पंकज कपूर को बनना पड़ा 'बेइमान'!
1983 में आई फिल्म 'जाने भी दो यारों' को कुंदन शाह ने डायरेक्ट किया था। लीड रोल में थे नसीरुद्दीन शाह, नीना गुप्ता, ओम पुरी, सतीश शाह, सतीश कौशिक और पंकज कपूर। फिल्म में एक्टर ने एक बेइमान बिल्डर तरनेजा का किरदार निभाया था, जो एक ऑफिसर का खून कर देता है। पंकज ने इस किरदार को बहुत अच्छे से पर्दे पर उतारा था।
किस फिल्म में डॉक्टर बने थे पंकज कपूर?
नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के प्रोडक्शन में बनी फिल्म 'एक डॉक्टर की मौत' में पंकज कपूर ने डॉ. दीपांकर रॉय का किरदार निभाया था। यह फिल्म डॉ. सुभाष मुखोपाध्याय के जीवन पर आधारित थी। जिन्हें इंटरनेशनल मेडिकल कम्युनिटी में वह सम्मान नहीं मिला था, जिसके वह हकदार थे। पंकज ने एक बार फिर साबित कर दिया था कि उनमें एक्टिंग का कीड़ा है। क्रिटिक्स से लेकर फैंस तक ने उनकी एक्टिंग की खूब तारीफ की थी।
पंकज कपूर का सबसे बेस्ट परफॉर्मेंस कौन सी है?
जब भी बात पंकज कपूर की बेस्ट परफॉर्मेंस की आएगी, तब उनके मुसद्दीलाल के किरदार को जरूर याद किया जाएगा। उन्होंने टीवी शो 'ऑफिस ऑफिस' में अपने किरदार से ऑडियंस को हंसा-हंसाकर लोट-पोट कर दिया था। फनी शो में पंकज ने अपने सेंस ऑफ ह्यूमर की वजह से खूब वाहवाही बटोरी थी। 2001 में आए इस शो को 2020 में लॉकडाउन में फिर से टेलीकास्ट किया गया था।
जब पंकज कपूर को याद आए अपने बुरे कर्म!
1989 में आई फिल्म 'कमला की मौत' में पंकज कपूर ने सुधाकर पटेल का किरदार निभाया था। फिल्म में एक महिला की मौत हो जाती है, जिसके बाद सभी को अपने बुरे कर्म याद आ जाते हैं। इसमें सबसे ज्यादा खराब पास्ट सुधाकर का ही होता है, क्योंकि उसने कई महिलाओं के साथ नाजायज संबंध बनाया था।
Pankaj Kapur Birthday: कभी खलनायक तो कभी पुजारी... पंकज कपूर के ये 10 किरदार हैं अभिनय की पाठशालाहिंदी सिनेमा में बहुत कम कलाकार ऐसे हैं, जिन्होंने अपने किरदारों से अपने अभिनय को परिभाषित किया है। उनके किरदारों की पहचान उनके नाम से आगे चलती है। पंकज कपूर ऐसे ही कलाकारों में शामिल हैं।
परदा छोटा हो या बड़ा, पंकज ने हर जगह अपनी छाप छोड़ी। करमचंद जासूस, मुंगेरीलाल के हसीन सपने, ऑफिस ऑफिस हो या फिर जाने भी दो यारों, मंडी मोहन जोशी हाजिर हो, तमस, रोजा और पिछली फिल्म भीड़... पंकज कपूर ने हर किरदार में जान फूंक दी।
29 मई 1954 को पंजाब में जन्मे पंकज को बचपन से एक्टिंग का शौक था। इसलिए उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से एक्टिंग सीखी और एक्टर बनने मायानगरी पहुंच गए। उन्होंने साल 1982 में श्याम बेनेगल की फिल्म 'आरोहण' से डेब्यू किया था।
पंकज कपूर ने अपने 4 दशक के करियर में कई यादगार किरदार निभाए हैं। आइए, आपको उनकी 10 बेस्ट परफॉर्मेंसेज के बारे में बताते हैं।
जब पंकज कपूर को बनना पड़ा 'बेइमान'!
1983 में आई फिल्म 'जाने भी दो यारों' को कुंदन शाह ने डायरेक्ट किया था। लीड रोल में थे नसीरुद्दीन शाह, नीना गुप्ता, ओम पुरी, सतीश शाह, सतीश कौशिक और पंकज कपूर। फिल्म में एक्टर ने एक बेइमान बिल्डर तरनेजा का किरदार निभाया था, जो एक ऑफिसर का खून कर देता है। पंकज ने इस किरदार को बहुत अच्छे से पर्दे पर उतारा था।
किस फिल्म में डॉक्टर बने थे पंकज कपूर?
नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के प्रोडक्शन में बनी फिल्म 'एक डॉक्टर की मौत' में पंकज कपूर ने डॉ. दीपांकर रॉय का किरदार निभाया था। यह फिल्म डॉ. सुभाष मुखोपाध्याय के जीवन पर आधारित थी। जिन्हें इंटरनेशनल मेडिकल कम्युनिटी में वह सम्मान नहीं मिला था, जिसके वह हकदार थे। पंकज ने एक बार फिर साबित कर दिया था कि उनमें एक्टिंग का कीड़ा है। क्रिटिक्स से लेकर फैंस तक ने उनकी एक्टिंग की खूब तारीफ की थी।
पंकज कपूर का सबसे बेस्ट परफॉर्मेंस कौन सी है?
जब भी बात पंकज कपूर की बेस्ट परफॉर्मेंस की आएगी, तब उनके मुसद्दीलाल के किरदार को जरूर याद किया जाएगा। उन्होंने टीवी शो 'ऑफिस ऑफिस' में अपने किरदार से ऑडियंस को हंसा-हंसाकर लोट-पोट कर दिया था। फनी शो में पंकज ने अपने सेंस ऑफ ह्यूमर की वजह से खूब वाहवाही बटोरी थी। 2001 में आए इस शो को 2020 में लॉकडाउन में फिर से टेलीकास्ट किया गया था।
जब पंकज कपूर को याद आए अपने बुरे कर्म!
1989 में आई फिल्म 'कमला की मौत' में पंकज कपूर ने सुधाकर पटेल का किरदार निभाया था। फिल्म में एक महिला की मौत हो जाती है, जिसके बाद सभी को अपने बुरे कर्म याद आ जाते हैं। इसमें सबसे ज्यादा खराब पास्ट सुधाकर का ही होता है, क्योंकि उसने कई महिलाओं के साथ नाजायज संबंध बनाया था।
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Mirchmasala
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