ब्राजील की सड़कों पर जमकर हो रहे उत्पात पर दंगे जैसे हालात
Brazil: पूर्व राष्ट्रपति बोलसोनारो के समर्थकों ने संसद भवन-SC में बोला धावा, PM मोदी ने जताई चिंता

Brazil News जायर बोलसोनारो के समर्थक नए राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा के शपथ लेने के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सैकड़ों प्रदर्शनकारी ब्राजील के राष्ट्रपति भवन और सुप्रीम कोर्ट में घुस गए। पीएम नरेंद्र मोदी ने इन हालातों पर चिंता जताई है।
Jair Bolsonaro supporters Attack Presidential Palace: ब्राजील की सड़कों पर जमकर हो रहे उत्पात पर दंगे जैसे हालात पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने चिंता जताई है। यहां पूर्व राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो (Jair Bolsonaro) के समर्थक राजधानी ब्रासीलिया में जमकर उत्पाद मचा रहे हैं। बोलसोनारो के समर्थक नए राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा के शपथ लेने के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। यहां तक कि सैकड़ों प्रदर्शनकारी ब्राजील कांग्रेस (संसद भवन), राष्ट्रपति भवन और सुप्रीम कोर्ट में घुस गए।
'लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करना चाहिए'
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ब्रासीलिया में सरकारी संस्थानों के खिलाफ दंगे और तोड़-फोड़ की खबरों से बेहद चिंतित हूं। लोकतांत्रिक परंपराओं का सभी को सम्मान करना चाहिए। हम ब्राजील के अधिकारियों को अपना पूरा समर्थन देते हैं।''
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने भी ब्राजील के राष्ट्रपति भवन, संसद भवन और सुप्रीम कोर्ट पर हुए हमले की निंदा की है। राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा कि मैं ब्राजील में लोकतंत्र पर हमले की निंदा करता हूं। ब्राजील की लोकतांत्रिक संस्थाओं को हमारा पूरा समर्थन है। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थानों पर हमला करने के लिए हिंसा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
संसद भवन में तोड़फोड़
बता दें कि ब्राजील में अक्टूबर में चुनाव हुए थे। इन चुनावों में बोलसोनारो को हार मिली थी। लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा के नेतृत्व में वामपंथी पार्टी ने जीत हासिल की थी। लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने तीसरी बार ब्राजील के राष्ट्रपति पद की शपथ ली। इसके बाद बोलसोनारो के समर्थकों ने चुनाव नतीजे मानने से इंकार कर दिया। बोलसोनारो के समर्थक सड़कों पर इकट्ठा हो गए। सुरक्षा घेरा तोड़कर संसद भवन, राष्ट्रपति भवन और सुप्रीम कोर्ट में घुस गए और जमकर उत्पात मचाया। प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन के दरवाजे और खिड़कियां तोड़ दीं। हालांकि, इसके बाद पुलिस ने 400 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया और सरकारी इमारतों को खाली कराया।

Brazil News जायर बोलसोनारो के समर्थक नए राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा के शपथ लेने के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सैकड़ों प्रदर्शनकारी ब्राजील के राष्ट्रपति भवन और सुप्रीम कोर्ट में घुस गए। पीएम नरेंद्र मोदी ने इन हालातों पर चिंता जताई है।
Jair Bolsonaro supporters Attack Presidential Palace: ब्राजील की सड़कों पर जमकर हो रहे उत्पात पर दंगे जैसे हालात पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने चिंता जताई है। यहां पूर्व राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो (Jair Bolsonaro) के समर्थक राजधानी ब्रासीलिया में जमकर उत्पाद मचा रहे हैं। बोलसोनारो के समर्थक नए राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा के शपथ लेने के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। यहां तक कि सैकड़ों प्रदर्शनकारी ब्राजील कांग्रेस (संसद भवन), राष्ट्रपति भवन और सुप्रीम कोर्ट में घुस गए।
'लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करना चाहिए'
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ब्रासीलिया में सरकारी संस्थानों के खिलाफ दंगे और तोड़-फोड़ की खबरों से बेहद चिंतित हूं। लोकतांत्रिक परंपराओं का सभी को सम्मान करना चाहिए। हम ब्राजील के अधिकारियों को अपना पूरा समर्थन देते हैं।''
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने भी ब्राजील के राष्ट्रपति भवन, संसद भवन और सुप्रीम कोर्ट पर हुए हमले की निंदा की है। राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा कि मैं ब्राजील में लोकतंत्र पर हमले की निंदा करता हूं। ब्राजील की लोकतांत्रिक संस्थाओं को हमारा पूरा समर्थन है। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थानों पर हमला करने के लिए हिंसा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
संसद भवन में तोड़फोड़
बता दें कि ब्राजील में अक्टूबर में चुनाव हुए थे। इन चुनावों में बोलसोनारो को हार मिली थी। लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा के नेतृत्व में वामपंथी पार्टी ने जीत हासिल की थी। लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने तीसरी बार ब्राजील के राष्ट्रपति पद की शपथ ली। इसके बाद बोलसोनारो के समर्थकों ने चुनाव नतीजे मानने से इंकार कर दिया। बोलसोनारो के समर्थक सड़कों पर इकट्ठा हो गए। सुरक्षा घेरा तोड़कर संसद भवन, राष्ट्रपति भवन और सुप्रीम कोर्ट में घुस गए और जमकर उत्पात मचाया। प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन के दरवाजे और खिड़कियां तोड़ दीं। हालांकि, इसके बाद पुलिस ने 400 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया और सरकारी इमारतों को खाली कराया।
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Videsh
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