'स्क्रीन टाइम और नशे की लत से बचाएं बचपन', शिक्षक दिवस पर PM मोदी का संदेश
'स्क्रीन टाइम और नशे की लत से बचाएं बचपन', शिक्षक दिवस पर PM मोदी का संदेश
पीएम मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं से बातचीत में शिक्षकों से बच्चों के समग्र विकास पर ध्यान देने और ...और पढ़ें

HIGHLIGHTS
पीएम मोदी ने शिक्षकों से बच्चों के समग्र विकास पर ध्यान देने को कहा
बच्चों में बढ़ते स्क्रीन टाइम और नशे की लत पर गहरी चिंता जताई
बच्चों को रचनात्मकता और मैदानी खेलों में शामिल करने पर जोर
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं से बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने शिक्षकों से पाठ्यपुस्तकों और तय पाठ्यक्रम से परे जाकर बच्चों के जीवन को समझने का आह्वान किया है। शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर पीएम मोदी ने बच्चों में बढ़ते 'स्क्रीन टाइम', वीडियो गेम की लत और मादक पदार्थों के सेवन पर गहरी चिंता जताई।
पीएम मोदी ने शिक्षकों से कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बच्चों के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। हमें किताबों और पाठ्यक्रम से बाहर निकलकर बच्चों के जीवन में गहराई से उतरने की जरूरत है। बचपन को जीवित रखने का सबसे बड़ा काम एक शिक्षक ही कर सकता है।
स्क्रीन टाइम और नशे की लत पर चिंता
अपनी बात को स्पष्ट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने बच्चों में तेजी से बढ़ती 'स्क्रीन टाइम' की लत और वीडियो गेम पर उनकी निर्भरता पर गहरी चिंता जताई। साथ ही मादक ड्रग्स के सेवन को गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि यह समस्या अब सिर्फ विश्वविद्यालयों या बड़े शहरों तक सीमित नहीं रही है, बल्कि छोटे इलाकों में भी पैर पसार रही है।
स्कीन टाइम की लत को लेकर जताई चिंता
प्रधानमंत्री ने कहा, “स्क्रीन टाइम अब एक तरह की लत बन गया है। बच्चों को वीडियो गेम के बजाय मैदान पर खेले जाने वाले खेलों की ओर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "अगर कोई बच्चा मैदानी खेलों में रुचि लेने लगे, तो वह धीरे-धीरे स्क्रीन की लत से बाहर आ सकता है।"
पीएम मोदी ने शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि हमें बच्चों को रचनात्मकता में यथासंभव शामिल करने की आदत डालनी चाहिए और इसके लिए कुछ कार्यक्रम तैयार करने चाहिए।
पीएम मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं से बातचीत में शिक्षकों से बच्चों के समग्र विकास पर ध्यान देने और ...और पढ़ें
HIGHLIGHTS
पीएम मोदी ने शिक्षकों से बच्चों के समग्र विकास पर ध्यान देने को कहा
बच्चों में बढ़ते स्क्रीन टाइम और नशे की लत पर गहरी चिंता जताई
बच्चों को रचनात्मकता और मैदानी खेलों में शामिल करने पर जोर
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं से बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने शिक्षकों से पाठ्यपुस्तकों और तय पाठ्यक्रम से परे जाकर बच्चों के जीवन को समझने का आह्वान किया है। शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर पीएम मोदी ने बच्चों में बढ़ते 'स्क्रीन टाइम', वीडियो गेम की लत और मादक पदार्थों के सेवन पर गहरी चिंता जताई।
पीएम मोदी ने शिक्षकों से कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बच्चों के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। हमें किताबों और पाठ्यक्रम से बाहर निकलकर बच्चों के जीवन में गहराई से उतरने की जरूरत है। बचपन को जीवित रखने का सबसे बड़ा काम एक शिक्षक ही कर सकता है।
स्क्रीन टाइम और नशे की लत पर चिंता
अपनी बात को स्पष्ट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने बच्चों में तेजी से बढ़ती 'स्क्रीन टाइम' की लत और वीडियो गेम पर उनकी निर्भरता पर गहरी चिंता जताई। साथ ही मादक ड्रग्स के सेवन को गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि यह समस्या अब सिर्फ विश्वविद्यालयों या बड़े शहरों तक सीमित नहीं रही है, बल्कि छोटे इलाकों में भी पैर पसार रही है।
स्कीन टाइम की लत को लेकर जताई चिंता
प्रधानमंत्री ने कहा, “स्क्रीन टाइम अब एक तरह की लत बन गया है। बच्चों को वीडियो गेम के बजाय मैदान पर खेले जाने वाले खेलों की ओर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "अगर कोई बच्चा मैदानी खेलों में रुचि लेने लगे, तो वह धीरे-धीरे स्क्रीन की लत से बाहर आ सकता है।"
पीएम मोदी ने शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि हमें बच्चों को रचनात्मकता में यथासंभव शामिल करने की आदत डालनी चाहिए और इसके लिए कुछ कार्यक्रम तैयार करने चाहिए।
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