RINL ने हटाई CISF की सेवा, 1331 अधिकारी व जवानों का होगा तबादला; SAIL में भी सुरक्षा की समीक्षा
RINL ने हटाई CISF की सेवा, 1331 अधिकारी व जवानों का होगा तबादला; SAIL में भी सुरक्षा की समीक्षा
राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) ने वित्तीय संतुलन बनाए रखने के लिए विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र से CISF सुरक्षा हटाने का फैसला किया है, जिससे 1,331 कर्मियों का तबादला होगा। SAIL भी चोरी की घटनाओं के बाद अपनी इकाइयों में CISF सुरक्षा की समीक्षा कर रहा है।

विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र से हटाई जाएगी सीआईएसएफ की सुरक्षा।
RINL ने विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र से CISF सुरक्षा हटाई।
वित्तीय संतुलन बनाए रखने के लिए लिया गया यह निर्णय।
SAIL भी अपनी इकाइयों में CISF सुरक्षा की समीक्षा कर रहा।
संवाददाता, बोकारो। इस्पात मंत्रालय की नवरत्न कंपनी राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड ने एक अहम फैसला लेते हुए अपने विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र की सुरक्षा सीआईएसएफ के हाथों से वापस ले ली है।
इसके साथ ही विशाखापत्तनम इकाई में कार्यरत सीआईएसएफ के कुल 1,331 अधिकारी व जवानों की तैनाती दूसरे अन्य इकाई में करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इनमें 1033 सीआईएसएफ कर्मी सिक्योरिटी विंग के हैं, जबकि 298 फायर विंग के हैं। आरआईएनएल प्रबंधन ने यह निर्णय अपने वित्तीय खजाने पर संतुलन बनाए रखने के लिए किया है।
विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र से सीआईएसएफ की इकाई को भंग करने का आदेश केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी कर दिया गया है। बता दें कि सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन इसी माह 15 व 16 अगस्त को अपने दो दिवसीय दौरे पर विशाखापत्तनम स्टील प्लांट गए थे।
जहां उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, परिचालन की तैयारी और प्रशिक्षण मानकों का अध्ययन कर आरआईएनएल के सीएमडी एमएनवीएस प्रभाकर के साथ बैठक कर संपत्ति की सुरक्षा पर रणनीति तैयार किये थे। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से यहां सीआईएसएफ की इकाई को भंग करने का आदेश जारी कर दिया गया।
बकाया भुगतान का मिला एनओसी
विशाखापत्तनम स्टील प्लांट की इकाई में तैनात सीआईएसएफ कर्मियों को उनके सभी बकाए रकम का भुगतान आरआईएनएल कंपनी प्रबंधन की ओर से कर दिया गया है। इसके लिए दिल्ली मुख्यालय ने संबंधित सेक्टर के महानिरीक्षक से राशि भुगतान के संदर्भ में एनओसी देने की बात कही है।
अब जैसे ही दिल्ली मुख्यालय को एनओसी का प्रमाण पत्र दे दिया जाएगा, यहां कार्यरत सीआईएसएफ के अधिकारी व जवानों का तबादला साउथ सेक्टर या अन्य सेक्टर की इकाई में कर दी जाएगी।
बता दें कि आरआईएनएल के साथ महारत्न कंपनी सेल के इकाई में भी सीआईएसएफ कर्मियों की संख्या को कम करने के लिए उच्च प्रबंधन तथा सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच वार्ता का दौर जारी है।
सेल के भिलाई इस्पात संयंत्र में करोड़ों रुपये के लोहा चोरी की घटना से कंपनी प्रबंधन पूरी तरह से सकते में है। जबकि दुर्गापुर इस्पात संयंत्र में लोहा चोरी का मामला अब संसद तक पहुंच गया है। इस मामले पर वर्धमान लोकसभा सीट से टीएमसी के सांसद कीर्ति आजाद ने सवाल उठाते हुए केंद्रीय इस्पात मंत्री से सीआईएसएफ के सुरक्षा व्यवस्था पर भी प्रश्न खड़ा किया है।
सूत्रों के अनुसार सेल प्रबंधन अपने पांच महत्वपूर्ण इकाई बोकारो, दुर्गापर, बर्नपुर, भिलाई तथा राउरकेला में सीआईएसएफ की नियुक्ति को लेकर समीक्षा में जुट गई है। खबर की आधिकारिक पुष्टि होना शेष है।
राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) ने वित्तीय संतुलन बनाए रखने के लिए विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र से CISF सुरक्षा हटाने का फैसला किया है, जिससे 1,331 कर्मियों का तबादला होगा। SAIL भी चोरी की घटनाओं के बाद अपनी इकाइयों में CISF सुरक्षा की समीक्षा कर रहा है।

विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र से हटाई जाएगी सीआईएसएफ की सुरक्षा।
RINL ने विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र से CISF सुरक्षा हटाई।
वित्तीय संतुलन बनाए रखने के लिए लिया गया यह निर्णय।
SAIL भी अपनी इकाइयों में CISF सुरक्षा की समीक्षा कर रहा।
संवाददाता, बोकारो। इस्पात मंत्रालय की नवरत्न कंपनी राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड ने एक अहम फैसला लेते हुए अपने विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र की सुरक्षा सीआईएसएफ के हाथों से वापस ले ली है।
इसके साथ ही विशाखापत्तनम इकाई में कार्यरत सीआईएसएफ के कुल 1,331 अधिकारी व जवानों की तैनाती दूसरे अन्य इकाई में करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इनमें 1033 सीआईएसएफ कर्मी सिक्योरिटी विंग के हैं, जबकि 298 फायर विंग के हैं। आरआईएनएल प्रबंधन ने यह निर्णय अपने वित्तीय खजाने पर संतुलन बनाए रखने के लिए किया है।
विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र से सीआईएसएफ की इकाई को भंग करने का आदेश केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी कर दिया गया है। बता दें कि सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन इसी माह 15 व 16 अगस्त को अपने दो दिवसीय दौरे पर विशाखापत्तनम स्टील प्लांट गए थे।
जहां उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, परिचालन की तैयारी और प्रशिक्षण मानकों का अध्ययन कर आरआईएनएल के सीएमडी एमएनवीएस प्रभाकर के साथ बैठक कर संपत्ति की सुरक्षा पर रणनीति तैयार किये थे। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से यहां सीआईएसएफ की इकाई को भंग करने का आदेश जारी कर दिया गया।
बकाया भुगतान का मिला एनओसी
विशाखापत्तनम स्टील प्लांट की इकाई में तैनात सीआईएसएफ कर्मियों को उनके सभी बकाए रकम का भुगतान आरआईएनएल कंपनी प्रबंधन की ओर से कर दिया गया है। इसके लिए दिल्ली मुख्यालय ने संबंधित सेक्टर के महानिरीक्षक से राशि भुगतान के संदर्भ में एनओसी देने की बात कही है।
अब जैसे ही दिल्ली मुख्यालय को एनओसी का प्रमाण पत्र दे दिया जाएगा, यहां कार्यरत सीआईएसएफ के अधिकारी व जवानों का तबादला साउथ सेक्टर या अन्य सेक्टर की इकाई में कर दी जाएगी।
बता दें कि आरआईएनएल के साथ महारत्न कंपनी सेल के इकाई में भी सीआईएसएफ कर्मियों की संख्या को कम करने के लिए उच्च प्रबंधन तथा सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच वार्ता का दौर जारी है।
सेल के भिलाई इस्पात संयंत्र में करोड़ों रुपये के लोहा चोरी की घटना से कंपनी प्रबंधन पूरी तरह से सकते में है। जबकि दुर्गापुर इस्पात संयंत्र में लोहा चोरी का मामला अब संसद तक पहुंच गया है। इस मामले पर वर्धमान लोकसभा सीट से टीएमसी के सांसद कीर्ति आजाद ने सवाल उठाते हुए केंद्रीय इस्पात मंत्री से सीआईएसएफ के सुरक्षा व्यवस्था पर भी प्रश्न खड़ा किया है।
सूत्रों के अनुसार सेल प्रबंधन अपने पांच महत्वपूर्ण इकाई बोकारो, दुर्गापर, बर्नपुर, भिलाई तथा राउरकेला में सीआईएसएफ की नियुक्ति को लेकर समीक्षा में जुट गई है। खबर की आधिकारिक पुष्टि होना शेष है।
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