गांव में पहली बार पहुंचाया पानी, लेखपाल से कहा जेल भेज दूंगी... वो बयान जिनसे चर्चा में आईं दिव्या मित्तल
गांव में पहली बार पहुंचाया पानी, लेखपाल से कहा जेल भेज दूंगी... वो बयान जिनसे चर्चा में आईं दिव्या मित्तल
आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने 13 साल की सेवा के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। आइए जानते ...और पढ़ें

विवादों से लेकर उपलब्धियों तक, IAS दिव्या मित्तल की कहानी (फोटो- सोशल मीडिया)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से पढ़ीं 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफे ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
13 साल की सेवा के बाद आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने यह इस्तीफा क्यों दिया, इसकी स्पष्ट वजह तो सामने नहीं आई हैं।
-1788080825838.webp)
पति 2022 में दे चुके हैं इस्तीफा
दिव्या मित्तल से पहले उनके पति और पूर्व आईएस अधिकारी गगनदीप सिंह भी 2022 में नौकरी से इस्तीफा दे चुके हैं। दिव्या के पति गगनदीप सिंह 2011 बैच के भारतीय व्यापार सेवा (ITS) अफसर रह चुके हैं। अब गगनदीप ने अपनी एक कंपनी न्यूरोकैप बनाई है। यह कंपनी देश-विदेश से ट्रेडिंग का काम करती है।
दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश की मिर्जापुर, बस्ती और देवरिया की डीएम रह चुकी हैं। वह बेहद सख्त छवि की अधिकारी मानी जाती हैं और गलतियों के लिए अफसरों को मौके पर ही फटकार लगा देती थीं।
चार महीने पहले देवरिया से हुआ था ट्रांसफर
करीब 4 महीने पहले ही आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल का देवरिया से ट्रांसफर लखनऊ हुआ था। डीएम के बाद उन्हें लखनऊ में राजस्व विभाग में विशेष सचिव के रूप में रखा गया था। इस पद को बहुत हल्का और साइडलाइन माना जाता है।
दिव्या मित्तल की उपलब्धियां
आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल यूपी के मिर्जापुर में डीएम रहने के दौरान बहुत पॉपुलर रहीं हैं। उन्होंने मिर्जापुर के लहुरियादह गांव में पहली बार पानी पहुंचाया। यह उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। इस गांव का जिक्र उन्होंने इस्तीफे के बाद लिखी पोस्ट में भी किया है।

जनप्रतिनिधियों को नजरअंदाज करने का आरोप
लहुरियादह गांव में जल प्रोजेक्ट के उद्घाटन और श्रेय को लेकर केंद्रीय मंत्री व स्थानीय सांसद अनुप्रिया पटेल के खेमे की नाराजगी की खबरें सामने आई थीं। आरोप था कि कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की अनदेखी की गई। इसके ठीक बाद, 1 सितंबर को दिव्या मित्तल का तबादला कर दिया गया।
उनकी विदाई का पल बेहद भावुक रहा, जब स्थानीय लोगों ने उन पर फूलों की बारिश की। इस विदाई समारोह में रोती हुईं दिव्या भावुक हो गई थीं। इसका वीडियो खूब वायरल हुआ था।
2 साल रहीं देवरिया की डीएम
दिव्या मित्तल दो साल तक देवरिया की डीएम रहीं। इसी दौरान भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी की अध्यक्षता में 3 जुलाई 2025 को दिशा समिति की बैठक हुई। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग का मुद्दा उठाया।
जिस पर दिव्या ने जनप्रतिनिधियों से कहा- अधिकारियों और कर्मचारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए प्रशासन पर दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए।
इसके जवाब में यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा था- ऐसा कोई सरकारी आदेश नहीं है कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों की बात न सुनें। देवरिया से भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा था- जनप्रतिनिधियों को अधिकारियों से जीओ समझने की जरूरत नहीं है। अगर जनता की शिकायतें उनके पास आती हैं तो वे सवाल जरूर पूछेंगे।

इसके बाद से देवरिया में दिव्या मित्तल और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच तनातनी की खबरें आई थीं। जनप्रतिनिधियों ने उनकी सरकार से शिकायतें की थी। जिसके कुछ महीने बाद उन्हें देवरिया से हटाकर साइडलाइन कर दिया गया था।
PWD के अधिकारी को लगाई थी फटकार
देवरिया में डीएम रहने के दौरान दिव्या मित्तल कई बार चर्चा में आ चुकी हैं। उन्होंने पुल निर्माण में लापरवाही को लेकर PWD के अधिकारी को फटकार लगाई थी। इस दौरान ADM ने तेज धूप की बात कहते हुए उन्हें छांव में बैठने का निवेदन किया। जिस पर उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा था- ‘अरे यार, धूप ही तो है, रुको पिघल थोड़ी जाएंगे...।’
जेल भेज दूंगी- जब लेखपाल को लगाई थी फटकार
देवरिया में डीएम रहने के दौरान अवैध कब्जे की शिकायत पर कानूनगो और लेखपाल को फटकार लगाने का उनका वीडियो वायरल हुआ था। उन्होंने कहा था- 'तमाशा बना रखा है। एसडीएम, आप पूरे मैटर की जांच करें और रिपोर्ट दें। दोबारा इस तरह की हरकत मत करिएगा। सच में जेल भेज दूंगी आप लोगों को।'
आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने 13 साल की सेवा के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। आइए जानते ...और पढ़ें

विवादों से लेकर उपलब्धियों तक, IAS दिव्या मित्तल की कहानी (फोटो- सोशल मीडिया)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से पढ़ीं 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफे ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
13 साल की सेवा के बाद आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने यह इस्तीफा क्यों दिया, इसकी स्पष्ट वजह तो सामने नहीं आई हैं।
-1788080825838.webp)
पति 2022 में दे चुके हैं इस्तीफा
दिव्या मित्तल से पहले उनके पति और पूर्व आईएस अधिकारी गगनदीप सिंह भी 2022 में नौकरी से इस्तीफा दे चुके हैं। दिव्या के पति गगनदीप सिंह 2011 बैच के भारतीय व्यापार सेवा (ITS) अफसर रह चुके हैं। अब गगनदीप ने अपनी एक कंपनी न्यूरोकैप बनाई है। यह कंपनी देश-विदेश से ट्रेडिंग का काम करती है।
दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश की मिर्जापुर, बस्ती और देवरिया की डीएम रह चुकी हैं। वह बेहद सख्त छवि की अधिकारी मानी जाती हैं और गलतियों के लिए अफसरों को मौके पर ही फटकार लगा देती थीं।
चार महीने पहले देवरिया से हुआ था ट्रांसफर
करीब 4 महीने पहले ही आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल का देवरिया से ट्रांसफर लखनऊ हुआ था। डीएम के बाद उन्हें लखनऊ में राजस्व विभाग में विशेष सचिव के रूप में रखा गया था। इस पद को बहुत हल्का और साइडलाइन माना जाता है।
दिव्या मित्तल की उपलब्धियां
आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल यूपी के मिर्जापुर में डीएम रहने के दौरान बहुत पॉपुलर रहीं हैं। उन्होंने मिर्जापुर के लहुरियादह गांव में पहली बार पानी पहुंचाया। यह उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। इस गांव का जिक्र उन्होंने इस्तीफे के बाद लिखी पोस्ट में भी किया है।

जनप्रतिनिधियों को नजरअंदाज करने का आरोप
लहुरियादह गांव में जल प्रोजेक्ट के उद्घाटन और श्रेय को लेकर केंद्रीय मंत्री व स्थानीय सांसद अनुप्रिया पटेल के खेमे की नाराजगी की खबरें सामने आई थीं। आरोप था कि कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की अनदेखी की गई। इसके ठीक बाद, 1 सितंबर को दिव्या मित्तल का तबादला कर दिया गया।
उनकी विदाई का पल बेहद भावुक रहा, जब स्थानीय लोगों ने उन पर फूलों की बारिश की। इस विदाई समारोह में रोती हुईं दिव्या भावुक हो गई थीं। इसका वीडियो खूब वायरल हुआ था।
2 साल रहीं देवरिया की डीएम
दिव्या मित्तल दो साल तक देवरिया की डीएम रहीं। इसी दौरान भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी की अध्यक्षता में 3 जुलाई 2025 को दिशा समिति की बैठक हुई। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग का मुद्दा उठाया।
जिस पर दिव्या ने जनप्रतिनिधियों से कहा- अधिकारियों और कर्मचारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए प्रशासन पर दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए।
इसके जवाब में यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा था- ऐसा कोई सरकारी आदेश नहीं है कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों की बात न सुनें। देवरिया से भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा था- जनप्रतिनिधियों को अधिकारियों से जीओ समझने की जरूरत नहीं है। अगर जनता की शिकायतें उनके पास आती हैं तो वे सवाल जरूर पूछेंगे।

इसके बाद से देवरिया में दिव्या मित्तल और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच तनातनी की खबरें आई थीं। जनप्रतिनिधियों ने उनकी सरकार से शिकायतें की थी। जिसके कुछ महीने बाद उन्हें देवरिया से हटाकर साइडलाइन कर दिया गया था।
PWD के अधिकारी को लगाई थी फटकार
देवरिया में डीएम रहने के दौरान दिव्या मित्तल कई बार चर्चा में आ चुकी हैं। उन्होंने पुल निर्माण में लापरवाही को लेकर PWD के अधिकारी को फटकार लगाई थी। इस दौरान ADM ने तेज धूप की बात कहते हुए उन्हें छांव में बैठने का निवेदन किया। जिस पर उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा था- ‘अरे यार, धूप ही तो है, रुको पिघल थोड़ी जाएंगे...।’
जेल भेज दूंगी- जब लेखपाल को लगाई थी फटकार
देवरिया में डीएम रहने के दौरान अवैध कब्जे की शिकायत पर कानूनगो और लेखपाल को फटकार लगाने का उनका वीडियो वायरल हुआ था। उन्होंने कहा था- 'तमाशा बना रखा है। एसडीएम, आप पूरे मैटर की जांच करें और रिपोर्ट दें। दोबारा इस तरह की हरकत मत करिएगा। सच में जेल भेज दूंगी आप लोगों को।'
Labels
Desh
Post A Comment
No comments :