अब रातों को आंख में नहीं चुभेगी हाई-बीम रोशनी, टू-व्हीलर्स के लिए सरकार बदलेगी हेडलाइट के नियम
अब रातों को आंख में नहीं चुभेगी हाई-बीम रोशनी, टू-व्हीलर्स के लिए सरकार बदलेगी हेडलाइट के नियम
Headlights New Rule: सड़क सुरक्षा को बेहतन बनाने के लिए सरकार वाहनों के नियमों में बदलाव करने जा रही है ...और पढ़ें

ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। टू-व्हीलर्स पर ऑटोमैटिक हेडलैंप जल्द ही केवल लो-बीम मोड तक सीमित किए जा सकते हैं जबकि बसों और भारी गाड़ियों के लिए रात में और खराब मौसम के दौरान विजिबिलिटी में सुधार के लि असली रिफ्लेक्टिन टेक का इस्तेमाल करना अनिवार्य किया जा सकता है।
सख्त होंगे नियम
आप जानते होंगे कि, रात में गाड़ियों की तेज हेडलाइट आंखों का चकाचौंध कर देती है जिससे कुछ सेकंड के लिए दिखना कम हो जाता है और हादसे का खतरा बढ़ जाता है। इसी जानलेवा समस्या को खत्म करने और सड़कों को सुरक्षित बनाने के मकसद से सड़क परिवहन मंत्रालय गाड़ियों की हेडलाइट्स से जुड़े नियमों को सख्त करने जा रहा है।
टू-व्हीलर्स के लिए नया नियम
प्रस्तावित नियमों के तहत ने दोपहिया गाड़ियों पर ऑटोमैटिक हेडलैंप सिस्टम को केव पासिंग-बीम या लो-बीम मोड में ही काम करने की आवश्यक्ता होगी। वर्तमान में ऑटोमैटिक हेडलैंप ऑन सिस्टम वाहन की सेटिंग के आधार पर लो बीम या हाई बीम दोनों को ऑन कर सकता है। प्रस्तावित बदलाव यह पक्का करेगा कि, जब ऑटोमैटिक सिस्टम चालू हो तो हेडलैंप लो-बीम मोड में ही रहे।
यह बदलाव सिर्फ टू-व्हीलर्स पर लागू होगा और सड़क पर पहले से मौजूद गाड़ियों को प्रभावित नहीं करेगा। आइए इससे जुड़े कुछ सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते हैं।
Q1: बाइक की हेडलाइट में कौन सा बदलाव होने जा रहा है?
Ans: नई बाइक और स्कूटर यानी टू-व्हीलर में ऑटोमैटिक हेडलैंप ऑन होने पर लाइट डिफॉल्ट रूप से हमेशा लो-बीम पर ही रहेगी।
Q2: क्या हाई-बीम का ऑप्शन पूरी तरह खत्म हो जाएगा?
Ans: नहीं, जरूरत पड़ने पर राइडर मैनुअली हाई-बीम का इस्तेमाल कर सकेगा। बदलाव सिर्फ ऑटोमैटिक मोड को लो-बीम पर डिफॉल्ट रखने का है जिससे सामने से आने वाले की आंखों पर तेज रोशनी न पड़े।
Q3: कार और बाइक की रोशनी को कितना घटाया गया है?
वाहन का प्रकार मौजूदा अधिकतम सीमा नई प्रस्तावित सीमादोपहिया (Bike/Scooter) 1.5 लाख कैंडेला 1 लाख कैंडेला
कार (Cars) 2.25 लाख कैंडेला 1.5 लाख कैंडेला
Q4: क्या पुरानी कार और बाइक की हेडलाइट भी बदलनी पड़ेगी?
Ans: नहीं, यह नियम नई गाड़ियों के मैन्युफैक्चरिंग मानकों से जुड़ा है। पुरानी गाड़ियों की हेडलाइट बदलवाने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है।
Q5: क्या ज्यादा व्हाइट लाइट या नीली LED लाइटों पर भी रोक लगेगी?
Ans: हां, हेडलाइट और फ्रंट फॉग लैंप का कलर टेंपरेचर अधिकतम 6500 Kelvin रखने का प्रस्ताव है। इससे ज्यादा टेंपरेटर वाली नीली-सफेद रोशनी आंखों में चुभती है और विजिबिलिटी खराब करती है।
Headlights New Rule: सड़क सुरक्षा को बेहतन बनाने के लिए सरकार वाहनों के नियमों में बदलाव करने जा रही है ...और पढ़ें

ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। टू-व्हीलर्स पर ऑटोमैटिक हेडलैंप जल्द ही केवल लो-बीम मोड तक सीमित किए जा सकते हैं जबकि बसों और भारी गाड़ियों के लिए रात में और खराब मौसम के दौरान विजिबिलिटी में सुधार के लि असली रिफ्लेक्टिन टेक का इस्तेमाल करना अनिवार्य किया जा सकता है।
सख्त होंगे नियम
आप जानते होंगे कि, रात में गाड़ियों की तेज हेडलाइट आंखों का चकाचौंध कर देती है जिससे कुछ सेकंड के लिए दिखना कम हो जाता है और हादसे का खतरा बढ़ जाता है। इसी जानलेवा समस्या को खत्म करने और सड़कों को सुरक्षित बनाने के मकसद से सड़क परिवहन मंत्रालय गाड़ियों की हेडलाइट्स से जुड़े नियमों को सख्त करने जा रहा है।
टू-व्हीलर्स के लिए नया नियम
प्रस्तावित नियमों के तहत ने दोपहिया गाड़ियों पर ऑटोमैटिक हेडलैंप सिस्टम को केव पासिंग-बीम या लो-बीम मोड में ही काम करने की आवश्यक्ता होगी। वर्तमान में ऑटोमैटिक हेडलैंप ऑन सिस्टम वाहन की सेटिंग के आधार पर लो बीम या हाई बीम दोनों को ऑन कर सकता है। प्रस्तावित बदलाव यह पक्का करेगा कि, जब ऑटोमैटिक सिस्टम चालू हो तो हेडलैंप लो-बीम मोड में ही रहे।
यह बदलाव सिर्फ टू-व्हीलर्स पर लागू होगा और सड़क पर पहले से मौजूद गाड़ियों को प्रभावित नहीं करेगा। आइए इससे जुड़े कुछ सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते हैं।
Q1: बाइक की हेडलाइट में कौन सा बदलाव होने जा रहा है?
Ans: नई बाइक और स्कूटर यानी टू-व्हीलर में ऑटोमैटिक हेडलैंप ऑन होने पर लाइट डिफॉल्ट रूप से हमेशा लो-बीम पर ही रहेगी।
Q2: क्या हाई-बीम का ऑप्शन पूरी तरह खत्म हो जाएगा?
Ans: नहीं, जरूरत पड़ने पर राइडर मैनुअली हाई-बीम का इस्तेमाल कर सकेगा। बदलाव सिर्फ ऑटोमैटिक मोड को लो-बीम पर डिफॉल्ट रखने का है जिससे सामने से आने वाले की आंखों पर तेज रोशनी न पड़े।
Q3: कार और बाइक की रोशनी को कितना घटाया गया है?
वाहन का प्रकार मौजूदा अधिकतम सीमा नई प्रस्तावित सीमादोपहिया (Bike/Scooter) 1.5 लाख कैंडेला 1 लाख कैंडेला
कार (Cars) 2.25 लाख कैंडेला 1.5 लाख कैंडेला
Q4: क्या पुरानी कार और बाइक की हेडलाइट भी बदलनी पड़ेगी?
Ans: नहीं, यह नियम नई गाड़ियों के मैन्युफैक्चरिंग मानकों से जुड़ा है। पुरानी गाड़ियों की हेडलाइट बदलवाने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है।
Q5: क्या ज्यादा व्हाइट लाइट या नीली LED लाइटों पर भी रोक लगेगी?
Ans: हां, हेडलाइट और फ्रंट फॉग लैंप का कलर टेंपरेचर अधिकतम 6500 Kelvin रखने का प्रस्ताव है। इससे ज्यादा टेंपरेटर वाली नीली-सफेद रोशनी आंखों में चुभती है और विजिबिलिटी खराब करती है।
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