वैभव सूर्यवंशी तो छा गए! कप्तानी में पहली बार लिया रिव्यू और कर दिया कमाल, टीम की हो गई मौज
वैभव सूर्यवंशी तो छा गए! कप्तानी में पहली बार लिया रिव्यू और कर दिया कमाल, टीम की हो गई मौज- Video
वैभव सूर्यवंशी इस समय क्रिकेट की दुनिया पर छाए हुए है। वह चाहे बल्लेबाजी करें या गेंदबाजी या फिर कप्तानी। ...और पढ़ें
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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत के उभरते हुए युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी इस समय जो कर रहे हैं उसमें कमाल ही हो रहा है। दलीप ट्रॉफी में वह ईस्ट जोन के लिए खेल रहे हैं और अपनी गेंदबाजी का कमाल दिखा चुके हैं। सेमीफाइनल में उनके हिस्से टीम की कप्तानी भी आ गई और फिर उन्होंने जो फैसला किया उसने तो टीम की मौज ही करा दी।
ईस्ट जोन बेंगलुरू के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के मैदान पर दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में सेंट्रल जोन के खिलाफ उतरी है। मैच के पहले दिन रविवार को टीम के नियमित कप्तान ईशान किशन को विकेटकीपिंग करते हुए कलाई में चोट लग गई। ऐसे में उपकप्तान वैभव ने कप्तानी का जिम्मा संभाला। कप्तानी मिलने के बाद उनके चेहरे पर हंसी आ गई और फिर उन्होंने ऐसा फैसला किया जो टीम के हित में साबित हुआ।
सेकेंड्स में बदला खेल
बात डीआरएस को लेकर है। पारी का 40वां ओवर फेंक रहे थे मुकेश कुमार। उनके सामने थे विकेट पर पैर जमा चुके आर्यन जुयाल। वह अर्धशतक के करीब थे। ओवर की दूसरी गेंद मुकेश ने ऑफ स्टम्प की लाइन पर फेंकी जिस पर आर्यन बीट हो गए। ईशान की जगह विकेटकीपिंग कर रहे कुमार कुशाग्र ने कैच पकड़ा और अपील की। पहली ही स्लिप पर वैभव खड़े थे। उन्होंने भी अपील की। मुकेश कुमार भी अपील कर रहे थे, लेकिन अंपायर ने आउट नहीं दिया।
वैभव काफी आश्वस्त थे फिर भी उन्होंने मुकेश से बात करके रिव्यू लिया। रिव्यू में पता चला की गेंद आर्यन के बल्ले का किनारा लेकर गई है। तीसरे अंपायर ने उन्हें आउट दिया। आर्यन ने 113 गेंदों पर छह चौकों की मदद से 46 रन बनाए। उनके आउट होते ही सेंट्रल जोन की टीम का स्कोर चार विकेट खोकर 99 रन हो गया।
खुशी से हुए पागल
जैसे ही रिव्यू में पता चला की गेंद बल्ले से छूकर गई है वैसे ही वैभव जोर से चिल्लाए और उनके साथ उनकी टीम भी। कप्तान के तौर पर अपने पहले रिव्यू की सफलता की चमक वैभव के चेहरे पर साफ दिख रही थी। उनके इस रिव्यू से सेंट्रल जोन ने अपना एक सेट बल्लेबाज खो दिया और ईस्ट जोन को बड़ा विकेट मिल गया।
वैभव सूर्यवंशी इस समय क्रिकेट की दुनिया पर छाए हुए है। वह चाहे बल्लेबाजी करें या गेंदबाजी या फिर कप्तानी। ...और पढ़ें
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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत के उभरते हुए युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी इस समय जो कर रहे हैं उसमें कमाल ही हो रहा है। दलीप ट्रॉफी में वह ईस्ट जोन के लिए खेल रहे हैं और अपनी गेंदबाजी का कमाल दिखा चुके हैं। सेमीफाइनल में उनके हिस्से टीम की कप्तानी भी आ गई और फिर उन्होंने जो फैसला किया उसने तो टीम की मौज ही करा दी।
ईस्ट जोन बेंगलुरू के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के मैदान पर दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में सेंट्रल जोन के खिलाफ उतरी है। मैच के पहले दिन रविवार को टीम के नियमित कप्तान ईशान किशन को विकेटकीपिंग करते हुए कलाई में चोट लग गई। ऐसे में उपकप्तान वैभव ने कप्तानी का जिम्मा संभाला। कप्तानी मिलने के बाद उनके चेहरे पर हंसी आ गई और फिर उन्होंने ऐसा फैसला किया जो टीम के हित में साबित हुआ।
सेकेंड्स में बदला खेल
बात डीआरएस को लेकर है। पारी का 40वां ओवर फेंक रहे थे मुकेश कुमार। उनके सामने थे विकेट पर पैर जमा चुके आर्यन जुयाल। वह अर्धशतक के करीब थे। ओवर की दूसरी गेंद मुकेश ने ऑफ स्टम्प की लाइन पर फेंकी जिस पर आर्यन बीट हो गए। ईशान की जगह विकेटकीपिंग कर रहे कुमार कुशाग्र ने कैच पकड़ा और अपील की। पहली ही स्लिप पर वैभव खड़े थे। उन्होंने भी अपील की। मुकेश कुमार भी अपील कर रहे थे, लेकिन अंपायर ने आउट नहीं दिया।
वैभव काफी आश्वस्त थे फिर भी उन्होंने मुकेश से बात करके रिव्यू लिया। रिव्यू में पता चला की गेंद आर्यन के बल्ले का किनारा लेकर गई है। तीसरे अंपायर ने उन्हें आउट दिया। आर्यन ने 113 गेंदों पर छह चौकों की मदद से 46 रन बनाए। उनके आउट होते ही सेंट्रल जोन की टीम का स्कोर चार विकेट खोकर 99 रन हो गया।
खुशी से हुए पागल
जैसे ही रिव्यू में पता चला की गेंद बल्ले से छूकर गई है वैसे ही वैभव जोर से चिल्लाए और उनके साथ उनकी टीम भी। कप्तान के तौर पर अपने पहले रिव्यू की सफलता की चमक वैभव के चेहरे पर साफ दिख रही थी। उनके इस रिव्यू से सेंट्रल जोन ने अपना एक सेट बल्लेबाज खो दिया और ईस्ट जोन को बड़ा विकेट मिल गया।
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