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टाटा चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन: जमशेदपुर का ‘दामाद’ जो शहर को मानता है परिवार, झारखंड में 11,000 करोड़ का निवेश!

टाटा चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन: जमशेदपुर का ‘दामाद’ जो शहर को मानता है परिवार, झारखंड में 11,000 करोड़ का निवेश!

टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन जमशेदपुर के लिए सिर्फ बॉस नहीं, बल्कि शहर के 'दामाद' हैं, क्योंकि उनकी पत्नी ललिता चंद्रशेखरन यहीं से हैं। वे फाउंड ...और पढ़ें








टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन अपनी वाइफ के साथ। (फोटो: फाइल)



एन. चंद्रशेखरन जमशेदपुर के 'दामाद' के रूप में जाने जाते हैं।


उनकी पत्नी ललिता चंद्रशेखरन का बचपन जमशेदपुर में बीता।


हाल ही में झारखंड में 11,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की।



डिजिटल डेस्क, जमशेदपुर। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन आज दुनिया के सबसे बड़े बिजनेस साम्राज्य में से एक की कमान संभालते हैं। लेकिन स्टील सिटी जमशेदपुर के लिए वे सिर्फ ग्रुप के बॉस नहीं, बल्कि शहर के अपने ‘दामाद’ हैं।


उनका यह खास रिश्ता पत्नी ललिता चंद्रशेखरन के माध्यम से जुड़ा है, जो जमशेदपुर की बेटी हैं। चंद्रशेखरन हर साल फाउंडर्स डे पर जमशेदपुर आते रहे हैं। जमशेदपुर शह से उनका रिश्ता पर्सनल और प्रोफशनल दोनों रहा है।
पत्नी का शहर, ससुराल का रिश्ता

ललिता चंद्रशेखरन का बचपन जमशेदपुर में बीता। उन्होंने सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल से 1980 में कक्षा 10 पास की। उनके पिता और दादा दोनों टाटा स्टील में काम करते थे। इसी वजह से जब 2017 में चंद्रशेखरन टाटा संस के चेयरमैन बने तो जमशेदपुर के लोगों ने खुशी जताई कि शहर का दामाद अब पूरे ग्रुप की कमान संभाल रहा है। यह रिश्ता महज पारिवारिक नहीं, भावनात्मक भी है।

फाउंडर्स डे पर नियमित उपस्थिति

जमशेदपुर के बिजनेसमैन भरत वसानी का टाटा समूह के साथ कारोबारी संबंध रहा है। वसानी कहते हैं, चेयरमैन बनने के बाद से चंद्रशेखरन लगभग हर साल फाउंडर्स डे पर जमशेदपुर पहुंचते हैं। जामसेतजी नुसरवानजी टाटा की जयंती पर वे वर्क्स में श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। चंद्रशेखरन की लीडरशिप में टाटा समूह ने काफी कुछ अचीव किया है।



जुबली पार्क की लाइटिंग का उद्घाटन करते हैं और शहरवासियों से मिलते हैं। 2017 में जब रतन टाटा ने उन्हें शहर के लोगों से परिचय कराया था, तब उन्होंने साफ कहा था कि ग्रुप और जमशेदपुर अब सुरक्षित हाथों में हैं।
झारखंड में बड़ा निवेश और विकास का वादा

चंद्रशेखरन बार-बार दोहराते हैं कि टाटा की यात्रा जमशेदपुर से शुरू हुई और शहर के प्रति उनकी प्रतिबद्धता अटूट है। हाल ही में उन्होंने जमशेदपुर में उन्नत तकनीक पर करीब 11,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की।


कार्बन फुटप्रिंट कम करने वाली परियोजनाओं के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट और झारखंड सरकार के साथ साझेदारी पर भी जोर दिया जा रहा है। वे कहते हैं, आप हमारे परिवार हैं।
व्यक्तिगत जुड़ाव से व्यावसायिक ताकत

छोटे से गांव मोहनूर से निकलकर टीसीएस के सीईओ और फिर टाटा संस के चेयरमैन बने चंद्रशेखरन के लिए जमशेदपुर सिर्फ एक औद्योगिक शहर नहीं। यह उनकी पत्नी का गृहनगर है, जहां टाटा स्टील की नींव पड़ी और जहां वे हर साल लौटकर आते हैं। शहर के लोग उन्हें अपना मानते हैं और वे शहर को अपना परिवार।

यह रिश्ता बताता है कि टाटा ग्रुप का चेयरमैन पद सिर्फ बोर्ड रूम तक सीमित नहीं। जमशेदपुर के लिए यह भावनात्मक और व्यावसायिक दोनों स्तरों पर मजबूत कनेक्शन है, जिसे चंद्रशेखरन लगातार और गहरा करते जा रहे हैं।
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