बीसीसीएल में कोयला उत्पादन की रफ्तार सुस्त, लक्ष्य से काफी पीछे; मुख्यालय चिंतित
बीसीसीएल में कोयला उत्पादन की रफ्तार सुस्त, लक्ष्य से काफी पीछे; मुख्यालय चिंतित
Coal India: बीसीसीएल चालू वित्तीय वर्ष में अपने कोयला उत्पादन लक्ष्य से 37% पीछे चल रहा है, जिससे मुख्यालय चिंतित है। ...और पढ़ें

बीसीसीएल में कोयले का उत्पान। (प्रतीकात्मक फोटो)
धनबाद। मानसून ने अभी पूरी तरह से दस्तक नहीं दिया है। इसके बावजूद कोल इंडिया की इकाई बीसीसीएल में कोयला का उत्पादन ठीक नहीं है।भारत कोकिंग कोल लिमिटेड की कोयला उत्पादन व डिस्पैच करने वाली परियोजना पिछड़ने लगी है। चालू वित्तीय वर्ष में कोयला उत्पादन तय लक्ष्य से काफी पीछे चल रहा है।
18 जुलाई रविवार सुबह तृतीय पाली समाप्त होने तक कंपनी ने करीब 40 मिलियन टन (एमटी) के वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 8.05 एमटी कोयला उत्पादन किया है। यानी कंपनी अब तक लक्ष्य का करीब 37 प्रतिशत ही हासिल कर सकी है।
लगातार कमजोर प्रदर्शन को देखते हुए कोयला भवन स्थित बीसीसीएल मुख्यालय भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। उत्पादन और डिस्पैच की रोजाना समीक्षा की जा रही है। लक्ष्य से पीछे चल रहे एरिया के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर विशेष नजर रखी जा रही है।
मुख्यालय ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जिन क्षेत्रों में अपेक्षित सुधार नहीं होगा, वहां जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई भी की जा सकती है।
सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि बीसीसीएल के 12 एरिया में से सात एरिया का उत्पादन पिछले साल की तुलना में भी कम रहा है। इनमें सिजुआ, कतरास, ब्लाक टू , पुटकी बलिहारी और बस्ताकोला सबसे ज्यादा पिछड़े हुए हैं।
हालांकि कुछ एरिया ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया है। गोविंदपुर ने 86.27 प्रतिशत, वेस्टर्न झरिया ने 82.48 प्रतिशत, लोदीना ने 82.41 प्रतिशत और ईस्टर्न झरिया ने 62.56 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की है। मासिक लक्ष्य 1.80 एमटी के मुकाबले 1.49 एमटी उत्पादन हुआ है।
डिस्पैच और रैक लोडिंग भी धीमी
कोयला उत्पादन के साथ-साथ डिस्पैच भी लक्ष्य से पीछे है। 45.001 एमटी के ऑफटेक लक्ष्य के मुकाबले अब तक 9.35 एमटी कोयला ही भेजा जा सका है। वहीं जुलाई माह में 1.87 एमटी के लक्ष्य के मुकाबले 1.59 एमटी डिस्पैच हुआ।
रैक लोडिंग की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। प्रतिदिन 21 रैक लोड करने के लक्ष्य के मुकाबले औसतन केवल 15 रैक ही लोड हो रहे हैं।
कोयला उत्पादन और डिस्पैच की हर दिन निगरानी की जा रही है। लक्ष्य हासिल करने में पीछे रहने वाले एरिया पर विशेष नजर है। अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई निश्चित होगी।
मनोज कुमार अग्रवाल, सीएमडी, बीसीसीएल
Coal India: बीसीसीएल चालू वित्तीय वर्ष में अपने कोयला उत्पादन लक्ष्य से 37% पीछे चल रहा है, जिससे मुख्यालय चिंतित है। ...और पढ़ें

बीसीसीएल में कोयले का उत्पान। (प्रतीकात्मक फोटो)
धनबाद। मानसून ने अभी पूरी तरह से दस्तक नहीं दिया है। इसके बावजूद कोल इंडिया की इकाई बीसीसीएल में कोयला का उत्पादन ठीक नहीं है।भारत कोकिंग कोल लिमिटेड की कोयला उत्पादन व डिस्पैच करने वाली परियोजना पिछड़ने लगी है। चालू वित्तीय वर्ष में कोयला उत्पादन तय लक्ष्य से काफी पीछे चल रहा है।
18 जुलाई रविवार सुबह तृतीय पाली समाप्त होने तक कंपनी ने करीब 40 मिलियन टन (एमटी) के वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 8.05 एमटी कोयला उत्पादन किया है। यानी कंपनी अब तक लक्ष्य का करीब 37 प्रतिशत ही हासिल कर सकी है।
लगातार कमजोर प्रदर्शन को देखते हुए कोयला भवन स्थित बीसीसीएल मुख्यालय भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। उत्पादन और डिस्पैच की रोजाना समीक्षा की जा रही है। लक्ष्य से पीछे चल रहे एरिया के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर विशेष नजर रखी जा रही है।
मुख्यालय ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जिन क्षेत्रों में अपेक्षित सुधार नहीं होगा, वहां जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई भी की जा सकती है।
सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि बीसीसीएल के 12 एरिया में से सात एरिया का उत्पादन पिछले साल की तुलना में भी कम रहा है। इनमें सिजुआ, कतरास, ब्लाक टू , पुटकी बलिहारी और बस्ताकोला सबसे ज्यादा पिछड़े हुए हैं।
हालांकि कुछ एरिया ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया है। गोविंदपुर ने 86.27 प्रतिशत, वेस्टर्न झरिया ने 82.48 प्रतिशत, लोदीना ने 82.41 प्रतिशत और ईस्टर्न झरिया ने 62.56 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की है। मासिक लक्ष्य 1.80 एमटी के मुकाबले 1.49 एमटी उत्पादन हुआ है।
डिस्पैच और रैक लोडिंग भी धीमी
कोयला उत्पादन के साथ-साथ डिस्पैच भी लक्ष्य से पीछे है। 45.001 एमटी के ऑफटेक लक्ष्य के मुकाबले अब तक 9.35 एमटी कोयला ही भेजा जा सका है। वहीं जुलाई माह में 1.87 एमटी के लक्ष्य के मुकाबले 1.59 एमटी डिस्पैच हुआ।
रैक लोडिंग की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। प्रतिदिन 21 रैक लोड करने के लक्ष्य के मुकाबले औसतन केवल 15 रैक ही लोड हो रहे हैं।
कोयला उत्पादन और डिस्पैच की हर दिन निगरानी की जा रही है। लक्ष्य हासिल करने में पीछे रहने वाले एरिया पर विशेष नजर है। अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई निश्चित होगी।
मनोज कुमार अग्रवाल, सीएमडी, बीसीसीएल
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