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वंदे भारत की लेटलतीफी जारी, इंजन की खराबी का असर दूसरे दिन भी; रांची रेल मंडल से करोड़ों के बेडरोल चोरी




वंदे भारत की लेटलतीफी जारी, इंजन की खराबी का असर दूसरे दिन भी; रांची रेल मंडल से करोड़ों के बेडरोल चोरी


वंदे भारत एक्सप्रेस सोमवार को इंजन खराबी के कारण रांची देर से पहुंची, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई। वहीं, रांची रेल मंडल में एसी कोचों से 9.31 लाख ल ...और पढ़ें








सोमवार को दोपहर 1:05 बजे के बजाय 2:40 बजे रांची पहुंची वंदे भारत।



वंदे भारत एक्सप्रेस इंजन खराबी के कारण रांची देर से पहुंची।


रांची रेल मंडल में 9.31 लाख लिनेन की चोरी हुई।


देशभर में एसी कोचों से 1.27 करोड़ बेडरोल गायब।



जागरण संवाददाता, रांची। रांची आने वाले यात्रियों को सोमवार को वंदे भारत एक्सप्रेस की लंबी देरी का सामना करना पड़ा। पटना से रांची आने वाली 22349 वंदे भारत एक्सप्रेस निर्धारित समय दोपहर 1:05 बजे के बजाय करीब 2:40 बजे रांची स्टेशन पहुंची।


रविवार को इंजन में आई तकनीकी खराबी का असर दूसरे दिन भी बना रहा। पटना जंक्शन से सुबह 7:00 बजे खुलने वाली ट्रेन मरम्मत के बाद सुबह 9:08 बजे, यानी दो घंटे आठ मिनट की देरी से रवाना हुई थी।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, रविवार शाम रांची से पटना जा रही 22350 वंदे भारत एक्सप्रेस के इंजन में मेसरा स्टेशन के पास मेन रिजर्वायर (एमआर) प्रेशर सिस्टम में तकनीकी खराबी आ गई थी।


लोको पायलट ने मौके पर खराबी दूर करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद ट्रेन को धीमी गति से बरकाकाना स्टेशन ले जाया गया, जहां भी समस्या का समाधान नहीं हो सका।

अंततः मालगाड़ी का इंजन लगाकर ट्रेन को गया जंक्शन भेजा गया। वहां खराब इंजन हटाकर दूसरा इंजन लगाया गया, जिसके बाद ट्रेन को पटना रवाना किया गया। पटना पहुंचने के बाद खराब इंजन को राजेंद्र नगर कोचिंग कॉम्प्लेक्स ले जाया गया।



रेलवे के इंजीनियरों ने पूरी रात मरम्मत और तकनीकी परीक्षण किया। इंजन के फिट घोषित होने के बाद उसी रेक से सोमवार सुबह वंदे भारत एक्सप्रेस को रांची के लिए रवाना किया गया। यात्रियों ने बतााया कि एक दिन पहले ट्रेन पटना भी तीन घंटे लेट पहुंची थी।
यात्रियों को हुई परेशानी

ट्रेन के करीब 1 घंटा 35 मिनट विलंब से रांची पहुंचने के कारण यात्रियों की आगे की रेल, सड़क और हवाई यात्राएं भी प्रभावित हुईं। स्टेशन पर परिजनों को भी लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। रेल प्रशासन ने तकनीकी खराबी की जांच के आदेश दिए हैं।


अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों के परिचालन पर इस तरह का असर न पड़े।
एसी कोचों से गायब हो गए 1.27 करोड़ बेडरोल, चोरी में रांची दूसरे स्थान पर

ट्रेनों के एसी कोचों में यात्रियों की सुविधा के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले बेडशीट, कंबल, तकिया, तकिया कवर और तौलियों की चोरी रेलवे के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। सूचना के अधिकार (आरटीआई) से सामने आए आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2022 से मई 2026 के बीच देशभर की ट्रेनों से 1.27 करोड़ से अधिक लिनेन (बेडरोल) सामग्री चोरी हो गई।


इस मामले में रांची रेल मंडल 9.31 लाख लिनेन की चोरी के साथ देश में दूसरे स्थान पर है। इससे रेलवे और लिनेन उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

आंकड़ों के अनुसार रांची रेल मंडल में सबसे अधिक तौलिए चोरी हुए हैं। इसके अलावा बेडशीट, कंबल, तकिया और तकिया कवर भी बड़ी संख्या में गायब हुए हैं। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि कई यात्री यात्रा पूरी होने के बाद लिनेन अपने साथ ले जाते हैं, जबकि कुछ मामलों में सफाई और हैंडलिंग के दौरान भी सामान गायब हो जाता है।

देशभर में चार वर्षों के दौरान 46.54 लाख तौलिए, 41.13 लाख बेडशीट, 23.59 लाख तकिया कवर, 12.95 लाख कंबल और 2.76 लाख तकिए चोरी हुए हैं। इन चोरियों से लिनेन उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों को 104.51 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। रेलवे नियमों के तहत कई मामलों में इसकी भरपाई संबंधित एजेंसियों को करनी पड़ती है।

रेल मंत्रालय ने चोरी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। कई ट्रेनों में कोच अटेंडेंट को विशेष जिम्मेदारी दी गई है। यात्रियों से भी अपील की जा रही है कि यात्रा समाप्त होने पर बेडरोल को सीट पर ही छोड़ दें। रेलवे का मानना है कि सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा में यात्रियों की भागीदारी भी जरूरी है।
रांची मंडल की स्थितिदेश में दूसरे नंबर पर लिनेन चोरी
जनवरी 2022 से मई 2026 तक 9.31 लाख लिनेन चोरी
सबसे अधिक तौलिए गायब हुए
चोरी के मामले में केवल बीकानेर रेल मंडल रांची से आगे
रेलवे के लिए हर वर्ष बढ़ रहा है अतिरिक्त वित्तीय बोझ
यात्रियों से बेडरोल वापस छोड़ने की अपील
रांची से चलने वाली ट्रेनों पर भी असर

रांची रेल मंडल से राजधानी एक्सप्रेस, वंदे भारत, गरीब रथ, हटिया-पटना, हटिया-यशवंतपुर, हटिया-एर्नाकुलम, हटिया-लोकमान्य तिलक समेत कई लंबी दूरी की एसी ट्रेनें संचालित होती हैं। इन ट्रेनों में प्रतिदिन हजारों यात्री सफर करते हैं। लिनेन चोरी की बढ़ती घटनाओं के कारण रेलवे को अतिरिक्त बेडरोल खरीदने पड़ रहे हैं।


इसका असर रखरखाव की लागत पर पड़ रहा है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यदि यात्री सार्वजनिक संपत्ति को अपनी जिम्मेदारी समझें, तो इस तरह की चोरियों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
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