भारी बारिश और समुद्री तूफान का कहर, बांग्लादेश का चटगांव पोर्ट ठप, एक हजार से ज्यादा जहाज फंसे
भारी बारिश और समुद्री तूफान का कहर, बांग्लादेश का चटगांव पोर्ट ठप, एक हजार से ज्यादा जहाज फंसे
भारी बारिश और समुद्री तूफान के कारण बांग्लादेश का चटगांव बंदरगाह ठप हो गया है, जिससे माल की लोडिंग-अनलोडिंग रुक गई है और आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई की मदद से बनाई गई है।
डिजिटल डेस्क, ढाका। बांग्लादेश में भारी बारिश और समुद्री तूफान का कहर देखने को मिल रहा है। बारिश और तूफान के चलते बांग्लादेश का सबसे बड़ा चटगांव बंदरगाह ठप हो गया है। इस बंदरगाह के ठप होने की वजह से माल की लोडिंग-अनलोडिंग पूरी तरह से बंद हो गई है, जिससे पूरे देश में आवश्यक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है।
इसी बीच समुद्र में उठ रही तेज लहरों और चेतावनी के बीच लगभग 1,000 से ज्यादा छोटे मालवाहक फंस गए हैं। जहाजों को कर्णफुली नदी में रोक दिया गया है।
इन जहाजों को सुरक्षा कारणों के चलते नदी में रोका गया है। वहीं 55 से ज्यादा बड़े जहाज बीच समुद्र में फंसे हुए हैं। जहाजों के फंसने और बंदरगाह बंद होने के कारण बांग्लादेश को बड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा है। बांग्लादेश को हर दिन करीब 11 से 14 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
चटगांव बंदरगाह पर रोजाना करीब 11,000 कंटेनर भेजे जाते हैं, जिनकी संख्या अब आधी रह गई है। रेडीमेट गारमेंट और कच्चे माल की सप्लाई पर असर पड़ने से बांग्लादेश के बाजारों पर भी इसका असर हुआ है, बाजार भी इस वजह से ठप पड़े हुए हैं। इतना ही नहीं कच्चा माल समय पर न पहुंचने से अब विदेशी ऑर्डर कैंसल होने का खतरा भी बढ़ गया है।
भारत पर भी असर
इन जहाजों के फंसने से भारत पर भी असर पड़ा है। भारत से भेजा गया माल बीच रास्ते में ही अटक गया है। सैंकड़ों भारतीय कंटेनर भी फंस हुए हैं। इस वजह से नए ऑडर्स पर ब्रेक लग गया है।
बता दें कि भारत से बड़ी मात्रा में गारमेंट के लिए कपास, धागे के साथ ही केमिकल, खाद्य पदार्थ और कृषि उत्पाद बांग्लादेश भेजे जाते हैं।
भारी बारिश और समुद्री तूफान के कारण बांग्लादेश का चटगांव बंदरगाह ठप हो गया है, जिससे माल की लोडिंग-अनलोडिंग रुक गई है और आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई की मदद से बनाई गई है।
डिजिटल डेस्क, ढाका। बांग्लादेश में भारी बारिश और समुद्री तूफान का कहर देखने को मिल रहा है। बारिश और तूफान के चलते बांग्लादेश का सबसे बड़ा चटगांव बंदरगाह ठप हो गया है। इस बंदरगाह के ठप होने की वजह से माल की लोडिंग-अनलोडिंग पूरी तरह से बंद हो गई है, जिससे पूरे देश में आवश्यक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है।
इसी बीच समुद्र में उठ रही तेज लहरों और चेतावनी के बीच लगभग 1,000 से ज्यादा छोटे मालवाहक फंस गए हैं। जहाजों को कर्णफुली नदी में रोक दिया गया है।
इन जहाजों को सुरक्षा कारणों के चलते नदी में रोका गया है। वहीं 55 से ज्यादा बड़े जहाज बीच समुद्र में फंसे हुए हैं। जहाजों के फंसने और बंदरगाह बंद होने के कारण बांग्लादेश को बड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा है। बांग्लादेश को हर दिन करीब 11 से 14 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
चटगांव बंदरगाह पर रोजाना करीब 11,000 कंटेनर भेजे जाते हैं, जिनकी संख्या अब आधी रह गई है। रेडीमेट गारमेंट और कच्चे माल की सप्लाई पर असर पड़ने से बांग्लादेश के बाजारों पर भी इसका असर हुआ है, बाजार भी इस वजह से ठप पड़े हुए हैं। इतना ही नहीं कच्चा माल समय पर न पहुंचने से अब विदेशी ऑर्डर कैंसल होने का खतरा भी बढ़ गया है।
भारत पर भी असर
इन जहाजों के फंसने से भारत पर भी असर पड़ा है। भारत से भेजा गया माल बीच रास्ते में ही अटक गया है। सैंकड़ों भारतीय कंटेनर भी फंस हुए हैं। इस वजह से नए ऑडर्स पर ब्रेक लग गया है।
बता दें कि भारत से बड़ी मात्रा में गारमेंट के लिए कपास, धागे के साथ ही केमिकल, खाद्य पदार्थ और कृषि उत्पाद बांग्लादेश भेजे जाते हैं।
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