नम आंखों के साथ Ajinkya Rahane की इंटरनेशनल क्रिकेट से विदाई , संन्यास का एलान करते समय क्या-क्या कहा?
नम आंखों के साथ Ajinkya Rahane की इंटरनेशनल क्रिकेट से विदाई , संन्यास का एलान करते समय क्या-क्या कहा? सबकुछ पढ़ें
भारत के बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक अजिंक्य रहाणे ने गुरुवार को इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। ...और पढ़ें

भावुक हुए अजिंक्य रहाणे
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। विदेशों में खेलने वाले भारत के बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक अजिंक्य रहाणे ने गुरुवार को इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब उनके लिए "आगे बढ़ने" का सही समय है। 38 साल के रहाणे ने 2013 में शुरू हुए अपने करियर में भारत के लिए कुल 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 मैच खेले।
हालांकि, वेस्टइंडीज के खिलाफ 2023 की अवे टेस्ट सीरीज के बाद से वह भारत के लिए नहीं खेले हैं। रहाणे ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक वीडियो शेयर किया। इस दौरान उन्होंने कहा, "आज मुझे लगता है कि मेरे लिए आगे बढ़ने और इंटरनेशनल क्रिकेट और सभी फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा करने का सही समय है।"
रहाणे को कभी भी फुल-टाइम भारतीय कप्तान नहीं बनाया गया, लेकिन टेस्ट कप्तान के तौर पर उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है। उन्होंने चार मैच जीते, दो ड्रॉ रहे। कम से कम पांच मैच खेलने वाले भारतीय टेस्ट कप्तानों में उनकी जीत का प्रतिशत सबसे ज्यादा रहा। नेशनल टीम के कप्तान के तौर पर उनके कार्यकाल में मेलबर्न में मिली ऐतिहासिक जीत और गाबा में भारत की ऐतिहासिक जीत शामिल है।
रहाणे ने इंस्टाग्राम पर शेयर किए वीडियो में कहा, "जिंदगी की सच्चाई यही है कि हर चीज की शुरुआत होती है और उसका अंत भी। जब सही समय आता है तो आपको बस उसका सम्मान करना होता है और आगे बढ़ना होता है। मैंने अपनी बैटिंग में हमेशा टाइमिंग पर भरोसा किया है और इसके महत्व को समझा है। आज मुझे लगता है कि आगे बढ़ने और इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से रिटायरमेंट की घोषणा करने का सही समय आ गया है।"
रहाणे ने कहा, "डोंबिवली से प्रैक्टिस के लिए आने-जाने वाले शुरुआती दिनों से ही मैंने इस खेल को अपना सब कुछ दिया। हर दिन, हर पारी, बैटिंग के हर मौके पर, मेरा सपना हमेशा इंडिया की कैप पहनने का ही रहा। मैंने हमेशा एक ही नियम का पालन किया। अपने देश और अपनी टीम को हमेशा खुद से ऊपर रखा। मैंने पूरी ईमानदारी से यह खेल खेला है। मेरा हमेशा से यह मानना रहा है कि अगर आपकी नीयत साफ है, तो खेल हमेशा आपका ख्याल रखेगा।"
उन्होंने कहा, "जब से मैंने एक फर्स्ट-क्लास क्रिकेटर के तौर पर शुरुआत की, तब से भारतीय क्रिकेट ने बहुत तरक्की की है और मुझे इस बात पर बहुत गर्व है कि मैं पिछले 20 सालों से इसका हिस्सा रहा हूं। भले ही एक भारतीय क्रिकेटर के तौर पर मेरा सफर अब खत्म हो रहा है, लेकिन इस खेल के साथ मेरा सफर जारी रहेगा। मैं अगली पीढ़ी की मदद करने, इस खेल से सीखी गई सीखों को शेयर करने और उस खेल को कुछ वापस देने के लिए उत्सुक हूं जिसने मुझे सब कुछ दिया है।"
उन्होंने कहा, "मुंबई में एक युवा खिलाड़ी के तौर पर शुरुआत करने से लेकर भारत के लिए खेलने तक का सफर मेरे लिए बहुत सम्मान की बात रही है। इस सफर में कई जीत और हार मिलीं, लेकिन क्रिकेट खेलने, अलग-अलग टीमों का हिस्सा बनने और जिंदगी भर याद रहने वाली यादें बनाने की खुशी ही मेरे करियर की सबसे बड़ी संतुष्टि रही है।"
रहाणे ने कहा, "BCCI, MCA, मेरे साथियों, कोचों, हर IPL फ्रेंचाइजी, राधिका, मेरे पूरे परिवार, दोस्तों और उन सभी लोगों का शुक्रिया जिन्होंने मेरा साथ दिया। उन सभी क्रिकेट फैंस का भी बहुत-बहुत शुक्रिया जिन्होंने उतार-चढ़ाव के हर दौर में मेरा साथ दिया।
उन्होंने कहा, "'अजिंक्य' का मतलब होता है जिसे हराया न जा सके, लेकिन क्रिकेट ने मुझे कई बार हार का स्वाद चखाया है। क्रिकेटर के तौर पर हम सफल होने से ज्यादा बार असफल होते हैं। मेरी टीम मैच हारी है, मैंने भी गलतियां की हैं, लेकिन एक जगह ऐसी है जहां मैं कभी नहीं हारा और वह है आपके दिल। आपने हमेशा मुझे अपना समझा। आपके प्यार, भरोसे और समर्थन के लिए शुक्रिया।"
भारत के बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक अजिंक्य रहाणे ने गुरुवार को इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। ...और पढ़ें

भावुक हुए अजिंक्य रहाणे
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। विदेशों में खेलने वाले भारत के बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक अजिंक्य रहाणे ने गुरुवार को इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब उनके लिए "आगे बढ़ने" का सही समय है। 38 साल के रहाणे ने 2013 में शुरू हुए अपने करियर में भारत के लिए कुल 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 मैच खेले।
हालांकि, वेस्टइंडीज के खिलाफ 2023 की अवे टेस्ट सीरीज के बाद से वह भारत के लिए नहीं खेले हैं। रहाणे ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक वीडियो शेयर किया। इस दौरान उन्होंने कहा, "आज मुझे लगता है कि मेरे लिए आगे बढ़ने और इंटरनेशनल क्रिकेट और सभी फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा करने का सही समय है।"
रहाणे को कभी भी फुल-टाइम भारतीय कप्तान नहीं बनाया गया, लेकिन टेस्ट कप्तान के तौर पर उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है। उन्होंने चार मैच जीते, दो ड्रॉ रहे। कम से कम पांच मैच खेलने वाले भारतीय टेस्ट कप्तानों में उनकी जीत का प्रतिशत सबसे ज्यादा रहा। नेशनल टीम के कप्तान के तौर पर उनके कार्यकाल में मेलबर्न में मिली ऐतिहासिक जीत और गाबा में भारत की ऐतिहासिक जीत शामिल है।
रहाणे ने इंस्टाग्राम पर शेयर किए वीडियो में कहा, "जिंदगी की सच्चाई यही है कि हर चीज की शुरुआत होती है और उसका अंत भी। जब सही समय आता है तो आपको बस उसका सम्मान करना होता है और आगे बढ़ना होता है। मैंने अपनी बैटिंग में हमेशा टाइमिंग पर भरोसा किया है और इसके महत्व को समझा है। आज मुझे लगता है कि आगे बढ़ने और इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से रिटायरमेंट की घोषणा करने का सही समय आ गया है।"
रहाणे ने कहा, "डोंबिवली से प्रैक्टिस के लिए आने-जाने वाले शुरुआती दिनों से ही मैंने इस खेल को अपना सब कुछ दिया। हर दिन, हर पारी, बैटिंग के हर मौके पर, मेरा सपना हमेशा इंडिया की कैप पहनने का ही रहा। मैंने हमेशा एक ही नियम का पालन किया। अपने देश और अपनी टीम को हमेशा खुद से ऊपर रखा। मैंने पूरी ईमानदारी से यह खेल खेला है। मेरा हमेशा से यह मानना रहा है कि अगर आपकी नीयत साफ है, तो खेल हमेशा आपका ख्याल रखेगा।"
उन्होंने कहा, "जब से मैंने एक फर्स्ट-क्लास क्रिकेटर के तौर पर शुरुआत की, तब से भारतीय क्रिकेट ने बहुत तरक्की की है और मुझे इस बात पर बहुत गर्व है कि मैं पिछले 20 सालों से इसका हिस्सा रहा हूं। भले ही एक भारतीय क्रिकेटर के तौर पर मेरा सफर अब खत्म हो रहा है, लेकिन इस खेल के साथ मेरा सफर जारी रहेगा। मैं अगली पीढ़ी की मदद करने, इस खेल से सीखी गई सीखों को शेयर करने और उस खेल को कुछ वापस देने के लिए उत्सुक हूं जिसने मुझे सब कुछ दिया है।"
उन्होंने कहा, "मुंबई में एक युवा खिलाड़ी के तौर पर शुरुआत करने से लेकर भारत के लिए खेलने तक का सफर मेरे लिए बहुत सम्मान की बात रही है। इस सफर में कई जीत और हार मिलीं, लेकिन क्रिकेट खेलने, अलग-अलग टीमों का हिस्सा बनने और जिंदगी भर याद रहने वाली यादें बनाने की खुशी ही मेरे करियर की सबसे बड़ी संतुष्टि रही है।"
रहाणे ने कहा, "BCCI, MCA, मेरे साथियों, कोचों, हर IPL फ्रेंचाइजी, राधिका, मेरे पूरे परिवार, दोस्तों और उन सभी लोगों का शुक्रिया जिन्होंने मेरा साथ दिया। उन सभी क्रिकेट फैंस का भी बहुत-बहुत शुक्रिया जिन्होंने उतार-चढ़ाव के हर दौर में मेरा साथ दिया।
उन्होंने कहा, "'अजिंक्य' का मतलब होता है जिसे हराया न जा सके, लेकिन क्रिकेट ने मुझे कई बार हार का स्वाद चखाया है। क्रिकेटर के तौर पर हम सफल होने से ज्यादा बार असफल होते हैं। मेरी टीम मैच हारी है, मैंने भी गलतियां की हैं, लेकिन एक जगह ऐसी है जहां मैं कभी नहीं हारा और वह है आपके दिल। आपने हमेशा मुझे अपना समझा। आपके प्यार, भरोसे और समर्थन के लिए शुक्रिया।"
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