चुनाव के साए में आज भिड़ेंगे KKR और RR, कोलकाता को पहली जीत की तलाश; राजस्थान विजय पथ पर लौटने को बेताब
चुनाव के साए में आज भिड़ेंगे KKR और RR, कोलकाता को पहली जीत की तलाश; राजस्थान विजय पथ पर लौटने को बेताब
बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से महज तीन दिन पहले ईडन गार्डेंस स्टेडियम में आईपीएल का मैच होने जा रहा है। ...और पढ़ें
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कोलकाता को चाहिए जीत।
बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से महज तीन दिन पहले ईडन गार्डेंस स्टेडियम में आईपीएल का मैच होने जा रहा है। ...और पढ़ें
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कोलकाता को चाहिए जीत।
ऐसा पहली बार है, जब बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से महज तीन दिन पहले ईडन गार्डेंस स्टेडियम में आईपीएल का मैच होने जा रहा है। चुनावी सरगर्मी व राजनीतिक तनातनी के बावजूद रविवार को कोलकाता नाइट राइडर्स व राजस्थान रॉयल्स में होने वाले इस मैच को लेकर उत्साह तनिक भी कम नहीं है, बल्कि इसने माहौल को कूल कर दिया है।
5 मैच जीत चुकी कोलकाता
कोलकाता के समर्थकों को उम्मीद है कि उनकी टीम की हार का सिलसिला थमेगा और चुनाव संपन्न होने के बाद कोलकाता जब आगामी 16 मई को दोबारा यहां खेलने आएगी तो भिन्न स्थिति में होगी। कोलकाता अब तक छह मैच खेलकर पांच हार चुकी है। ईडन में पंजाब के विरुद्ध मैच के बारिश के कारण धुलने से अंक बंटने से कोलकाता का खाता खुला था। हालांकि, वर्तमान सत्र में वह अभी भी ऐसी एकमात्र टीम है, जिसने एक भी मैच नहीं जीता है और अंक तालिका में सबसे निचले पायदान पर है।
जीत की पटरी पर वापसी की कोशिश
दूसरी तरफ राजस्थान ने पांच मैच खेले हैं। पहले चार मैच शानदार तरीके से जीते लेकिन हैदराबाद के विरुद्ध पिछले मैच में उसकी जीत की लय टूट गई। उसकी बेहद मजबूत बल्लेबाजी को हैदराबाद के गेंदबाजों ने 159 रनों पर समेट दिया। राजस्थान विजय पथ पर वापसी को बेताब है। फिलहाल राजस्थान का पलड़ा भारी दिख रहा है, लेकिन रिकॉर्ड कोलकाता की थोड़ी अधिक वकालत कर रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक 32 मैच हुए हैं, जिनमें कोलकाता ने 16 तो राजस्थान ने 13 जीते हैं। तीन बेनतीजा रहे।
योजनाओं में उलझी कोलकाता
कोलकाता के लिए कोई भी योजना काम नहीं कर रहीं। उसके प्रमुख खिलाड़ी आशानुरूप प्रदर्शन नहीं कर पा रहे। सारे प्रयोग विफल साबित हो रहे हैं। अंतिम एकादश के चयन पर प्रश्न उठ रहे हैं। मैदान पर तैयार रणनीतियां भी सवालों के घेरे में हैं। कुछ मैचों में अच्छी स्थिति में होने के बावजूद उसे अंतत: हार का सामना करना पड़ा।
रिंकू का नहीं चल रहा बल्ला
रिंकू सिंह के लगातार विफल होने के बावजूद अंतिम एकादश में बने रहने व स्पिनरों के खराब प्रदर्शन के बावजूद रचिन रवींद्र को मौका नहीं दिया जाना भी हैरत पैदा कर रहा। हर्षित राणा व मथिशा पथिराना के चोटिल होने के कारण कोलकाता की तेज गेंदबाजी असहाय नजर आ रही। उसकी प्लेआफ में पहुंचने की संभावना पहले ही क्षीण हो चुकी है। वरुण चक्रवर्ती का पिछले मैच में विकेटों के बीच लौटना व कैमरन ग्रीन के 79 रनों की पारी ही कोलकाता के लिए सकारात्मक पक्ष हैं।
वैभव पर होंगी नजरें
रविवार को अधिकांश लोग वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी देखने ही ईडन आएंगे। गत आइपीएल में सुर्खियों में आने के बाद वैभव का ईडन में यह पहला मैच भी होगा। वैभव इस सत्र में भी शानदार फार्म में हैं। उन्होंने पांच मैचों में 263.15 के स्ट्राइक रेट से 200 रन बनाए हैं, जिनमें दो अर्धशतक शामिल हैं। राजस्थान में यशस्वी जायसवाल, विकेटकीपर ध्रुव जुरैल व कप्तान रियान पराग जैसे शानदार बल्लेबाज और जोफ्रा आर्चर व रवि बिश्नोई जैसे उम्दा गेंदबाज भी हैं, जो इसे बेहद मजबूत इकाई बनाती है।
5 मैच जीत चुकी कोलकाता
कोलकाता के समर्थकों को उम्मीद है कि उनकी टीम की हार का सिलसिला थमेगा और चुनाव संपन्न होने के बाद कोलकाता जब आगामी 16 मई को दोबारा यहां खेलने आएगी तो भिन्न स्थिति में होगी। कोलकाता अब तक छह मैच खेलकर पांच हार चुकी है। ईडन में पंजाब के विरुद्ध मैच के बारिश के कारण धुलने से अंक बंटने से कोलकाता का खाता खुला था। हालांकि, वर्तमान सत्र में वह अभी भी ऐसी एकमात्र टीम है, जिसने एक भी मैच नहीं जीता है और अंक तालिका में सबसे निचले पायदान पर है।
जीत की पटरी पर वापसी की कोशिश
दूसरी तरफ राजस्थान ने पांच मैच खेले हैं। पहले चार मैच शानदार तरीके से जीते लेकिन हैदराबाद के विरुद्ध पिछले मैच में उसकी जीत की लय टूट गई। उसकी बेहद मजबूत बल्लेबाजी को हैदराबाद के गेंदबाजों ने 159 रनों पर समेट दिया। राजस्थान विजय पथ पर वापसी को बेताब है। फिलहाल राजस्थान का पलड़ा भारी दिख रहा है, लेकिन रिकॉर्ड कोलकाता की थोड़ी अधिक वकालत कर रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक 32 मैच हुए हैं, जिनमें कोलकाता ने 16 तो राजस्थान ने 13 जीते हैं। तीन बेनतीजा रहे।
योजनाओं में उलझी कोलकाता
कोलकाता के लिए कोई भी योजना काम नहीं कर रहीं। उसके प्रमुख खिलाड़ी आशानुरूप प्रदर्शन नहीं कर पा रहे। सारे प्रयोग विफल साबित हो रहे हैं। अंतिम एकादश के चयन पर प्रश्न उठ रहे हैं। मैदान पर तैयार रणनीतियां भी सवालों के घेरे में हैं। कुछ मैचों में अच्छी स्थिति में होने के बावजूद उसे अंतत: हार का सामना करना पड़ा।
रिंकू का नहीं चल रहा बल्ला
रिंकू सिंह के लगातार विफल होने के बावजूद अंतिम एकादश में बने रहने व स्पिनरों के खराब प्रदर्शन के बावजूद रचिन रवींद्र को मौका नहीं दिया जाना भी हैरत पैदा कर रहा। हर्षित राणा व मथिशा पथिराना के चोटिल होने के कारण कोलकाता की तेज गेंदबाजी असहाय नजर आ रही। उसकी प्लेआफ में पहुंचने की संभावना पहले ही क्षीण हो चुकी है। वरुण चक्रवर्ती का पिछले मैच में विकेटों के बीच लौटना व कैमरन ग्रीन के 79 रनों की पारी ही कोलकाता के लिए सकारात्मक पक्ष हैं।
वैभव पर होंगी नजरें
रविवार को अधिकांश लोग वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी देखने ही ईडन आएंगे। गत आइपीएल में सुर्खियों में आने के बाद वैभव का ईडन में यह पहला मैच भी होगा। वैभव इस सत्र में भी शानदार फार्म में हैं। उन्होंने पांच मैचों में 263.15 के स्ट्राइक रेट से 200 रन बनाए हैं, जिनमें दो अर्धशतक शामिल हैं। राजस्थान में यशस्वी जायसवाल, विकेटकीपर ध्रुव जुरैल व कप्तान रियान पराग जैसे शानदार बल्लेबाज और जोफ्रा आर्चर व रवि बिश्नोई जैसे उम्दा गेंदबाज भी हैं, जो इसे बेहद मजबूत इकाई बनाती है।
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