एक फिल्म को कैसे मिलता है Cult Classic का दर्जा ? Box Office पर पिटकर भी 'अमर' हो गईं ये Movies
एक फिल्म को कैसे मिलता है Cult Classic का दर्जा ? Box Office पर पिटकर भी 'अमर' हो गईं ये Movies
भारतीय सिनेमा में ऐसी कई फिल्में हैं जो रिलीज के वक्त बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही लेकिन बाद में दर्शकों ने इन्हें Cult Classic बना दिया। ...और पढ़ें

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। मेरा नाम जोकर, अग्निपथ, अंदाज अपना अपना जैसी कई फिल्में रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही थीं। लेकिन बाद में इन्हें कल्ट क्लासिक का दर्जा कैसे मिला? क्या कमर्शियली फ्लॉप होने के बावजूद फिल्में हिट कही जा सकती हैं? क्या बॉक्स ऑफिस पर कमाई ही फिल्मों के हिट होने का एकमात्र सबूत नहीं होता? आइए समझते हैं इस आर्टिकल में।
फिल्में कैसे बनती हैं कल्ट क्लासिक?
अक्सर हम सुनते हैं कि फलां फिल्म तो कल्ट क्लासिक (Cult Classic) है, लेकिन जब हमें पता चलता है कि वो फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही थी तो हम चौंक जाते हैं। दिमाग में कई तरह के सवाल होते हैं कि क्या बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप होने के बावजूद फिल्में बाद में हिट होती हैं?

दरअसल कोई ऐसी फिल्म जो बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो जाती है, लेकिन बाद में एक 'कल्ट क्लासिक' बन जाती है, उसे समीक्षकों (Critics) या सांस्कृतिक नजरिए से तो सफल माना जाता है, लेकिन अपनी शुरुआती रिलीज के समय वह कमर्शियली असफल ही मानी जाती है। भले ही कमाई के मामले में यह फेल रही हो लेकिन होम वीडियो और टेलीविजन स्ट्रीमिंग के जरिए उसने एक अच्छा फैनबेस बनाकर सफलता हासिल की है।
कमर्शियली फ्लॉप होने के मुख्य कारण
1. खराब मार्केटिंग
2. यूनिक कॉन्सेप्ट (जो अपने समय से आगे का हो)
3. ट्रेंड से हटकर सब्जेक्ट
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कैसे मिलता है कल्ट क्लासिक का दर्जा?
कोई फिल्म समय के साथ एक वफादार और भावुक फैनबेस बनाकर कल्ट क्लासिक (Cult Classic) का दर्जा हासिल करती है, आमतौर पर बॉक्स ऑफिस पर शुरुआती असफलता या समीक्षकों की उदासीनता के बाद।
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बॉलीवुड फिल्में, जिन्हें मिला कल्ट क्लासिक का दर्जा
कई बॉलीवुड फिल्में शुरू में खराब मार्केटिंग, लीक से हटकर विषयों या अपने समय से आगे के कॉन्सेप्ट की वजह से बॉक्स ऑफिस पर नाकाम रहीं, लेकिन बाद में टीवी और स्ट्रीमिंग के जरिए 'कल्ट क्लासिक' के तौर पर उन्हें जबरदस्त लोकप्रियता मिली। कुछ उदाहरण-
1. कागज के फूल (Kaagaz Ke Phool)
2. अंदाज अपना अपना (Andaz Apna Apna)
3. अग्निपथ (Agneepath)
4. मेरा नाम जोकर (Mera Naam Joker)
5. दिल से (Dil Se)
6. सिलसिला (Silsila)
7. मर्द को दर्द नहीं होता (Mard Ko Dard Nhi Hota)
8. नायक द रियल हीरो (Nayak: The Real Hero)
9. बॉम्बे (Bombay)
ये सभी फिल्में रिलीज के वक्त बॉक्स ऑफिस पर असफल रहीं लेकिन टीवी पर स्ट्रीमिंग के बाद दर्शकों ने इन्हें कल्ट क्लासिक बना दिया। वहीं कुछ फिल्में ऐसी भी हैं जो रिलीज के वक्त भी ब्लॉकबस्टर रहीं और कल्ट क्लासिक भी बनी जैसे शोले, दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे।
भारतीय सिनेमा में ऐसी कई फिल्में हैं जो रिलीज के वक्त बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही लेकिन बाद में दर्शकों ने इन्हें Cult Classic बना दिया। ...और पढ़ें

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। मेरा नाम जोकर, अग्निपथ, अंदाज अपना अपना जैसी कई फिल्में रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही थीं। लेकिन बाद में इन्हें कल्ट क्लासिक का दर्जा कैसे मिला? क्या कमर्शियली फ्लॉप होने के बावजूद फिल्में हिट कही जा सकती हैं? क्या बॉक्स ऑफिस पर कमाई ही फिल्मों के हिट होने का एकमात्र सबूत नहीं होता? आइए समझते हैं इस आर्टिकल में।
फिल्में कैसे बनती हैं कल्ट क्लासिक?
अक्सर हम सुनते हैं कि फलां फिल्म तो कल्ट क्लासिक (Cult Classic) है, लेकिन जब हमें पता चलता है कि वो फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही थी तो हम चौंक जाते हैं। दिमाग में कई तरह के सवाल होते हैं कि क्या बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप होने के बावजूद फिल्में बाद में हिट होती हैं?

दरअसल कोई ऐसी फिल्म जो बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो जाती है, लेकिन बाद में एक 'कल्ट क्लासिक' बन जाती है, उसे समीक्षकों (Critics) या सांस्कृतिक नजरिए से तो सफल माना जाता है, लेकिन अपनी शुरुआती रिलीज के समय वह कमर्शियली असफल ही मानी जाती है। भले ही कमाई के मामले में यह फेल रही हो लेकिन होम वीडियो और टेलीविजन स्ट्रीमिंग के जरिए उसने एक अच्छा फैनबेस बनाकर सफलता हासिल की है।
कमर्शियली फ्लॉप होने के मुख्य कारण
1. खराब मार्केटिंग
2. यूनिक कॉन्सेप्ट (जो अपने समय से आगे का हो)
3. ट्रेंड से हटकर सब्जेक्ट
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कैसे मिलता है कल्ट क्लासिक का दर्जा?
कोई फिल्म समय के साथ एक वफादार और भावुक फैनबेस बनाकर कल्ट क्लासिक (Cult Classic) का दर्जा हासिल करती है, आमतौर पर बॉक्स ऑफिस पर शुरुआती असफलता या समीक्षकों की उदासीनता के बाद।
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बॉलीवुड फिल्में, जिन्हें मिला कल्ट क्लासिक का दर्जा
कई बॉलीवुड फिल्में शुरू में खराब मार्केटिंग, लीक से हटकर विषयों या अपने समय से आगे के कॉन्सेप्ट की वजह से बॉक्स ऑफिस पर नाकाम रहीं, लेकिन बाद में टीवी और स्ट्रीमिंग के जरिए 'कल्ट क्लासिक' के तौर पर उन्हें जबरदस्त लोकप्रियता मिली। कुछ उदाहरण-
1. कागज के फूल (Kaagaz Ke Phool)
2. अंदाज अपना अपना (Andaz Apna Apna)
3. अग्निपथ (Agneepath)
4. मेरा नाम जोकर (Mera Naam Joker)
5. दिल से (Dil Se)
6. सिलसिला (Silsila)
7. मर्द को दर्द नहीं होता (Mard Ko Dard Nhi Hota)
8. नायक द रियल हीरो (Nayak: The Real Hero)
9. बॉम्बे (Bombay)
ये सभी फिल्में रिलीज के वक्त बॉक्स ऑफिस पर असफल रहीं लेकिन टीवी पर स्ट्रीमिंग के बाद दर्शकों ने इन्हें कल्ट क्लासिक बना दिया। वहीं कुछ फिल्में ऐसी भी हैं जो रिलीज के वक्त भी ब्लॉकबस्टर रहीं और कल्ट क्लासिक भी बनी जैसे शोले, दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे।
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Mirchmasala
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