पीएम मोदी की रैली से पहले बंगाल के जगद्दल में भारी हिंसा, फेंके गए देसी बम; CISF का जवान घायल
पीएम मोदी की रैली से पहले बंगाल के जगद्दल में भारी हिंसा, फेंके गए देसी बम; CISF का जवान घायल
पश्चिम बंगाल के जगद्दल में पीएम मोदी की रैली से पहले राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच हिंसक झड़पें हुईं। इस दौरान देसी बम फेंके गए और गोलीबारी में एक ...और पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रविवार रात जगद्दल पुलिस स्टेशन के पास तनाव उस वक्त हिंसा में बदल गया, जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले विरोधी राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच जमकर झड़पें हुईं। यह घटना ऐसे समय हुई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस इलाके में रैली करने वाले हैं।
इस दौरान कथित तौर पर देसी बम फेंके गए और गोलीबारी की भी खबरें आईं। इसमें सीआईएसएफ का एक जवान गोली लगने से घायल हो गया और उसका इलाज भटपारा स्टेट जनरल अस्पताल में चल रहा है।
कैसे भड़की हिंसा?
रिपोर्ट्स के अनुसार, भाजपा उम्मीदवार राजेश कुमार रात करीब 10 बजे पुलिस स्टेशन पहुंचे थे, ताकि ममता बनर्जी के नाम पर कथित तौर पर दर्ज एक मामले की कॉपी ले सकें। लगभग उसी समय तृणूल कांग्रेस पार्षद मनोज पांडे भी पार्टी समर्थकों के साथ वहां पहुंच गए।
इसके तुरंत बाद भाजपा नेता अर्जुन सिंह भी पुलिस थाने पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि जैसे ही वे अपनी गाड़ी से बाहर निकले तनाव भड़क उठा और एक तीखी झड़प हुई जो जल्द ही हिंसा में बदल गई।
देसी बम फेंकने और गोलीबारी की भी खबरें
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि कथित तौर पर पहले एक तृणूल कार्यकर्ता पर हमला किया गया था, जिसके बाद दूसरी तरफ से जवाबी कार्रवाई हुई। यह झड़प जल्द ही घोषपारा रोड तक फैल गई, जहां दोनों गुटों के बीच जबरदस्त हाथापाई हुई। इलाके में देसी बम फेंके जाने और गोलीबारी की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे क्षेत्र में दहशत और बढ़ गई है।
पश्चिम बंगाल के जगद्दल में पीएम मोदी की रैली से पहले राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच हिंसक झड़पें हुईं। इस दौरान देसी बम फेंके गए और गोलीबारी में एक ...और पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रविवार रात जगद्दल पुलिस स्टेशन के पास तनाव उस वक्त हिंसा में बदल गया, जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले विरोधी राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच जमकर झड़पें हुईं। यह घटना ऐसे समय हुई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस इलाके में रैली करने वाले हैं।
इस दौरान कथित तौर पर देसी बम फेंके गए और गोलीबारी की भी खबरें आईं। इसमें सीआईएसएफ का एक जवान गोली लगने से घायल हो गया और उसका इलाज भटपारा स्टेट जनरल अस्पताल में चल रहा है।
कैसे भड़की हिंसा?
रिपोर्ट्स के अनुसार, भाजपा उम्मीदवार राजेश कुमार रात करीब 10 बजे पुलिस स्टेशन पहुंचे थे, ताकि ममता बनर्जी के नाम पर कथित तौर पर दर्ज एक मामले की कॉपी ले सकें। लगभग उसी समय तृणूल कांग्रेस पार्षद मनोज पांडे भी पार्टी समर्थकों के साथ वहां पहुंच गए।
इसके तुरंत बाद भाजपा नेता अर्जुन सिंह भी पुलिस थाने पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि जैसे ही वे अपनी गाड़ी से बाहर निकले तनाव भड़क उठा और एक तीखी झड़प हुई जो जल्द ही हिंसा में बदल गई।
देसी बम फेंकने और गोलीबारी की भी खबरें
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि कथित तौर पर पहले एक तृणूल कार्यकर्ता पर हमला किया गया था, जिसके बाद दूसरी तरफ से जवाबी कार्रवाई हुई। यह झड़प जल्द ही घोषपारा रोड तक फैल गई, जहां दोनों गुटों के बीच जबरदस्त हाथापाई हुई। इलाके में देसी बम फेंके जाने और गोलीबारी की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे क्षेत्र में दहशत और बढ़ गई है।
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