सेहत की जंग लड़ रहे विनोद कांबली! दिमाग में जमा खून का थक्का, ब्रेन स्ट्रोक का गंभीर खतरा
सेहत की जंग लड़ रहे विनोद कांबली! दिमाग में जमा खून का थक्का, ब्रेन स्ट्रोक का गंभीर खतरा
क्रिकेट की पिच पर अपने बेखौफ अंदाज, स्टाइलिश लुक और ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले विनोद कांबली रियल लाइफ में बेहद मुश्किल दौर से गुजर रह ...और पढ़ें
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17 टेस्ट और 104 वनडे खेले
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। क्रिकेट की पिच पर अपने बेखौफ अंदाज, स्टाइलिश लुक और ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले विनोद कांबली रियल लाइफ में बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। कभी अपने टैलेंट से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले कांबली की मौजूदा हालत किसी को भी भावुक कर सकती है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस कठिन समय में वे अकेले नहीं हैं; उनके करीबी दोस्त उनके ठीक होने की पूरी उम्मीद लगाए बैठे हैं।
काफी समय से बीमार चल रहे क्रिकेटर
54 साल के विनोद कांबली अपनी सेहत को लेकर सबसे पहले तब सुर्खियों में आए, जब ठाणे के एक प्राइवेट अस्पताल में यूरिन इन्फेक्शन के कारण उन्हें भर्ती कराया गया था। अब क्रिकेटर को लेकर एक बार फिर चिंता की खबर सामने आई है। दरअसल, विनोद कांबली कमजोर याददाश्त की समस्या से जूझ रहे हैं।
कांबली को है स्ट्रोक का खतरा
डॉक्टरों ने बताया कि उनके दिमाग में खून का एक थक्का (ब्लड क्लॉट) जम गया है, जिसे अब सर्जरी के जरिए हटाना मुमकिन नहीं है। इसी वजह से उनकी याददाश्त पर गहरा असर पड़ रहा है और डॉक्टरों ने उन्हें 'ब्रेन स्ट्रोक' के गंभीर खतरे की चेतावनी दी है।
मदद के लिए आगे आए पूर्व क्रिकेटर्स
कांबली के करीबी दोस्त मार्कस कौटो ने हिन्दुस्तान टाइम्स को बताया कि कांबली ने शराब पूरी तरह से छोड़ दी है, लेकिन वह सड़क पर कई बार राहगीरों या ऑटो वालों से सिगरेट मांग लेते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस मुश्किल घड़ी में कांबली को आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए एक खास व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। इस ग्रुप में मुख्य रूप से उनके कई पुराने क्रिकेटर दोस्त शामिल हैं।
मार्कस के मुताबिक, विनोद की याददाश्त काफी कमजोर हो चुकी है। हालांकि, राहत की बात केवल इतनी है कि पिछले छह महीनों में उनकी याददाश्त में कोई और ज्यादा गिरावट नहीं आई है। इसका मुख्य कारण उनके दिमाग में जमा हुआ खून का एक थक्का है।
इंटरनेशनल क्रिकेट में प्रदर्शनइंटरनेशनल क्रिकेट में कांबली के प्रदर्शन की बात करें तो उन्होंने 17 टेस्ट और 104 वनडे खेले।
टेस्ट की 21 पारियों में उन्होंने 54.20 की औसत और 59.46 की स्ट्राइक रेट से 1084 रन बनाए।
टेस्ट क्रिकेट में कांबली के नाम 3 अर्धशतक और 4 शतक दर्ज हैं।
वनडे की 97 पारियों में उनके बल्ले से 2477 रन निकले।
इस प्रारूप में उन्होंने 14 फिफ्टी और 2 सेंचुरी लगाईं।
क्रिकेट की पिच पर अपने बेखौफ अंदाज, स्टाइलिश लुक और ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले विनोद कांबली रियल लाइफ में बेहद मुश्किल दौर से गुजर रह ...और पढ़ें
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17 टेस्ट और 104 वनडे खेले
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। क्रिकेट की पिच पर अपने बेखौफ अंदाज, स्टाइलिश लुक और ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले विनोद कांबली रियल लाइफ में बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। कभी अपने टैलेंट से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले कांबली की मौजूदा हालत किसी को भी भावुक कर सकती है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस कठिन समय में वे अकेले नहीं हैं; उनके करीबी दोस्त उनके ठीक होने की पूरी उम्मीद लगाए बैठे हैं।
काफी समय से बीमार चल रहे क्रिकेटर
54 साल के विनोद कांबली अपनी सेहत को लेकर सबसे पहले तब सुर्खियों में आए, जब ठाणे के एक प्राइवेट अस्पताल में यूरिन इन्फेक्शन के कारण उन्हें भर्ती कराया गया था। अब क्रिकेटर को लेकर एक बार फिर चिंता की खबर सामने आई है। दरअसल, विनोद कांबली कमजोर याददाश्त की समस्या से जूझ रहे हैं।
कांबली को है स्ट्रोक का खतरा
डॉक्टरों ने बताया कि उनके दिमाग में खून का एक थक्का (ब्लड क्लॉट) जम गया है, जिसे अब सर्जरी के जरिए हटाना मुमकिन नहीं है। इसी वजह से उनकी याददाश्त पर गहरा असर पड़ रहा है और डॉक्टरों ने उन्हें 'ब्रेन स्ट्रोक' के गंभीर खतरे की चेतावनी दी है।
मदद के लिए आगे आए पूर्व क्रिकेटर्स
कांबली के करीबी दोस्त मार्कस कौटो ने हिन्दुस्तान टाइम्स को बताया कि कांबली ने शराब पूरी तरह से छोड़ दी है, लेकिन वह सड़क पर कई बार राहगीरों या ऑटो वालों से सिगरेट मांग लेते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस मुश्किल घड़ी में कांबली को आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए एक खास व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। इस ग्रुप में मुख्य रूप से उनके कई पुराने क्रिकेटर दोस्त शामिल हैं।
मार्कस के मुताबिक, विनोद की याददाश्त काफी कमजोर हो चुकी है। हालांकि, राहत की बात केवल इतनी है कि पिछले छह महीनों में उनकी याददाश्त में कोई और ज्यादा गिरावट नहीं आई है। इसका मुख्य कारण उनके दिमाग में जमा हुआ खून का एक थक्का है।
इंटरनेशनल क्रिकेट में प्रदर्शनइंटरनेशनल क्रिकेट में कांबली के प्रदर्शन की बात करें तो उन्होंने 17 टेस्ट और 104 वनडे खेले।
टेस्ट की 21 पारियों में उन्होंने 54.20 की औसत और 59.46 की स्ट्राइक रेट से 1084 रन बनाए।
टेस्ट क्रिकेट में कांबली के नाम 3 अर्धशतक और 4 शतक दर्ज हैं।
वनडे की 97 पारियों में उनके बल्ले से 2477 रन निकले।
इस प्रारूप में उन्होंने 14 फिफ्टी और 2 सेंचुरी लगाईं।
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