कब्र ही कब्र... ईरान पर टूटा दुखों का पहाड़, गाजा का जिक्र करते हुए शेयर की फोटो
कब्र ही कब्र... ईरान पर टूटा दुखों का पहाड़, गाजा का जिक्र करते हुए शेयर की फोटो
अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद ईरान पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। मिनाब के एक एलिमेंट्री स्कूल पर 28 फरवरी को हुए हमले में 160 से ज्यादा बच्चों की मौत ...और पढ़ें

ईरान के विदेश मंत्री ने शेयर की क्रबों की फोटो।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद ईरान पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। हजारों लोग दुख और तकलीफ में हैं। लोग हमले के पहले दिन मारे गए 160 से ज्यादा बच्चों की मौत का दुख मना रहे हैं।
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें हजारों लोग स्टूडेंट्स के अंतिम संस्कार के जुलूस के लिए इकट्ठा हुए दिख रहे हैं। पुरुषों को रोते हुए, अपनों को खोने का दुख मनाते हुए देखा जा सकता है। कुछ लोग सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीर पकड़े हुए दिख रहे हैं, जबकि कुछ ईरान का झंडा लिए हुए हैं।
28 फरवरी को हुआ था हमला
बताया जा रहा है कि यह हमला शनिवार (28 फरवरी) को दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर में लड़कियों के एलिमेंट्री स्कूल, शाजारेह तैबेह स्कूल में हुआ। किसी शिक्षण संस्थान या हॉस्पिटल या फिर किसी दूसरी सार्वजनिक जगह पर जानबूझकर हमला करना, इंटरनेशनल लॉ के तहत वॉर क्राइम है।
विदेश मंत्री ने शेयर की कब्रों की फोटो
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने एक तस्वीर शेयर की, जिसमें मासूम लड़कियों को दफनाने के लिए बड़े पैमाने पर कब्रें खोदी जा रही हैं। उसी पोस्ट में अराघची ने ट्रंप पर निशाना साधा और इसे 'कोल्ड-ब्लडेड' मर्डर कहा।
अराघची ने एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, "ये 160 से ज्यादा मासूम जवान लड़कियों के लिए खोदी जा रही कब्रें हैं, जो एक प्राइमरी स्कूल पर यूएस-इजरायली बमबारी में मारी गईं। उनके शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए। मिस्टर ट्रंप ने जिस "बचाव" का वादा किया था, असल में ऐसा ही दिखता है। गाजा से लेकर मिनाब तक मासूमों की बेरहमी से हत्या की गई।"
हमले की निंदा करते हुए अरागची ने कहा, "नष्ट हुई बिल्डिंग ईरान के दक्षिण में लड़कियों का एक प्राइमरी स्कूल है। इस पर दिनदहाड़े बमबारी की गई, जब यह छोटे बच्चों से भरा हुआ था। अकेले इसी जगह पर दर्जनों मासूम बच्चों की हत्या की गई है। ईरानी लोगों के खिलाफ इन अपराधों का जवाब दिया जाएगा।"
अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद ईरान पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। मिनाब के एक एलिमेंट्री स्कूल पर 28 फरवरी को हुए हमले में 160 से ज्यादा बच्चों की मौत ...और पढ़ें

ईरान के विदेश मंत्री ने शेयर की क्रबों की फोटो।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद ईरान पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। हजारों लोग दुख और तकलीफ में हैं। लोग हमले के पहले दिन मारे गए 160 से ज्यादा बच्चों की मौत का दुख मना रहे हैं।
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें हजारों लोग स्टूडेंट्स के अंतिम संस्कार के जुलूस के लिए इकट्ठा हुए दिख रहे हैं। पुरुषों को रोते हुए, अपनों को खोने का दुख मनाते हुए देखा जा सकता है। कुछ लोग सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीर पकड़े हुए दिख रहे हैं, जबकि कुछ ईरान का झंडा लिए हुए हैं।
28 फरवरी को हुआ था हमला
बताया जा रहा है कि यह हमला शनिवार (28 फरवरी) को दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर में लड़कियों के एलिमेंट्री स्कूल, शाजारेह तैबेह स्कूल में हुआ। किसी शिक्षण संस्थान या हॉस्पिटल या फिर किसी दूसरी सार्वजनिक जगह पर जानबूझकर हमला करना, इंटरनेशनल लॉ के तहत वॉर क्राइम है।
विदेश मंत्री ने शेयर की कब्रों की फोटो
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने एक तस्वीर शेयर की, जिसमें मासूम लड़कियों को दफनाने के लिए बड़े पैमाने पर कब्रें खोदी जा रही हैं। उसी पोस्ट में अराघची ने ट्रंप पर निशाना साधा और इसे 'कोल्ड-ब्लडेड' मर्डर कहा।
अराघची ने एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, "ये 160 से ज्यादा मासूम जवान लड़कियों के लिए खोदी जा रही कब्रें हैं, जो एक प्राइमरी स्कूल पर यूएस-इजरायली बमबारी में मारी गईं। उनके शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए। मिस्टर ट्रंप ने जिस "बचाव" का वादा किया था, असल में ऐसा ही दिखता है। गाजा से लेकर मिनाब तक मासूमों की बेरहमी से हत्या की गई।"
हमले की निंदा करते हुए अरागची ने कहा, "नष्ट हुई बिल्डिंग ईरान के दक्षिण में लड़कियों का एक प्राइमरी स्कूल है। इस पर दिनदहाड़े बमबारी की गई, जब यह छोटे बच्चों से भरा हुआ था। अकेले इसी जगह पर दर्जनों मासूम बच्चों की हत्या की गई है। ईरानी लोगों के खिलाफ इन अपराधों का जवाब दिया जाएगा।"
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