हजारीबाग के उप स्वास्थ्य केंद्र खुद बीमार, संसाधनों की कमी से जूझ रहे मरीज
हजारीबाग के उप स्वास्थ्य केंद्र खुद बीमार, संसाधनों की कमी से जूझ रहे मरीज
हजारीबाग के बरही प्रखंड स्थित जीतपुर उप स्वास्थ्य केंद्र बदहाली का शिकार है। दो साल पहले बना भव्य भवन भी चिकित्सकों और कर्मचारियों की कमी के कारण मरीज ...और पढ़ें
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प्रखंड अंतर्गत रानीचुंआ पंचायत के जीतपुर गांव में स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। दो वर्ष पहले बनकर तैयार हुआ भव्य दो मंजिला भवन अब भी मरीजों को सुविधाएँ देने में असमर्थ है।
चिकित्सक और कर्मचारियों की भारी कमी के कारण यह केंद्र फिलहाल केवल एक एएनएम, विभा कुमारी के भरोसे संचालित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि भवन बनने के बाद भी आवश्यक स्टाफ और चिकित्सीय उपकरण नहीं दिए गए। न तो किसी चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति हुई है और न ही सीएचओ की तैनाती।
इससे मरीजों को प्राथमिक इलाज के लिए बार-बार बरही अनुमंडलीय अस्पताल या दूरस्थ स्वास्थ्य केंद्रों का रुख करना पड़ता है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे और बुजुर्ग इस सुविधा की कमी से प्रभावित हो रहे हैं।
समाजसेवी मनोज यादव, राजदेव यादव और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि एएनएम भी हमेशा केंद्र पर उपलब्ध नहीं रहती। जीतपुर उप स्वास्थ्य केंद्र पिपरा, कुरहरिया, चलांगा, परसातरी, धोबघट और कूटमा समेत कई गांवों के लिए महत्वपूर्ण है।
ग्रामीणों ने कम से कम एक चिकित्सक, एक सीएचओ, अतिरिक्त एएनएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति तथा एम्बुलेंस की व्यवस्था की मांग की है।
डीएस डॉ. प्रकाश ज्ञानी ने बताया कि पूरे बरही क्षेत्र में चिकित्सकों और एम्बुलेंस की कमी है। सीएचओ और अन्य मानव संसाधनों की नियुक्ति के लिए वरीय अधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि एएनएम विभा कुमारी नियमित रूप से केंद्र में रहती हैं और नजदीकी करियातपुर उप स्वास्थ्य केंद्र में एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध है।
हजारीबाग के बरही प्रखंड स्थित जीतपुर उप स्वास्थ्य केंद्र बदहाली का शिकार है। दो साल पहले बना भव्य भवन भी चिकित्सकों और कर्मचारियों की कमी के कारण मरीज ...और पढ़ें
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प्रखंड अंतर्गत रानीचुंआ पंचायत के जीतपुर गांव में स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। दो वर्ष पहले बनकर तैयार हुआ भव्य दो मंजिला भवन अब भी मरीजों को सुविधाएँ देने में असमर्थ है।
चिकित्सक और कर्मचारियों की भारी कमी के कारण यह केंद्र फिलहाल केवल एक एएनएम, विभा कुमारी के भरोसे संचालित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि भवन बनने के बाद भी आवश्यक स्टाफ और चिकित्सीय उपकरण नहीं दिए गए। न तो किसी चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति हुई है और न ही सीएचओ की तैनाती।
इससे मरीजों को प्राथमिक इलाज के लिए बार-बार बरही अनुमंडलीय अस्पताल या दूरस्थ स्वास्थ्य केंद्रों का रुख करना पड़ता है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे और बुजुर्ग इस सुविधा की कमी से प्रभावित हो रहे हैं।
समाजसेवी मनोज यादव, राजदेव यादव और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि एएनएम भी हमेशा केंद्र पर उपलब्ध नहीं रहती। जीतपुर उप स्वास्थ्य केंद्र पिपरा, कुरहरिया, चलांगा, परसातरी, धोबघट और कूटमा समेत कई गांवों के लिए महत्वपूर्ण है।
ग्रामीणों ने कम से कम एक चिकित्सक, एक सीएचओ, अतिरिक्त एएनएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति तथा एम्बुलेंस की व्यवस्था की मांग की है।
डीएस डॉ. प्रकाश ज्ञानी ने बताया कि पूरे बरही क्षेत्र में चिकित्सकों और एम्बुलेंस की कमी है। सीएचओ और अन्य मानव संसाधनों की नियुक्ति के लिए वरीय अधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि एएनएम विभा कुमारी नियमित रूप से केंद्र में रहती हैं और नजदीकी करियातपुर उप स्वास्थ्य केंद्र में एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध है।
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