O'Romeo से पहले विशाल भारद्वाज की फिल्मों से रिजेक्ट हो चुकी हैं Triptii Dimri, कहा- 'मुझे आपका शाहिद बनना...'
O'Romeo से पहले विशाल भारद्वाज की फिल्मों से रिजेक्ट हो चुकी हैं Triptii Dimri, कहा- 'मुझे आपका शाहिद बनना...'
विशाल भारद्वाज की फिल्म ओ रोमियो (O'Romeo) में शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी मुख्य भूमिकाएं निभा रही हैं। हाल ही में तृप्ति ने बताया कि इस फिल्म से पहले ...और पढ़ें

विशाल भारद्वाज की फिल्मों से रिजेक्ट हो चुकी हैं तृप्ति। फोटो क्रेडिट- इंस्टाग्राम
आज सिनेमाघरों में रिलीज हुई ओ रोमियो मूवी
विशाल भारद्वाज ने किया है फिल्म का निर्देशन
शाहिद कपूर संग पहली बार बनी तृप्ति की जोड़ी
स्मिता श्रीवास्तव, मुंबई। यह सप्ताह समर्पित है प्यार को और आज प्रदर्शित हो रही है तृप्ति डिमरी (Triptii Dimri) की फिल्म 'ओ रोमियो' (O'Romeo)। लगातार बड़े बैनर के साथ फिल्में कर रहीं तृप्ति फिलहाल फिल्म 'स्पिरिट' की शूटिंग में व्यस्त हैं। इस बीच उन्होंने दैनिक जागरण के साथ बातचीज में लेटेस्ट रिलीज 'ओ रोमियो' के बारे में बात की है।
बीते साल प्रदर्शित हुई रोमांटिक फिल्म सैयारा हिट रही। 'ओ रोमियो' भी ऐसी ही फिल्म है। युवाओं को आज भी पिछली सदी के नौवें दशक का प्रेम पसंद आ रहा है...
पीढ़ी चाहे कोई भी हो, वे 'ओ रोमियो' की तरह का प्यार ही देखना चाहते हैं। फिल्मों से हो हमने प्यार करना सीखा है। शाह रुख खान (Shah Rukh Khan) सर को स्क्रीन पर देखते हुए बड़े हुए हैं, हमें लगता है कि वैसा प्यार ही असल जिंदगी में होना चाहिए, जो अक्सर नहीं भी मिलता है। प्यार बहुत - बहुत स्ट्रॉन्ग इमोशन है। यह हर कोई अपने अंदर लेकर चलता है। कभी यह आपको खुश रखता है, कई बार दुखी कर देता है। यह मैंने फिल्मों और असल जिंदगी सेहो सीखा है।

पांच साल में फिल्म इंडस्ट्री में काफी उतार-चढ़ाव आए। इन वर्षों ने आपको निडर बनाया है या ज्यादा सतर्क ?
आपको वही काम करना चहिए, जो आपका दिल कहे क्योंकि आज से 10 साल या 50 साल बाद मुझे खुद को ही जवाब देना है। आज मैं शायद किसी और की सुनकर कुछ कर भी लूं, लेकिन वो मुझे खुशी नहीं देगा। तो वहीं करना चाहिए. जो दिल चाहता है।
इस फिल्म के निर्देशक विशाल भारद्वाज ने कहा था कि आप ही इस फिल्म के लिए पहली पसंद थीं।
मैं उनकी बहुत बड़ी प्रशंसक रही हूं। मैंने उनकी फिल्मों के लिए पहले ऑडिशन भी दिया था, लेकिन कभी चयन नहीं हुआ। इस फिल्म के लिए जब विशाल सर ने खुद कॉल किया तो मुझे पता था कि मैं बिना स्क्रिप्ट सुने ही हां करने वाली हूं। वह बेहतरीन निर्देशक हैं। उनके साथ काम करना एक्टिंग स्कूल की तरह है। आपको हर रोज कुछ नया सीखने को मिलता है।

बतौर कलाकार आपको स्वतंत्रता चाहिए होती है कि आप खुद को बेहतर तरीके से व्यक्तकर सकें। वह हमें खुली छूट देते थे। अगर मुझे किसी सीन में अपनी तरफ से कुछ सही नहीं लग रहा है तो वह हमारी बात भी सुनते थे। मैंने तो विशाल सर से मजाक में कह दिया था कि मुझे आपका शाहिद कपूर बनना है। आपके साथ और फिल्में करनी हैं।
विशाल भारद्वाज की फिल्म ओ रोमियो (O'Romeo) में शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी मुख्य भूमिकाएं निभा रही हैं। हाल ही में तृप्ति ने बताया कि इस फिल्म से पहले ...और पढ़ें

विशाल भारद्वाज की फिल्मों से रिजेक्ट हो चुकी हैं तृप्ति। फोटो क्रेडिट- इंस्टाग्राम
आज सिनेमाघरों में रिलीज हुई ओ रोमियो मूवी
विशाल भारद्वाज ने किया है फिल्म का निर्देशन
शाहिद कपूर संग पहली बार बनी तृप्ति की जोड़ी
स्मिता श्रीवास्तव, मुंबई। यह सप्ताह समर्पित है प्यार को और आज प्रदर्शित हो रही है तृप्ति डिमरी (Triptii Dimri) की फिल्म 'ओ रोमियो' (O'Romeo)। लगातार बड़े बैनर के साथ फिल्में कर रहीं तृप्ति फिलहाल फिल्म 'स्पिरिट' की शूटिंग में व्यस्त हैं। इस बीच उन्होंने दैनिक जागरण के साथ बातचीज में लेटेस्ट रिलीज 'ओ रोमियो' के बारे में बात की है।
बीते साल प्रदर्शित हुई रोमांटिक फिल्म सैयारा हिट रही। 'ओ रोमियो' भी ऐसी ही फिल्म है। युवाओं को आज भी पिछली सदी के नौवें दशक का प्रेम पसंद आ रहा है...
पीढ़ी चाहे कोई भी हो, वे 'ओ रोमियो' की तरह का प्यार ही देखना चाहते हैं। फिल्मों से हो हमने प्यार करना सीखा है। शाह रुख खान (Shah Rukh Khan) सर को स्क्रीन पर देखते हुए बड़े हुए हैं, हमें लगता है कि वैसा प्यार ही असल जिंदगी में होना चाहिए, जो अक्सर नहीं भी मिलता है। प्यार बहुत - बहुत स्ट्रॉन्ग इमोशन है। यह हर कोई अपने अंदर लेकर चलता है। कभी यह आपको खुश रखता है, कई बार दुखी कर देता है। यह मैंने फिल्मों और असल जिंदगी सेहो सीखा है।
पांच साल में फिल्म इंडस्ट्री में काफी उतार-चढ़ाव आए। इन वर्षों ने आपको निडर बनाया है या ज्यादा सतर्क ?
आपको वही काम करना चहिए, जो आपका दिल कहे क्योंकि आज से 10 साल या 50 साल बाद मुझे खुद को ही जवाब देना है। आज मैं शायद किसी और की सुनकर कुछ कर भी लूं, लेकिन वो मुझे खुशी नहीं देगा। तो वहीं करना चाहिए. जो दिल चाहता है।
इस फिल्म के निर्देशक विशाल भारद्वाज ने कहा था कि आप ही इस फिल्म के लिए पहली पसंद थीं।
मैं उनकी बहुत बड़ी प्रशंसक रही हूं। मैंने उनकी फिल्मों के लिए पहले ऑडिशन भी दिया था, लेकिन कभी चयन नहीं हुआ। इस फिल्म के लिए जब विशाल सर ने खुद कॉल किया तो मुझे पता था कि मैं बिना स्क्रिप्ट सुने ही हां करने वाली हूं। वह बेहतरीन निर्देशक हैं। उनके साथ काम करना एक्टिंग स्कूल की तरह है। आपको हर रोज कुछ नया सीखने को मिलता है।
बतौर कलाकार आपको स्वतंत्रता चाहिए होती है कि आप खुद को बेहतर तरीके से व्यक्तकर सकें। वह हमें खुली छूट देते थे। अगर मुझे किसी सीन में अपनी तरफ से कुछ सही नहीं लग रहा है तो वह हमारी बात भी सुनते थे। मैंने तो विशाल सर से मजाक में कह दिया था कि मुझे आपका शाहिद कपूर बनना है। आपके साथ और फिल्में करनी हैं।
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Mirchmasala
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