आतंकी साजिशों का केंद्र बना जमशेदपुर, NIA और दिल्ली पुलिस की रडार पर स्लीपर सेल
आतंकी साजिशों का केंद्र बना जमशेदपुर, NIA और दिल्ली पुलिस की रडार पर स्लीपर सेल
जमशेदपुर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के रडार पर है, जहाँ आतंकी संगठनों के स्लीपर सेल सक्रिय हैं। डॉ. इश्तियाक अहमद की ...और पढ़ें

आतंकियों का गढ़ बना जमशेदपुर। सांकेतिक फोटो
एनआईए और दिल्ली पुलिस की रडार पर जमशेदपुर।
डॉ. इश्तियाक अहमद आतंकी मॉड्यूल का मास्टरमाइंड।
शहर में 29 संदिग्धों की सूची, अर्शियान पर रेड कार्नर नोटिस।
जमशेदपुर। लौहनगरी जमशेदपुर एक बार फिर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की रडार पर है। आतंकी संगठनों और उनके 'स्लीपर सेल' के लिए पनाहगाह बन चुके इस शहर में सुरक्षा एजेंसियां लगातार छापेमारी और जांच कर रही हैं।
हाल ही में अलकायदा इन इंडियन सबकान्टिनेंट (AQIS) के संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद झारखंड एटीएस और एनआइए की टीम शहर के संदिग्ध ठिकानों पर पैनी नजर रख रही है।
ताजा जांच का मुख्य केंद्र जाकिर नगर निवासी डॉ. इश्तियाक अहमद है, जिसे अगस्त 2024 में रांची से गिरफ्तार किया गया था। इश्तियाक पर भारत को इस्लामिक स्टेट बनाने की साजिश रचने और आतंकी माड्यूल का मास्टरमाइंड होने का आरोप है। हाल ही में कपाली के युवकों से पूछताछ की गई थी।
डॉक्टर से लेकर टावर कर्मी तक आतंकी रडार पर
जमशेदपुर में आतंकियों की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका अंदाजा पिछले कुछ सालों में हुई गिरफ्तारियों से लगाया जा सकता है। दिसंबर 2023 में एनआईए ने जुगसलाई से शाहबाज को पकड़ा था, जो मोबाइल टावर में काम करता था।
इससे पहले 2016 में धतकीडीह के अब्दुल समी और ओडिशा के अब्दुल रहमान कटकी को अलकायदा से जुड़े होने के आरोप में दबोचा गया था। हालांकि, पुख्ता साक्ष्यों के अभाव में कई आरोपी अदालत से बरी भी हुए, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि शहर में अब भी कई स्लीपर सेल सक्रिय हैं।
29 संदिग्धों की सूची, मानगो के अर्शियान पर रेड कार्नर नोटिस
जांच के दौरान कुल 29 संदिग्धों के नाम सामने आए हैं। इनमें मानगो के आजाद नगर का निवासी सैयद मो. अर्शियान हैदर मुख्य है, जो लंबे समय से फरार है और उसके खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी है।
अर्शियान पर भारत सहित कई देशों में आतंकी हमले की साजिश का आरोप है। इसके अलावा अलकायदा का प्रदेश संचालक अबु सुफियान भी पुलिस की सूची में शामिल है। अर्शियान के भाई जीशान अली को पहले ही सऊदी अरब से प्रत्यर्पित कर दिल्ली में गिरफ्तार किया जा चुका है।
वर्तमान में एटीएस और स्पेशल सेल उन नामों की दोबारा कुंडली खंगाल रही है, जो पूछताछ में सामने आए थे लेकिन साक्ष्यों की कमी के कारण उन पर कार्रवाई नहीं हो सकी थी। शहर की घनी आबादी वाले क्षेत्र जैसे मानगो, आजाद नगर और जाकिर नगर सुरक्षा एजेंसियों की विशेष निगरानी में हैं।
अनसुलझी वारदातों ने बढ़ाई धड़कनें
सर्किट हाउस ब्लास्ट: 17 अगस्त 2015 को बिष्टुपुर कालीबाड़ी मंदिर के पीछे एक डस्टबिन में जोरदार धमाका हुआ था। एनआईए की जांच के बावजूद आज तक यह साफ नहीं हो पाया कि इसके पीछे किसका हाथ था।
जुगसलाई टाइम बम: जून 2005 में जुगसलाई के एक होटल से टाइम बम बरामद हुआ था। आरोपी शहनवाज पुलिस के पहुंचने से पहले ही भाग निकला और 19 साल बाद भी वह गिरफ्त से बाहर है।
गिरफ्तारियों का घटनाक्रम2013: पटना ब्लास्ट मामले में एनआईए ने जमशेदपुर से एक संदिग्ध को उठाया था।
2014: पश्चिम बंगाल के वर्द्धमान विस्फोट कांड में आजाद नगर से शीश महमूद की गिरफ्तारी हुई।
2015: दिल्ली से गिरफ्तार अलकायदा के भारत प्रमुख मोहम्मद आसिफ के तार भी जमशेदपुर से जुड़े पाए गए थे।
जमशेदपुर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के रडार पर है, जहाँ आतंकी संगठनों के स्लीपर सेल सक्रिय हैं। डॉ. इश्तियाक अहमद की ...और पढ़ें

आतंकियों का गढ़ बना जमशेदपुर। सांकेतिक फोटो
एनआईए और दिल्ली पुलिस की रडार पर जमशेदपुर।
डॉ. इश्तियाक अहमद आतंकी मॉड्यूल का मास्टरमाइंड।
शहर में 29 संदिग्धों की सूची, अर्शियान पर रेड कार्नर नोटिस।
जमशेदपुर। लौहनगरी जमशेदपुर एक बार फिर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की रडार पर है। आतंकी संगठनों और उनके 'स्लीपर सेल' के लिए पनाहगाह बन चुके इस शहर में सुरक्षा एजेंसियां लगातार छापेमारी और जांच कर रही हैं।
हाल ही में अलकायदा इन इंडियन सबकान्टिनेंट (AQIS) के संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद झारखंड एटीएस और एनआइए की टीम शहर के संदिग्ध ठिकानों पर पैनी नजर रख रही है।
ताजा जांच का मुख्य केंद्र जाकिर नगर निवासी डॉ. इश्तियाक अहमद है, जिसे अगस्त 2024 में रांची से गिरफ्तार किया गया था। इश्तियाक पर भारत को इस्लामिक स्टेट बनाने की साजिश रचने और आतंकी माड्यूल का मास्टरमाइंड होने का आरोप है। हाल ही में कपाली के युवकों से पूछताछ की गई थी।
डॉक्टर से लेकर टावर कर्मी तक आतंकी रडार पर
जमशेदपुर में आतंकियों की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका अंदाजा पिछले कुछ सालों में हुई गिरफ्तारियों से लगाया जा सकता है। दिसंबर 2023 में एनआईए ने जुगसलाई से शाहबाज को पकड़ा था, जो मोबाइल टावर में काम करता था।
इससे पहले 2016 में धतकीडीह के अब्दुल समी और ओडिशा के अब्दुल रहमान कटकी को अलकायदा से जुड़े होने के आरोप में दबोचा गया था। हालांकि, पुख्ता साक्ष्यों के अभाव में कई आरोपी अदालत से बरी भी हुए, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि शहर में अब भी कई स्लीपर सेल सक्रिय हैं।
29 संदिग्धों की सूची, मानगो के अर्शियान पर रेड कार्नर नोटिस
जांच के दौरान कुल 29 संदिग्धों के नाम सामने आए हैं। इनमें मानगो के आजाद नगर का निवासी सैयद मो. अर्शियान हैदर मुख्य है, जो लंबे समय से फरार है और उसके खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी है।
अर्शियान पर भारत सहित कई देशों में आतंकी हमले की साजिश का आरोप है। इसके अलावा अलकायदा का प्रदेश संचालक अबु सुफियान भी पुलिस की सूची में शामिल है। अर्शियान के भाई जीशान अली को पहले ही सऊदी अरब से प्रत्यर्पित कर दिल्ली में गिरफ्तार किया जा चुका है।
वर्तमान में एटीएस और स्पेशल सेल उन नामों की दोबारा कुंडली खंगाल रही है, जो पूछताछ में सामने आए थे लेकिन साक्ष्यों की कमी के कारण उन पर कार्रवाई नहीं हो सकी थी। शहर की घनी आबादी वाले क्षेत्र जैसे मानगो, आजाद नगर और जाकिर नगर सुरक्षा एजेंसियों की विशेष निगरानी में हैं।
अनसुलझी वारदातों ने बढ़ाई धड़कनें
सर्किट हाउस ब्लास्ट: 17 अगस्त 2015 को बिष्टुपुर कालीबाड़ी मंदिर के पीछे एक डस्टबिन में जोरदार धमाका हुआ था। एनआईए की जांच के बावजूद आज तक यह साफ नहीं हो पाया कि इसके पीछे किसका हाथ था।
जुगसलाई टाइम बम: जून 2005 में जुगसलाई के एक होटल से टाइम बम बरामद हुआ था। आरोपी शहनवाज पुलिस के पहुंचने से पहले ही भाग निकला और 19 साल बाद भी वह गिरफ्त से बाहर है।
गिरफ्तारियों का घटनाक्रम2013: पटना ब्लास्ट मामले में एनआईए ने जमशेदपुर से एक संदिग्ध को उठाया था।
2014: पश्चिम बंगाल के वर्द्धमान विस्फोट कांड में आजाद नगर से शीश महमूद की गिरफ्तारी हुई।
2015: दिल्ली से गिरफ्तार अलकायदा के भारत प्रमुख मोहम्मद आसिफ के तार भी जमशेदपुर से जुड़े पाए गए थे।
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