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अब मैं परवाह नहीं करता', अमेरिका में जान गंवाने वाले साकेत श्रीनिवासैया ने दोस्त से आखिरी बार क्यों कही ये बात?

अब मैं परवाह नहीं करता', अमेरिका में जान गंवाने वाले साकेत श्रीनिवासैया ने दोस्त से आखिरी बार क्यों कही ये बात?



अमेरिका में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के छात्र साकेत श्रीनिवासैया का निधन हो गया। कर्नाटक के 22 वर्षीय साकेत का शव 6 दिन लापता रहने के बाद सैन फ्रांस ...और पढ़ें






साकेत श्रीनिवासैया के दोस्त ने बताई सच्चाई


कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के छात्र साकेत श्रीनिवासैया का निधन।


6 दिन लापता रहने के बाद लेक अंजा से मिला शव।


दोस्त को आखिरी बार कहा था 'अब परवाह नहीं करता'।


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया से मास्टर की डिग्री हासिल करने गए साकेत श्रीनिवासैया की मौत हो गई। कर्नाटक के रहने वाले इस 22 साल के युवक की मौत के बाद साकेत के दोस्त ने कई राज बताए हैं।


साकेत श्रीनिवासैया के रूममेट बनीत सिंह ने लिंक्डइन पर एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने साकेत के साथ अपनी आखिरी मुलाकात के बारे में बताया। बनीत सिंह ने बताया कि साकेत ने उनसे कहा था कि अब उसने किसी भी बात की परवाह करना बंद कर दिया है।

6 दिन से लापता भारतीय युवक का मिला शव

बनीत सिंह ने साकेत से जुड़ा पोस्ट पहले पब्लिकली शेयर किया था, बाद में उन्होंने पोस्ट को प्राइवेट कर लिया। बनीत सिंह ने बताया कि साकेत ने उन्हें 21 जनवरी को लेक अंजा पर बुलाया था, लेकिन आलस की वजह से वो साकेत के साथ वहां नहीं गए थे।


लेक अंजा ही वो जगह है, जहां साकेत श्रीनिवासैया को आखिरी बार देखा गया था। साकेत 9 फरवरी से लापता थे और हर जगह उन्हें ढूंढा जा रहा था। 15 फरवरी को सैन फ्रांसिस्को में स्थित लेक अंजा से साकेत का शव मिला।

साकेत और बनीत की आखिरी मुलाकात

साकेत के दोस्त बनीत सिंह ने बताया, 'मैंने उससे पूछा कि तुम क्लास में लाल रोब क्यों पहन रहे हो? तब उसने कहा, यार, मैंने परवाह करना बंद कर दिया है। मुझे ठंड लगती है तो मैं पहन रहा हूं और मुझे परवाह नहीं है कि कोई मेरे बारे में कौन क्या सोचता है। मुझे किसी चीज की परवाह नहीं है।'


बनीत सिंह ने आगे लिखा कि वो उस समय ऐसा कोई मजाक कर रहा था, क्योंकि वो अक्सर ही इसी तरह की बातें करता रहता था। मैंने उस समय साकेत की बात को हंसकर टाल दिया, लेकिन अब मुझे अपने हंसने पर अफसोस है।


सिंह ने आगे बताया, 'अब मुझे पता चला कि साकेत सच में ऐसा ही चाहता था। जिंदगी का उल्टा कभी मौत नहीं थी, बल्कि बेपरवाही थी। परवाह करना बंद कर देना। जिसकी वजह से उसे अपनी जिंदगी की भी परवाह नहीं की।'


कर्नाटक सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विदेश मंत्रालय से सभी जरूरी मदद देने, लोकल लॉ एनफोर्समेंट के साथ कोऑर्डिनेट करने और स्टूडेंट के परिवार को सपोर्ट देने की रिक्वेस्ट की है।
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