साल 2033 तक इस क्षेत्र में होगी नौकरियों की भरमार, कोरोना काल में छिन गया था करीब 4 करोड़ लोगों का रोजगार
साल 2033 तक इस क्षेत्र में होगी नौकरियों की भरमार, कोरोना काल में छिन गया था करीब 4 करोड़ लोगों का रोजगार
निरंतर विकास गति के साथ यात्रा और पर्यटन क्षेत्र 2033 तक पूरे देश में 5.82 करोड़ नौकरियां जोड़ने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि विदेशी मुद्रा के महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में काम करते हुए पर्यटन क्षेत्र ने 2022 में भारत की अर्थव्यवस्था में 15.9 लाख करोड़ रुपये (191.25 बिलियन अमेरिकी डॉलर) का योगदान दिया और 2023 के लिए 16.5 लाख करोड़ रुपये का अनुमान लगाया गया था।
दिल्ली एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे और कोच्चि में सबसे ज्यादा नौकरियां मिलने की संभावना है।
वैश्विक टेक्नोलॉजी फर्म एनएलबी सर्विसेज का कहना है कि 2033 तक भारत का ट्रैवल और टूरिज्म क्षेत्र 5.82 करोड़ नौकरियां जोड़ने के लिए तैयार है। एनएलबी सर्विसेज के सीईओ सचिन अलघ का कहना है कि इस क्षेत्र के बढ़ते तालमेल से देश के टियर-1 और टियर-2 शहरों में लगातार रोजगार सृजित हुआ है। कोरोना महामारी के दौरान वर्ष 2020 में पर्यटन क्षेत्र ने 3.9 करोड़ नौकरियां गंवाई जो देश के कुल कार्यबल का आठ प्रतिशत है।
महामारी से उबरने के बाद पर्यटन क्षेत्र में सबसे ज्यादा सुधार देखा गया है। उन्होंने कहा कि अगस्त 2023 के दौरान टूरिज्म क्षेत्र में नौकरियों की मांग में रिकार्ड 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। कैलेंडर वर्ष 2023 के दौरान 16 लाख अतिरिक्त नौकरियां इस क्षेत्र में जुड़ने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि निरंतर विकास गति के साथ, यात्रा और पर्यटन क्षेत्र 2033 तक पूरे देश में 5.82 करोड़ नौकरियां जोड़ने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि विदेशी मुद्रा के महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में काम करते हुए, पर्यटन क्षेत्र ने 2022 में भारत की अर्थव्यवस्था में 15.9 लाख करोड़ रुपये (191.25 बिलियन अमेरिकी डॉलर) का योगदान दिया और 2023 के लिए 16.5 लाख करोड़ रुपये का अनुमान लगाया गया था।
अलघ के अनुसार अब तक घरेलू पर्यटकों को आकर्षित करने वाले शीर्ष पांच राज्यों में उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में दिल्ली एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे और कोच्चि में सबसे ज्यादा नौकरियां मिलने की संभावना है, वहीं जयपुर, अहमदाबाद और चंडीगढ़ जैसे टियर-2 शहरों की भी अहम भूमिका होगी।
अलघ ने कहा कि जिन प्रमुख जॉब प्रोफाइलों की मांग साल-दर-साल बढ़ती रहेगी, उनमें बिक्री (18 प्रतिशत), व्यवसाय विकास (17 प्रतिशत), शेफ (15 प्रतिशत), यात्रा सलाहकार (15 प्रतिशत), टूर ऑपरेटर (15 प्रतिशत), ट्रैवल एजेंट (15 प्रतिशत), होटल व्यवसायी (15 प्रतिशत), गाइड (20 प्रतिशत), वन्यजीव विशेषज्ञ (12 प्रतिशत) और परिवहन प्रदाता (15 प्रतिशत) सहित अन्य शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र भी परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। नए दशक में डेस्टिनेशन वेडिंग ट्रैवेल, धार्मिक पर्यटन, अंतरराष्ट्रीय पर्यटन, एडवेंचर स्पोर्ट्स टूरिज्म, इको टूरिज्म, सांस्कृतिक पर्यटन और ग्रामीण पर्यटन जैसे कई नए क्षेत्र उभर रहे हैं।
निरंतर विकास गति के साथ यात्रा और पर्यटन क्षेत्र 2033 तक पूरे देश में 5.82 करोड़ नौकरियां जोड़ने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि विदेशी मुद्रा के महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में काम करते हुए पर्यटन क्षेत्र ने 2022 में भारत की अर्थव्यवस्था में 15.9 लाख करोड़ रुपये (191.25 बिलियन अमेरिकी डॉलर) का योगदान दिया और 2023 के लिए 16.5 लाख करोड़ रुपये का अनुमान लगाया गया था।
दिल्ली एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे और कोच्चि में सबसे ज्यादा नौकरियां मिलने की संभावना है।वैश्विक टेक्नोलॉजी फर्म एनएलबी सर्विसेज का कहना है कि 2033 तक भारत का ट्रैवल और टूरिज्म क्षेत्र 5.82 करोड़ नौकरियां जोड़ने के लिए तैयार है। एनएलबी सर्विसेज के सीईओ सचिन अलघ का कहना है कि इस क्षेत्र के बढ़ते तालमेल से देश के टियर-1 और टियर-2 शहरों में लगातार रोजगार सृजित हुआ है। कोरोना महामारी के दौरान वर्ष 2020 में पर्यटन क्षेत्र ने 3.9 करोड़ नौकरियां गंवाई जो देश के कुल कार्यबल का आठ प्रतिशत है।
महामारी से उबरने के बाद पर्यटन क्षेत्र में सबसे ज्यादा सुधार देखा गया है। उन्होंने कहा कि अगस्त 2023 के दौरान टूरिज्म क्षेत्र में नौकरियों की मांग में रिकार्ड 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। कैलेंडर वर्ष 2023 के दौरान 16 लाख अतिरिक्त नौकरियां इस क्षेत्र में जुड़ने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि निरंतर विकास गति के साथ, यात्रा और पर्यटन क्षेत्र 2033 तक पूरे देश में 5.82 करोड़ नौकरियां जोड़ने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि विदेशी मुद्रा के महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में काम करते हुए, पर्यटन क्षेत्र ने 2022 में भारत की अर्थव्यवस्था में 15.9 लाख करोड़ रुपये (191.25 बिलियन अमेरिकी डॉलर) का योगदान दिया और 2023 के लिए 16.5 लाख करोड़ रुपये का अनुमान लगाया गया था।
अलघ के अनुसार अब तक घरेलू पर्यटकों को आकर्षित करने वाले शीर्ष पांच राज्यों में उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में दिल्ली एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे और कोच्चि में सबसे ज्यादा नौकरियां मिलने की संभावना है, वहीं जयपुर, अहमदाबाद और चंडीगढ़ जैसे टियर-2 शहरों की भी अहम भूमिका होगी।
अलघ ने कहा कि जिन प्रमुख जॉब प्रोफाइलों की मांग साल-दर-साल बढ़ती रहेगी, उनमें बिक्री (18 प्रतिशत), व्यवसाय विकास (17 प्रतिशत), शेफ (15 प्रतिशत), यात्रा सलाहकार (15 प्रतिशत), टूर ऑपरेटर (15 प्रतिशत), ट्रैवल एजेंट (15 प्रतिशत), होटल व्यवसायी (15 प्रतिशत), गाइड (20 प्रतिशत), वन्यजीव विशेषज्ञ (12 प्रतिशत) और परिवहन प्रदाता (15 प्रतिशत) सहित अन्य शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र भी परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। नए दशक में डेस्टिनेशन वेडिंग ट्रैवेल, धार्मिक पर्यटन, अंतरराष्ट्रीय पर्यटन, एडवेंचर स्पोर्ट्स टूरिज्म, इको टूरिज्म, सांस्कृतिक पर्यटन और ग्रामीण पर्यटन जैसे कई नए क्षेत्र उभर रहे हैं।
Labels
Business
Post A Comment
No comments :