India Steel Export: 18 महीने के उच्च स्तर पर स्टील निर्यात, जानें कौन है सबसे बड़ा खरीदार
India Steel Export: 18 महीने के उच्च स्तर पर स्टील निर्यात, जानें कौन है सबसे बड़ा खरीदार
देश का मासिक स्टील एक्सपोर्ट जनवरी 2024 में 11 लाख टन तक पहुंच गया जो 18 महीने का सबसे उच्चतम स्तर है। स्टील इंडस्ट्री की रिचर्स कंपनी ‘स्टीलमिंट’ ने यह जानकारी दी। स्टीलमिंट ने बताया कि यूरोपीय संघ की मांग बढ़ने और वैश्विक स्तर पर अनुकूल कीमतों ने स्टील एक्सपोर्ट को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने में काफी मदद की है

देश का मासिक स्टील एक्सपोर्ट जनवरी 2024 में 11 लाख टन तक पहुंच गया जो 18 महीने का सबसे उच्चतम स्तर है। स्टील इंडस्ट्री की रिचर्स कंपनी ‘स्टीलमिंट’ ने यह जानकारी दी। स्टीलमिंट ने बताया कि यूरोपीय संघ की मांग बढ़ने और वैश्विक स्तर पर अनुकूल कीमतों ने स्टील एक्सपोर्ट को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने में काफी मदद की है

देश का मासिक स्टील एक्सपोर्ट जनवरी 2024 में 11 लाख टन तक पहुंच गया
देश का मासिक स्टील एक्सपोर्ट जनवरी 2024 में 11 लाख टन तक पहुंच गया, जो 18 महीने का सबसे उच्चतम स्तर है। स्टील इंडस्ट्री की रिचर्स कंपनी ‘स्टीलमिंट’ ने यह जानकारी दी। स्टीलमिंट ने बताया कि यूरोपीय संघ की मांग बढ़ने और वैश्विक स्तर पर अनुकूल कीमतों ने स्टील एक्सपोर्ट को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने में मदद की है।
स्टीलमिंट की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि घरेलू स्तर पर भी कीमतें प्रतिस्पर्धी हैं, जिससे निर्यात में इजाफा हुआ है। अगर एक साल पहले यानी जनवरी 2023 के आंकड़े देखें, तो उस वक्त इस्पात का निर्यात 6.7 लाख टन रहा था।
स्टीलमिंट ने अपनी रिपोर्ट में निर्यात बढ़ने का कारण बताते हुए कहा कि यूरोपीय यूनियन अपना भंडार भर रहा है। उसकी ओर से स्टील की डिमांड में तगड़ा उछाल दिखा। जनवरी में भारत से हुए कुल स्टील एक्सपोर्ट में यूरोपीय यूनियन की हिस्सेदारी 67 फीसदी थी। यह पिछले 18 महीने का सबसे ऊंचा आंकड़ा है।
भारत से निर्यात बढ़ाने में प्रतिस्पर्धी कीमतों ने बड़ी भूमिका निभाई। देश में हॉट रोल्ड कॉइल (HRC) की कीमत 54,300 रुपये प्रति टन थी। वहीं, ग्लोबल लेवल यह 710 डॉलर यानी करीब 58,000 रुपये प्रति टन थी। इस फर्क का भारत की स्टील इंडस्ट्री को बड़ा फायदा मिला।
आगे की संभावनाओं के बारे में स्टीलमिंट ने कहा, 'चीन में छुट्टियां और वियतनाम में त्योहार है। इसके चलते निकट भविष्य में कुल मिलाकर भारतीय इस्पात निर्यात काफी हद तक सीमित दायरे में रह सकता है या फिर इसमें थोड़ी गिरावट नजर आ सकती है।'
देश का मासिक स्टील एक्सपोर्ट जनवरी 2024 में 11 लाख टन तक पहुंच गया, जो 18 महीने का सबसे उच्चतम स्तर है। स्टील इंडस्ट्री की रिचर्स कंपनी ‘स्टीलमिंट’ ने यह जानकारी दी। स्टीलमिंट ने बताया कि यूरोपीय संघ की मांग बढ़ने और वैश्विक स्तर पर अनुकूल कीमतों ने स्टील एक्सपोर्ट को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने में मदद की है।
स्टीलमिंट की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि घरेलू स्तर पर भी कीमतें प्रतिस्पर्धी हैं, जिससे निर्यात में इजाफा हुआ है। अगर एक साल पहले यानी जनवरी 2023 के आंकड़े देखें, तो उस वक्त इस्पात का निर्यात 6.7 लाख टन रहा था।
स्टीलमिंट ने अपनी रिपोर्ट में निर्यात बढ़ने का कारण बताते हुए कहा कि यूरोपीय यूनियन अपना भंडार भर रहा है। उसकी ओर से स्टील की डिमांड में तगड़ा उछाल दिखा। जनवरी में भारत से हुए कुल स्टील एक्सपोर्ट में यूरोपीय यूनियन की हिस्सेदारी 67 फीसदी थी। यह पिछले 18 महीने का सबसे ऊंचा आंकड़ा है।
भारत से निर्यात बढ़ाने में प्रतिस्पर्धी कीमतों ने बड़ी भूमिका निभाई। देश में हॉट रोल्ड कॉइल (HRC) की कीमत 54,300 रुपये प्रति टन थी। वहीं, ग्लोबल लेवल यह 710 डॉलर यानी करीब 58,000 रुपये प्रति टन थी। इस फर्क का भारत की स्टील इंडस्ट्री को बड़ा फायदा मिला।
आगे की संभावनाओं के बारे में स्टीलमिंट ने कहा, 'चीन में छुट्टियां और वियतनाम में त्योहार है। इसके चलते निकट भविष्य में कुल मिलाकर भारतीय इस्पात निर्यात काफी हद तक सीमित दायरे में रह सकता है या फिर इसमें थोड़ी गिरावट नजर आ सकती है।'
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