OIC में जम्मू-कश्मीर की चर्चा को भारत ने किया खारिज, कहा- PAK कुटिल तरीके से वैश्विक मंचों पर उठाता है मामला
OIC में जम्मू-कश्मीर की चर्चा को भारत ने किया खारिज, कहा- PAK कुटिल तरीके से वैश्विक मंचों पर उठाता है मामलासंयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 52वें सत्र में भारत के स्थायी मिशन की प्रथम सचिव सीमा पूजानी ने कहा कि ओआईसी के बयान में भारत के केंद्रशासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर का अवांछित उल्लेख किया गया है उसे हम खारिज करते हैं।
इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) की बैठक में जम्मू-कश्मीर को लेकर चर्चा को भारत ने अनावश्यक करार देते हुए उसे अस्वीकार कर दिया है। भारत ने कहा है कि जम्मू और कश्मीर भारत के केंद्रशासित प्रदेश हैं, पाकिस्तान अपनी कुटिल कार्ययोजना के तहत समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उनकी चर्चा करता रहता है।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 52वें सत्र में भारत के स्थायी मिशन की प्रथम सचिव सीमा पूजानी ने प्रतिनिधियों द्वारा जम्मू-कश्मीर के उल्लेख को पूरी तरह से अस्वीकार कर दिया। उन्होंने कहा कि ओआईसी के बयान में भारत के केंद्रशासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर का अवांछित उल्लेख किया गया है, उसे हम खारिज करते हैं।
उन्होंने कहा कि वास्तविक स्थिति यह है कि पूरा केंद्रशासित क्षेत्र- जम्मू, कश्मीर और लद्दाख भारत का हिस्सा है। इसके कुछ हिस्से पर पाकिस्तान अवैध रूप से कब्जा किए हुए है। असलियत यह है कि जम्मू और कश्मीर में ओआईसी का सदस्य देश पाकिस्तान दशकों से आतंकी भेजकर वहां की शांति-व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहा है और निर्दोष लोगों की हत्या करा रहा है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान वहां की स्थिति को लेकर दुष्प्रचार करता है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मसले की चर्चा करने का मौका तलाशता रहता है। भारत ने पूर्व में भी ओआईसी के भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप की निंदा कर चुका है और संगठन द्वारा भारत के संबंध में कही गई बातों को अस्वीकार कर चुका है।
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि जम्मू और कश्मीर के मामले में घोर सांप्रदायिक, पक्षपातपूर्ण और असत्य तथ्य आधारित रुख से ओआईसी पहले ही अपनी विश्वसनीयता खो चुका है। उसकी ताजा टिप्पणियां बेमानी हैं।
वैश्विक आतंकियों को संरक्षण दे रहा पाकिस्तान
प्रथम सचिव पूजानी ने कहा कि पाकिस्तान दशकों से आतंकी संगठन को हर तरह की सुविधाएं देकर उन्हें बढ़ावा दे रहा है और आतंकियों को संरक्षण दे रहा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा घोषित वैश्विक आतंकियों- हाफिज सईद और मसूद अजहर को देश में सुरक्षित रखकर उन्हें तमाम सुविधाएं मुहैया कराना इस बात का उदाहरण है। पाकिस्तान ने आतंकवाद को संरक्षण देकर दुनिया के तमाम देशों में हजारों निर्दोष नागरिकों की हत्या कराई है।
पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं
पूजानी ने पाकिस्तान पर प्रहार करते हुए कहा कि वहां पर कोई भी धार्मिक अल्पसंख्यक व्यक्ति सुरक्षित नहीं है। पाकिस्तान में न वह अपनी पहचान के साथ आजादी के साथ रह सकता है और न ही वह वहां पर अपनी धार्मिक गतिविधियों को अंजाम दे सकता है। अल्पसंख्यकों की सार्वजनिक रूप से कोई भी धार्मिक गतिविधि उन्हें संकट में डाल सकती है। उन्होंने अहमदिया समुदाय पर प्रतिदिन हो रहे अत्याचारों का जिक्र किया।
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