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आयात करने क्यों मजबूर हुआ दूसरा सबसे बड़ा प्याज निर्यातक


 उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के तहत अंतर मंत्रालय समिति ने प्याज की कीमतों और उपलब्धता की समीक्षा की। PIB से जारी सूचना के अनुसार अंतर-मंत्रालय समिति के माध्यम से प्याज की कीमतों और उपलब्धता की सुनिश्चतता को लेकर बैठक में अहम चर्चा हुई।प्याज पर गहन मंथन में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय, खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय, नैफेड, मदर डेयरी, केंद्रीय भंडार के प्रतिनिधियों, दिल्ली सरकार के प्रतिनिधि, एपीएमसी प्रतिनिधि और उपभोक्ता कार्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। दीपावली की छुट्टियों से मंडियों में प्याज की आपूर्ति में हुए व्यवधान, कुछ उत्‍पादक क्षेत्रों में बारिश के कारण कटाई प्रभावित होने जैसे मुद्दे चर्चा में अहम रहे। कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में खरीफ प्याज की कटाई चल रही है जबकि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में इसकी शुरूआत हो गई है। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात में देर से बुवाई हो पाई है। हालांकि खरीफ के अंतर्गत बुवाई क्षेत्र या रकबा पिछले वर्ष की तुलना में अधिक होने की उम्मीद विभाग कर रहा है। मदर डेयरी दिल्ली के बाजार में खुदरा बिक्री के लिए खुले बाजार से प्याज लाकर प्याज की आपूर्ति बढ़ाई जाएगी। एपीएमसी दिल्ली इस काम में मदर डेयरी की मदद करेगी। प्याज की आवक-जावक को आसान बनाने ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। खबरें हैं कि, 80 कंटेनर प्‍याज मिस्र और नीदरलैंड से आयात की जा रही है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की अधिसूचना के अनुसार बेंगलूरू की खास किस्म की ‘रोज़ प्याज’ को इस वर्ष 30 नवंबर तक कुल 9,000 टन तक निर्यात (Onion Export) करने की अनुमति दी गई है। मतलब अब 30 नवंबर तक सरकार 'रोज़ अनियन' को निर्यात कर सकेगी। गौरतलब है कि, भारत में उपजी प्याज की कमी और बढ़ते दाम की समस्या के कारण केंद्र सरकार ने सितंबर में प्याज की सभी किस्मों के निर्यात पर रोक लगा दी थी। हालांकि सरकार ने कुछ शर्तों के साथ अब स्पेशल प्याज “रोज़ अनियन” के निर्यात पर लगी रोक में छूट प्रदान की है। सरकार के इस अहम निर्णय से कर्नाटक की इस स्पेशल उत्पादक वर्ग को बड़ी राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की अधिसूचना के अनुसार बेंगलूरू का ‘रोज़ प्याज' केवल चेन्नई बंदरगाह से ही निर्यात किया जा सकेगा। सरकार के इस अहम निर्णय से कर्नाटक की इस स्पेशल जिंस के उत्पादक वर्ग को बड़ी राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की अधिसूचना के अनुसार बेंगलूरु का ‘रोज़ प्याज' केवल चेन्नई बंदरगाह से ही निर्यात किया जा सकेगा। बाजार में प्याज की आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए तमाम सरकारी उपायों के बावजूद प्याज आम जनता की थाली से दूर होती जा रही थी। अगस्त माह से प्याज की खुदरा कीमतों में भारी उछाल के कारण प्याज का एक्सपोर्ट रोकने का सरकार को निर्णय लेना पड़ा।

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