भोपाल में साजिद प्रेमी के ग़ज़ल संग्रह ‘क्या किया जाए’ का लोकार्पण, मुशायरे में शायरों ने बांधा समां
सदभावना न्यूज़ भोपाल ब्यूरो
@ एम.के आज़ाद
दोनों ग़ज़ल संग्रहों पर हुई चर्चा
साजिद प्रेमी के ग़ज़ल संग्रह ‘क्या किया जाए’ और स्वर्गीय वाहिद प्रेमी के संग्रह ‘अपना जीवन किताब जैसा है’ पर आयोजित चर्चा में डॉ. मेहताब आलम, शायर शायान कुरैशी, डॉ. एहसान आजमी और शायर सलीम सरमद ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन शायरा गौसिया खान सबीन ने किया।
‘याद-ए-वाहिद प्रेमी’ के तहत हुआ मुशायरा
उस्ताद शायर स्वर्गीय वाहिद प्रेमी की स्मृति में आयोजित ‘याद-ए-वाहिद प्रेमी’ कार्यक्रम के अंतर्गत आमंत्रित शायरों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। मुशायरे की अध्यक्षता वरिष्ठ शायर जफर सहबाई ने की, जबकि संचालन युवा शायर सोहेल उमरकिया ने किया। मुशायरे में उज्जैन के हमीद गोहर और डॉ. शबनम अली, भोपाल के बद्र वास्ती, आरिफ अली आरिफ, खलील असलम कुरैशी, सरवर हबीब, सुभाष पाठक जिया (शिवपुरी), आदर्श दुबे (सागर), इंसाफ सिरोंजी और एस.एम. मुबश्शिर सहित अन्य शायरों ने रचना पाठ किया। कार्यक्रम के अंत में मेघना शिक्षण एवं समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष सैयद अमीर अहमद ने साहित्यकारों, पत्रकारों और उपस्थित श्रोताओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में साहित्य और उर्दू शायरी के प्रति प्रेम तथा स्वर्गीय वाहिद प्रेमी की साहित्यिक विरासत को याद किया गया।



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