Live TV

राज्य

[States][twocolumns]

देश

[Desh][list]

राजनीति

[Politics][list]

भोपाल में मुस्लिम ज्वाइंट एक्शन कमेटी, मध्यप्रदेश का गठन; सियासी हिस्सेदारी, तालीम और कानूनी जागरूकता पर एकजुट हुए समाजों के जिम्मेदार

सदभावना न्यूज़ भोपाल ब्यूरो

भोपाल,  मुस्लिम समाजों की सियासी हिस्सेदारी, तालीम, कानूनी जागरूकता और सामाजिक समस्याओं के समाधान को लेकर भोपाल में एक अहम संगोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न मुस्लिम समाजों के अध्यक्षों, जिम्मेदारों और बुद्धिजीवियों ने शिरकत की। इस दौरान सभी मुस्लिम समाजों के जिम्मेदारों की सहमति से मुस्लिम ज्वाइंट एक्शन कमेटी, मध्यप्रदेश का गठन किया गया, ताकि समाजों की समस्याओं को साझा मंच पर उठाकर उनके समाधान के लिए संगठित प्रयास किए जा सकें।

जाहिद मंसूरी ने सियासी हिस्सेदारी और नौजवानों की क़ियादत पर दिया ज़ोर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजसेवी जाहिद मंसूरी ने कहा कि समाज की तरक्की के लिए आपसी इत्तेहाद, तालीम और सियासी हिस्सेदारी बेहद जरूरी है। समाजों को अपने जायज हकूक हासिल करने के लिए एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। उन्होंने कहा कि समाज की समस्याओं को केवल बैठकों तक सीमित रखने के बजाय उनके समाधान के लिए ठोस रणनीति बनाकर जमीनी स्तर पर काम करना होगा। उन्होंने नौजवानों को सामाजिक और सियासी गतिविधियों में आगे लाने तथा समाज के लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाजों को ऐसी सशक्त नुमाइंदगी की जरूरत है, जो उनकी समस्याओं को जिम्मेदार संस्थाओं और सरकार तक प्रभावी तरीके से पहुंचा सके।

हक मांगने के लिए नहीं, हासिल करने के लिए जागरूक और संगठित होना होगा : एम.के. आजाद


सोशल एक्टिविस्ट एम.के. आजाद ने अपने संबोधन में समाज की सियासी और सामाजिक स्थिति पर बेबाक विचार रखते हुए कहा कि अब वक्त केवल समस्याओं पर चर्चा करने का नहीं
, बल्कि उन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए निर्णायक कदम उठाने का है। समाज की ताकत उसकी एकजुटता, उसकी तालीम और उसके जागरूक नौजवानों में होती है। जब तक समाज अपने अधिकारों को पहचानेगा नहीं और अपने हक के लिए संगठित होकर आवाज नहीं उठाएगा, तब तक उसकी समस्याओं का मुकम्मल समाधान मुश्किल रहेगा। उन्होंने कहा कि समाज को अब खामोशी से अपनी समस्याओं का तमाशा देखने के बजाय अपने हक, अपनी पहचान और अपनी नुमाइंदगी के लिए एकजुट होकर आगे आना होगा। सियासी हिस्सेदारी किसी की मेहरबानी नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी आवाज बुलंद करने का एक अहम जरिया है। समाजों को अपनी ताकत पहचाननी होगी और शिक्षा, रोजगार, नेतृत्व तथा सामाजिक न्याय के सवालों पर साझा रणनीति बनानी होगी।

सभी मुस्लिम समाजों को एक साझा मंच पर लाने की पहल 

संगोष्ठी में आल इंडिया मोमिन कॉन्फ्रेंस के प्रदेश अध्यक्ष हाजी विकार अंसारी  ने कहाँ  सियासी नुमाइंदगी
, शिक्षा के अधिकार, नौजवानों की क़ियादत, समाजी मसाइल के समाधान और कानूनी जागरूकता जैसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। उपस्थित जिम्मेदारों ने समाजों के बीच आपसी तालमेल मजबूत करने और सामूहिक समस्याओं के समाधान के लिए मिलकर काम करने की जरूरत पर जोर दिया।

Post A Comment
  • Facebook Comment using Facebook
  • Disqus Comment using Disqus

No comments :


मिर्च मसाला

[Mirchmasala][threecolumns]

विदेश

[Videsh][twocolumns]

बिज़नेस

[Business][list]

स्पोर्ट्स

[Sports][bsummary]