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सेल, भारी छूट, और 90% डिस्काउंट... फेस्टिव ऑफर का लालच खाली न कर दे आपका बैंक अकाउंट!




सेल, भारी छूट, और 90% डिस्काउंट... फेस्टिव ऑफर का लालच खाली न कर दे आपका बैंक अकाउंट!

ई-कामर्स वेबसाइटों की नकल कर स्कैमर फेस्टिव सेल के नाम साइबर ठगी को दे रहे हैं। वे 90 प्रतिशत तक ...और पढ़ें







फेस्टिव ऑफर का लालच और अकाउंट खाली!



टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। मोबाइल फोन की स्क्रीन पर फेस्टिव सीजन सेल.... नामी कंपनी का लोगो, साथ में iPhone की तस्वीर उसके नीचे बड़े बोल्ड फॉन्ट में 90 प्रतिशत छूट के साथ कीमत महज पांच हजार रुपये...। त्योहारी ऑफर ऐसा कि खरीदारी का मन ललचा जाए, लेकिन अनजान नोटिफिकेशन के वेबसाइट एक क्लिक आपकी जमा-पूंजी पर भारी पड़ सकता है। त्योहारी सीजन में ई-कामर्स कंपनियों की फेस्टिव सेल के बीच साइबर ठगों ने भी जाल बिछा दिया है। असली जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइटों के जरिये ग्राहकों को सस्ते सामान का लालच देकर फंसाया जा रहा है। नाम और लोगो की नकल, बेतहाशा छूट और तत्काल भुगतान का दबाव इनके हथियार हैं। ठगों के खेल में जरा सी जल्दबाजी आपका बैंक खाता खाली करा सकती है, इसलिए ऑफर पर क्लिक करने से पहले उसकी हकीकत जांचना जरूरी है।


कैसे बिछता है फेक वेबसाइट का जाल:

उत्तर प्रदेश के संभल के रहने वाले पुशवीर ने इंस्टाग्राम पर अमेजन के लोगो से मिलता-जुलता नाम देखा, जहां iPhone 17 केवल 5,099 रुपये में देने का ऑफर था। लिंक खोलने पर अमेजन का आधिकारिक एप खुलने के बजाय दूसरी वेबसाइट सामने आई। वह भुगतान की प्रक्रिया में आगे बढ़े, लेकिन खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं होने से ठगी का शिकार होने से बच गए। इसी तरह, देवेंद्र सिंह ने फेसबुक पर फ्लिपकार्ट के नाम और लोगो वाले विज्ञापन में छह हजार रुपये का गैस चूल्हा 599 रुपये में देखा। वेबसाइट पर केवल ऑनलाइन भुगतान का विकल्प था। संदेह होने पर उन्होंने फ्लिपकार्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर आफर की जांच की, जिससे फर्जीवाड़े का पता चला। साइबर ठग फेस्टिव सेल, सीमित समय के ऑफर और भारी छूट का लालच देते हैं। कई बार कंपनी के नाम या लोगो में मामूली बदलाव कर लिंक दूसरी वेबसाइट पर ले जाया जाता है। भुगतान के बाद सामान नहीं मिलता या वित्तीय जानकारी का दुरुपयोग हो सकता है।



ऑफर की पुष्टि जरूरी:

साइबर थाना निरीक्षक पुष्पेंद्र सिंह चौहान के अनुसार, किसी अनजान लिंक से वेबसाइट या एप पर न जाएं। इंटरनेट मीडिया पर विज्ञापन देखकर सीधे लिंक खोलने के बजाय संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या एप पर आफर की पुष्टि करें। उत्पाद की कीमत सामान्य बाजार मूल्य से बहुत कम हो तो सतर्क रहें। वेबसाइट का डोमेन, भुगतान के विकल्प और कंपनी की पहचान जांचें। अलग डोमेन या कैश आन डिलीवरी का विकल्प नहीं होना संदेह का संकेत हो सकता है, लेकिन पुष्टि किए बिना किसी वेबसाइट को फर्जी न मानें।



ऐसे बचें साइबर ठगी से:वेबसाइट का पता जांचें : केवल लोगो देखकर भरोसा न करें। डोमेन का आधिकारिक वेबसाइट से मिलान करें।
भारी छूट से सावधान रहें: 80 से 90 प्रतिशत छूट के दावे पर अन्य भरोसेमंद प्लेटफार्मों पर भी कीमत जांचें।
विज्ञापन के लिंक से बचें : कंपनी के आधिकारिक एप या वेबसाइट पर जाकर उत्पाद खोजें।
भुगतान में सतर्कता बरतें: अनजान वेबसाइट पर तत्काल भुगतान के दबाव और सीमित भुगतान विकल्पों की जांच करें।
गोपनीय जानकारी साझा न करें: बैंक विवरण, कार्ड की गोपनीय जानकारी या ओटीपी किसी अनजान लिंक पर न दें।
जल्दबाजी न करें: आफर खत्म होने या आखिरी उत्पाद का दबाव बनाने वाले संदेशों में न आएं।
ठगी पर तुरंत शिकायत करें: बैंक से संपर्क करें और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। आनलाइन शिकायत के लिए cybercrime.gov.in पर जाएं।
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