झारखंड में मंत्री पद पर रहते हुए चार झामुमो दिग्गजों का निधन, उपचुनाव में परिजनों ने बरकरार रखी सीटें
झारखंड में मंत्री पद पर रहते हुए चार झामुमो दिग्गजों का निधन, उपचुनाव में परिजनों ने बरकरार रखी सीटें
झारखंड में मंत्री पद पर रहते हुए अब तक चार झामुमो नेताओं का निधन हुआ है, जिनमें हाजी हुसैन अंसारी, ...और पढ़ें

संयोग यह भी कि हाजी हुसैन को छोड़कर बाकी तीन नेता शिक्षा से जुड़े विभाग के मंत्री रहे।
HIGHLIGHTS
झारखंड में चार झामुमो मंत्रियों का पद पर रहते निधन।
हाजी हुसैन, जगरनाथ, रामदास, सुदिव्य कुमार का निधन।
उपचुनावों में झामुमो ने अपनी विधानसभा सीटें बरकरार रखीं।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में अबतक चार नेताओं का निधन मंत्री पद पर काबिज रहते हुआ है। सुदिव्य कुमार सोनू के पहले हाजी हुसैन अंसारी, जगरनाथ महतो तथा रामदास सोरेन का निधन मंत्री पद पर रहते हो गया था।
यह संयोग ही है कि इनमें चारों झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता रहे हैं। यह भी संयोग है कि इनमें हाजी हुसैन को छोड़कर बाकी तीनों नेता शिक्षा से जुड़े विभागों के मंत्री रहे हैं। जगरनाथ महतो तथा रामदास सोरेन स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के मंत्री थे, जबकि सुदिव्य कुमार अन्य विभागों के अलावा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के मंत्री थे।
हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार के पहले कार्यकाल (वर्ष 2019-24) में दो मंत्रियों हाजी हुसैन अंसारी एवं जगरनाथ महतो तथा मौजूदा कार्यकाल के दूसरे वर्ष के पूरा होने से पहले दो मंत्रियों रामदास सोरेन तथा सुदिव्य कुमार की असमय मौत हो गई।
सबसे पहले राज्य सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मंत्री रहे हाजी हुसैन अंसारी का 73 वर्ष की उम्र में तीन अक्टूबर 2020 को मेदांता अस्पताल में इलाज के दौरान हो गया था। वह कोरोना से संक्रमित हो गए थे।
उनके बाद कोरोना से ही बुरी तरह संक्रमित स्कूली शिक्षा और उत्पाद विभाग के तत्कालीन मंत्री जगरनाथ महतो का निधन लंबे इलाज के बाद छह अप्रैल 2023 को एमजीएम अस्पताल, चेन्नई में हो गया था। इससे पहले उनका लंग ट्रांसप्लांट कराया गया था, लेकिन वह अधिक समय तक जीवित नहीं रह सके। उस समय उनकी उम्र 56 वर्ष थी।
स्कूली शिक्षा, साक्षरता एवं निबंधन मंत्री रहे रामदास सोरेन का आकस्मिक निधन पिछले वर्ष 15 अगस्त को हो गया। किडनी प्रत्यारोपण के बाद उनकी तबीयत खराब रहती थी। दो अगस्त 2025 को को घर के बाथरूम में गिरने के बाद उन्हें दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका निधन 62 वर्ष की आयु में हो गया था।
तीन उपचुनावों में झामुमो ने बरकरार रखी अपनी सीट
मंत्री के आकस्मिक निधन से विधानसभा की सीट रिक्त होने के बाद हुए उपचुनाव में झामुमो ने अपनी सीटें बरकरार रखने में सफलता हासिल की। हाजी हुसैन अंसारी के निधन से रिक्त हुई मधुपुर सीट के लिए पार्टी ने उनके बेटे हफीजुल हसन को उपचुनाव लड़ाने से पहले ही मंत्री बनाया था। बाद में उपचुनाव में हफीजुल की जीत भी हुई।
वह वर्तमान सरकार में भी जल संसाधन एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हैं। वहीं, जगरनाथ महतो के निधन से रिक्त हुई डुमरी सीट के लिए उनकी पत्नी बेबी देवी को उपचुनाव में टिकट दिया गया। उन्होंने चुनाव जीता भी।
हालांकि वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में वह जेएलकेएम नेता जयराम महतो से हार गईं। इधर, रामदास सोरेन के निधन से रिक्त हुई घाटशिला सीट के लिए उनके बेटे सोमेश सोरेन को 11 नवंबर 2025 को हुए उपचुनाव में टिकट दिया गया। उन्होंने भी रिकार्ड मतों से जीत दर्ज की।
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