माइकल हसी ने ठुकराया इंग्लैंड का ऑफर, एशेज से पहले 'क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया' के साथ मिलाया हाथ
माइकल हसी ने ठुकराया इंग्लैंड का ऑफर, एशेज से पहले 'क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया' के साथ मिलाया हाथ
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज माइकल हसी ने इंग्लैंड के टेस्ट बैटिंग कोच बनने का मौका ठुकरा दिया है।

माइकल हसी
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज माइकल हसी ने इंग्लैंड के टेस्ट बैटिंग कोच बनने का मौका ठुकरा दिया है। इसके बजाय वे क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के साथ पार्ट-टाइम कंसल्टेंसी की भूमिका निभाने जा रहे हैं। यह फैसला अगले साल होने वाली एशेज सीरीज से पहले ऑस्ट्रेलिया के लिए एक अच्छी खबर है, जबकि इंग्लैंड के टेस्ट हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग को अब अपने कोचिंग स्टाफ के लिए किसी दूसरे विकल्प की तलाश करनी होगी।
'द गार्डियन' की रिपोर्ट के मुताबिक, हसी ने ऑस्ट्रेलिया वाली भूमिका इसलिए चुनी है क्योंकि इसमें उन्हें काफी लचीलापन मिलता है। वे फ्रेंचाइजी क्रिकेट, 'द हंड्रेड' और कमेंट्री में अपनी मौजूदा कमिटमेंट को जारी रख सकते हैं। हसी ने पिछले महीने इंग्लैंड के कोचिंग स्टाफ में शामिल होने के बारे में फ्लेमिंग से बातचीत की थी, लेकिन उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में ही बने रहने का फैसला किया।
एशेज की तैयारी कर रही इंग्लैंड टीम
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब इंग्लैंड 2027 की एशेज सीरीज से पहले एक मुश्किल दौर की तैयारी कर रहा है। इंग्लैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ चल रही टेस्ट सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है और अभी एक मैच बाकी है, लेकिन एशेज से पहले फ्लेमिंग की टीम को साउथ अफ्रीका, बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के दौरे करने हैं।
हसी के लिए इस फैसले का मतलब यह भी है कि वह 'द हंड्रेड' में वेल्श फायर और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के साथ अपना काम जारी रख सकते हैं, साथ ही फॉक्स स्पोर्ट्स के साथ कमेंट्री कर सकते हैं। वह इस साल वेल्श फायर के हेड कोच थे और CSK के बैटिंग कोच के तौर पर भी काम कर चुके हैं।
इंग्लैंड टीम से जुड़े रहे हैं
हसी का इंग्लैंड के साथ पहले से ही जुड़ाव रहा है। उन्होंने 2022 के सफल T20 वर्ल्ड कप कैंपेन के दौरान पार्ट-टाइम कंसल्टेंट के तौर पर काम किया था। फ्लेमिंग के साथ भी उनका लंबा रिश्ता रहा है, क्योंकि दोनों ने CSK में 18 साल साथ बिताए हैं। पहले हसी के खिलाड़ी के तौर पर और बाद में कोचिंग की भूमिकाओं में रहे।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के साथ कंसल्टेंसी रोल की सबसे बड़ी खूबी यह लगती है कि इससे हसी को इंटरनेशनल कोचिंग और अपनी दूसरी जिम्मेदारियों के बीच तालमेल बिठाने की आजादी मिलती है। ऑस्ट्रेलिया का टेस्ट शेड्यूल भी काफी व्यस्त रहता है, लेकिन पार्ट-टाइम काम होने की वजह से यह पूर्व बल्लेबाज अपनी नेशनल टीम की जिम्मेदारियों को अपनी फ्रेंचाइजी और ब्रॉडकास्टिंग के काम के साथ आसानी से मैनेज कर सकता है।
फ्लेमिंग के लिए एक झटका
हसी का यह फैसला फ्लेमिंग के लिए एक झटका है, जिन्होंने इंग्लैंड के लिए सपोर्ट स्टाफ तैयार करते समय उन्हें एक संभावित सदस्य के तौर पर चुना था। इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड अब भी एक परमानेंट बैटिंग कोच की तलाश जारी रख सकता है, हालांकि इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज मार्कस ट्रेस्कोथिक भी एक विकल्प बने हुए हैं।
ट्रेस्कोथिक पाकिस्तान के साथ चल रही सीरीज के दौरान इंग्लैंड के केयरटेकर बैटिंग कोच के तौर पर काम कर रहे हैं और उन्होंने इस भूमिका में अच्छा काम किया है। इसलिए, इंग्लैंड उन्हें टेस्ट टीम के साथ बनाए रखने का फैसला कर सकता है, जबकि व्यापक स्तर पर बल्लेबाजी के विकास की देखरेख के लिए किसी दूसरे स्पेशलिस्ट को नियुक्त कर सकता है।
हसी के इस कदम से ऑस्ट्रेलिया को अपनी टेस्ट टीम के साथ एक और अनुभवी खिलाड़ी मिल गया है, क्योंकि एशेज सीरीज आने वाली है। हसी ने 2013 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। इंटरनेशनल क्रिकेट, फ्रेंचाइजी टीमों और कोचिंग में उनका अनुभव उन्हें ऑस्ट्रेलिया के लिए एक अहम सदस्य बनाता है।
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज माइकल हसी ने इंग्लैंड के टेस्ट बैटिंग कोच बनने का मौका ठुकरा दिया है।

माइकल हसी
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज माइकल हसी ने इंग्लैंड के टेस्ट बैटिंग कोच बनने का मौका ठुकरा दिया है। इसके बजाय वे क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के साथ पार्ट-टाइम कंसल्टेंसी की भूमिका निभाने जा रहे हैं। यह फैसला अगले साल होने वाली एशेज सीरीज से पहले ऑस्ट्रेलिया के लिए एक अच्छी खबर है, जबकि इंग्लैंड के टेस्ट हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग को अब अपने कोचिंग स्टाफ के लिए किसी दूसरे विकल्प की तलाश करनी होगी।
'द गार्डियन' की रिपोर्ट के मुताबिक, हसी ने ऑस्ट्रेलिया वाली भूमिका इसलिए चुनी है क्योंकि इसमें उन्हें काफी लचीलापन मिलता है। वे फ्रेंचाइजी क्रिकेट, 'द हंड्रेड' और कमेंट्री में अपनी मौजूदा कमिटमेंट को जारी रख सकते हैं। हसी ने पिछले महीने इंग्लैंड के कोचिंग स्टाफ में शामिल होने के बारे में फ्लेमिंग से बातचीत की थी, लेकिन उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में ही बने रहने का फैसला किया।
एशेज की तैयारी कर रही इंग्लैंड टीम
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब इंग्लैंड 2027 की एशेज सीरीज से पहले एक मुश्किल दौर की तैयारी कर रहा है। इंग्लैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ चल रही टेस्ट सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है और अभी एक मैच बाकी है, लेकिन एशेज से पहले फ्लेमिंग की टीम को साउथ अफ्रीका, बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के दौरे करने हैं।
हसी के लिए इस फैसले का मतलब यह भी है कि वह 'द हंड्रेड' में वेल्श फायर और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के साथ अपना काम जारी रख सकते हैं, साथ ही फॉक्स स्पोर्ट्स के साथ कमेंट्री कर सकते हैं। वह इस साल वेल्श फायर के हेड कोच थे और CSK के बैटिंग कोच के तौर पर भी काम कर चुके हैं।
इंग्लैंड टीम से जुड़े रहे हैं
हसी का इंग्लैंड के साथ पहले से ही जुड़ाव रहा है। उन्होंने 2022 के सफल T20 वर्ल्ड कप कैंपेन के दौरान पार्ट-टाइम कंसल्टेंट के तौर पर काम किया था। फ्लेमिंग के साथ भी उनका लंबा रिश्ता रहा है, क्योंकि दोनों ने CSK में 18 साल साथ बिताए हैं। पहले हसी के खिलाड़ी के तौर पर और बाद में कोचिंग की भूमिकाओं में रहे।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के साथ कंसल्टेंसी रोल की सबसे बड़ी खूबी यह लगती है कि इससे हसी को इंटरनेशनल कोचिंग और अपनी दूसरी जिम्मेदारियों के बीच तालमेल बिठाने की आजादी मिलती है। ऑस्ट्रेलिया का टेस्ट शेड्यूल भी काफी व्यस्त रहता है, लेकिन पार्ट-टाइम काम होने की वजह से यह पूर्व बल्लेबाज अपनी नेशनल टीम की जिम्मेदारियों को अपनी फ्रेंचाइजी और ब्रॉडकास्टिंग के काम के साथ आसानी से मैनेज कर सकता है।
फ्लेमिंग के लिए एक झटका
हसी का यह फैसला फ्लेमिंग के लिए एक झटका है, जिन्होंने इंग्लैंड के लिए सपोर्ट स्टाफ तैयार करते समय उन्हें एक संभावित सदस्य के तौर पर चुना था। इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड अब भी एक परमानेंट बैटिंग कोच की तलाश जारी रख सकता है, हालांकि इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज मार्कस ट्रेस्कोथिक भी एक विकल्प बने हुए हैं।
ट्रेस्कोथिक पाकिस्तान के साथ चल रही सीरीज के दौरान इंग्लैंड के केयरटेकर बैटिंग कोच के तौर पर काम कर रहे हैं और उन्होंने इस भूमिका में अच्छा काम किया है। इसलिए, इंग्लैंड उन्हें टेस्ट टीम के साथ बनाए रखने का फैसला कर सकता है, जबकि व्यापक स्तर पर बल्लेबाजी के विकास की देखरेख के लिए किसी दूसरे स्पेशलिस्ट को नियुक्त कर सकता है।
हसी के इस कदम से ऑस्ट्रेलिया को अपनी टेस्ट टीम के साथ एक और अनुभवी खिलाड़ी मिल गया है, क्योंकि एशेज सीरीज आने वाली है। हसी ने 2013 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। इंटरनेशनल क्रिकेट, फ्रेंचाइजी टीमों और कोचिंग में उनका अनुभव उन्हें ऑस्ट्रेलिया के लिए एक अहम सदस्य बनाता है।
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