Gulzar के लिखे गीत पर भड़क गए थे 'पंचम दा', गुस्से में बना डाला मास्टरपीस गाना; Asha Bhosle की आवाज में हुआ अमर
Gulzar के लिखे गीत पर भड़क गए थे 'पंचम दा', गुस्से में बना डाला मास्टरपीस गाना; Asha Bhosle की आवाज में हुआ अमर
गुलजार साहब (Gulzar) के लिरिक्स पर 'पंचम दा' काफी भड़क गए थे। लेकिन बाद में इसी गीत ने दो नेशनल अवॉर्ड जीते थे।
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जब गुलजार के लिखे लिरिक्स पर भड़क गए थे 'पंचम दा'
HIGHLIGHTS
जब गुलजार के लिखे लिरिक्स पर भड़क गए थे 'पंचम दा'
15 मिनट में आर डी बर्मन ने बना डाली गाने की धुन
39 साल पुराना गाना बन गया कल्ट
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। गुलजार साहब ने भारतीय सिनेमा को कई यादगार और कल्ट गाने दिए हैं और जिसने सदाबहार उन्होंने गाने दिए हैं उतने ही मजेदार किस्से उन गीतों के पीछे छुपे हुए हैं। एक ऐसा ही किस्सा है गुलजार साहब के लिखे गाने पर आर डी बर्मन यानी पंचम दा के गुस्सा होने का।
गुलजार के लिखे लिरिक्स पर भड़क गए थे 'पंचम दा'
ये बात है कुछ 4 दशक पहले की, जब 'पंचम दा' और गुलजार साहब एक फिल्म के लिए एक साथ संगीत तैयार कर रहे थे। तो जब गुलजार साहब (Gulzar) ने एक गीत के लिरिक्स लिखकर दिए तो वे आर डी बर्मन साहब (RD Burman) को बड़े अजीब लगे।
क्योंकि उन लिरिक्स में कोई राइमिंग नहीं बैठ रही थी तो पंचम दा ने कहा कि इसे कैसे कंपोज करूं, इस पर कैसे कोई धुन बनेगी। उन्होंने गुस्से में यह तक कह डाला था कि ऐसे तो कल से किसी अखबार की हेडलाइन ले आओगे।
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'पंचम दा' ने गुस्से में 15 मिनट में बनाई धुन
हालांकि कोई और चारा नहीं था तो पंचम दा ने गुस्से में ही इस गाने की धुन तैयार की वो भी सिर्फ 15 मिनट में। कमाल ये था कि गुस्से में बनाये गए इस गाने के लिए गुलजार को लिरिक्स लिखने और आशा भोसले को गायकी के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला था।
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ये गाना था 39 साल पहले रिलीज हुई म्यूजिकल रोमांटिक फिल्म इजाजत (Ijaazat) का है जिसमें रेखा (Rekha), नसीरुद्दीन शाह (Naseeruddin Shah) और अनुराधा पटेल (Anuradha Patel) ने अहम किरदार निभाए हैं। इस गाने के बोल हैं- मेरा कुछ सामान, तुम्हारे पास पड़ा है (Mera Kuch Saaman)। इस गाने को अनुराधा पटेल और नसीरुद्दीन शाह पर फिल्माया गया है। इस गीत को आशा भोसले ने अपने सुरों से सजाया है।
गुस्से से बने इस गीत ने गुलजार को बेस्ट लिरिसिस्ट और आशा भोसले को बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर का नेशनल अवॉर्ड दिलवाया। हिंदी सिनेमा के दिग्गज गीतकार गुलजार साहब आज 92 साल के हो गए हैं और उनके रचे गीतों ने कई पीढ़ियों के दिलों में जगह बनाई है।
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फिल्म के बारे में
'इजाजत' (Ijaazat) 1987 में रिलीज हुई म्यूजिकल-रोमांटिक फिल्म है। इसे गुलजार ने डायरेक्ट किया था और यह सुबोध घोष की बंगाली कहानी 'जतुगृह' पर आधारित है। रेखा, नसीरुद्दीन शाह और अनुराधा पटेल की मुख्य भूमिकाओं वाली यह फिल्म एक ऐसे कपल की कहानी है जो अलग हो चुके हैं और अचानक एक रेलवे स्टेशन के वेटिंग रूम में मिलते हैं। वहां उन्हें एक-दूसरे के बिना गुजरी अपनी जिंदगी के बारे में कुछ सच पता चलते हैं।
गुलजार साहब (Gulzar) के लिरिक्स पर 'पंचम दा' काफी भड़क गए थे। लेकिन बाद में इसी गीत ने दो नेशनल अवॉर्ड जीते थे।
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जब गुलजार के लिखे लिरिक्स पर भड़क गए थे 'पंचम दा'
HIGHLIGHTS
जब गुलजार के लिखे लिरिक्स पर भड़क गए थे 'पंचम दा'
15 मिनट में आर डी बर्मन ने बना डाली गाने की धुन
39 साल पुराना गाना बन गया कल्ट
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। गुलजार साहब ने भारतीय सिनेमा को कई यादगार और कल्ट गाने दिए हैं और जिसने सदाबहार उन्होंने गाने दिए हैं उतने ही मजेदार किस्से उन गीतों के पीछे छुपे हुए हैं। एक ऐसा ही किस्सा है गुलजार साहब के लिखे गाने पर आर डी बर्मन यानी पंचम दा के गुस्सा होने का।
गुलजार के लिखे लिरिक्स पर भड़क गए थे 'पंचम दा'
ये बात है कुछ 4 दशक पहले की, जब 'पंचम दा' और गुलजार साहब एक फिल्म के लिए एक साथ संगीत तैयार कर रहे थे। तो जब गुलजार साहब (Gulzar) ने एक गीत के लिरिक्स लिखकर दिए तो वे आर डी बर्मन साहब (RD Burman) को बड़े अजीब लगे।
क्योंकि उन लिरिक्स में कोई राइमिंग नहीं बैठ रही थी तो पंचम दा ने कहा कि इसे कैसे कंपोज करूं, इस पर कैसे कोई धुन बनेगी। उन्होंने गुस्से में यह तक कह डाला था कि ऐसे तो कल से किसी अखबार की हेडलाइन ले आओगे।
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'पंचम दा' ने गुस्से में 15 मिनट में बनाई धुन
हालांकि कोई और चारा नहीं था तो पंचम दा ने गुस्से में ही इस गाने की धुन तैयार की वो भी सिर्फ 15 मिनट में। कमाल ये था कि गुस्से में बनाये गए इस गाने के लिए गुलजार को लिरिक्स लिखने और आशा भोसले को गायकी के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला था।
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ये गाना था 39 साल पहले रिलीज हुई म्यूजिकल रोमांटिक फिल्म इजाजत (Ijaazat) का है जिसमें रेखा (Rekha), नसीरुद्दीन शाह (Naseeruddin Shah) और अनुराधा पटेल (Anuradha Patel) ने अहम किरदार निभाए हैं। इस गाने के बोल हैं- मेरा कुछ सामान, तुम्हारे पास पड़ा है (Mera Kuch Saaman)। इस गाने को अनुराधा पटेल और नसीरुद्दीन शाह पर फिल्माया गया है। इस गीत को आशा भोसले ने अपने सुरों से सजाया है।
गुस्से से बने इस गीत ने गुलजार को बेस्ट लिरिसिस्ट और आशा भोसले को बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर का नेशनल अवॉर्ड दिलवाया। हिंदी सिनेमा के दिग्गज गीतकार गुलजार साहब आज 92 साल के हो गए हैं और उनके रचे गीतों ने कई पीढ़ियों के दिलों में जगह बनाई है।
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फिल्म के बारे में
'इजाजत' (Ijaazat) 1987 में रिलीज हुई म्यूजिकल-रोमांटिक फिल्म है। इसे गुलजार ने डायरेक्ट किया था और यह सुबोध घोष की बंगाली कहानी 'जतुगृह' पर आधारित है। रेखा, नसीरुद्दीन शाह और अनुराधा पटेल की मुख्य भूमिकाओं वाली यह फिल्म एक ऐसे कपल की कहानी है जो अलग हो चुके हैं और अचानक एक रेलवे स्टेशन के वेटिंग रूम में मिलते हैं। वहां उन्हें एक-दूसरे के बिना गुजरी अपनी जिंदगी के बारे में कुछ सच पता चलते हैं।
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Mirchmasala
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