भीषण गर्मी, बिजली कटौती और पुराना इंफ्रास्ट्रक्चर... ट्यूनेशिया में पानी की भारी किल्लत के बाद बोतलें लूटते दिखे लोग
भीषण गर्मी, बिजली कटौती और पुराना इंफ्रास्ट्रक्चर... ट्यूनेशिया में पानी की भारी किल्लत के बाद बोतलें लूटते दिखे लोग
ट्यूनीशिया भीषण गर्मी, सूखे और बिजली कटौती के कारण गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है, जिससे नल और बोतलबंद पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है।

ट्यूनेशिया में पानी की भारी किल्लत।
डिजिटल डेस्क, ट्यूनिश। लंबे समय से सूखे बारिश की कमी और तेज गर्मी से जूझ रहे ट्यूनेशिया में पानी की भारी किल्लत है। ट्यूनीशिया के लोग पानी की कमी से जूझ रहे हैं क्योंकि भीषण गर्मी, बिजली कटौती और पुराने हो चुके इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से नल से पानी की सप्लाई और बॉटलिंग प्लांट प्रभावित हो रहे हैं।
इस साल की शुरुआत में भारी बारिश के बावजूद इस संकट के कारण विरोध-प्रदर्शन हुए हैं और अधिकारियों को टैंकरों से पानी पहुंचाना पड़ रहा है। ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति कैस सईद ने कहा कि देश में गर्मी के मौसम के बीच लंबे समय तक पानी और बिजली की कटौती के पीछे सोची-समझी साजिश है।
बिजली और पानी की भारी मांग
हाल के हफ्तों में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है, जिससे बिजली और पानी की मांग बढ़ गई है और इन दोनों की पूरी गर्मी के दौरान कमी देखने को मिली है। राजधानी समेत कुछ इलाकों में 10 घंटे से ज्यादा कटौती हो रही है। वहीं बिजली कंपनी का कहना है कि ये कटौती लोड शेडिंग के तौर पर की जाती है ताकि उसके नेटवर्क पर दबाव कम किया जा सके।
पानी की कटौती भी आम हो गई है क्योंकि ट्यूनीशिया की ज्यादातर पानी की सप्लाई इलेक्ट्रिक पंपों पर निर्भर है, जो बिजली जाने पर बंद हो जाते हैं। पानी की कटौती के साथ-साथ बोतलबंद पानी की कमी भी एक समस्या बन गई है और इसका संबंध भी बिजली कटौती से ही है।
सुपरमार्केट में तय किया गया कोटा
ट्यूनीशिया के लोग लंबे समय से चल रही भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं और इस बीच सुपरमार्केट ने प्रति व्यक्ति खरीदारी पर कोटा तय कर दिया है, जबकि कई छोटी दुकानों पर सामान जल्दी ही खत्म हो जाता है। राष्ट्रपति के लिए ये आपराधिक योजनाएं और उकसाने की कोशिशें हैं। सईद ने कहा, "देश के दुश्मन और उनका समर्थन करने वाले अब ट्यूनीशिया की जनता के सामने बेनकाब हो गए हैं।" हालांकि उन्होंने एक बार फिर बिजली कटौती के पीछे के लोगों की पहचान नहीं बताई।
ट्यूनीशिया भीषण गर्मी, सूखे और बिजली कटौती के कारण गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है, जिससे नल और बोतलबंद पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है।

ट्यूनेशिया में पानी की भारी किल्लत।
डिजिटल डेस्क, ट्यूनिश। लंबे समय से सूखे बारिश की कमी और तेज गर्मी से जूझ रहे ट्यूनेशिया में पानी की भारी किल्लत है। ट्यूनीशिया के लोग पानी की कमी से जूझ रहे हैं क्योंकि भीषण गर्मी, बिजली कटौती और पुराने हो चुके इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से नल से पानी की सप्लाई और बॉटलिंग प्लांट प्रभावित हो रहे हैं।
इस साल की शुरुआत में भारी बारिश के बावजूद इस संकट के कारण विरोध-प्रदर्शन हुए हैं और अधिकारियों को टैंकरों से पानी पहुंचाना पड़ रहा है। ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति कैस सईद ने कहा कि देश में गर्मी के मौसम के बीच लंबे समय तक पानी और बिजली की कटौती के पीछे सोची-समझी साजिश है।
बिजली और पानी की भारी मांग
हाल के हफ्तों में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है, जिससे बिजली और पानी की मांग बढ़ गई है और इन दोनों की पूरी गर्मी के दौरान कमी देखने को मिली है। राजधानी समेत कुछ इलाकों में 10 घंटे से ज्यादा कटौती हो रही है। वहीं बिजली कंपनी का कहना है कि ये कटौती लोड शेडिंग के तौर पर की जाती है ताकि उसके नेटवर्क पर दबाव कम किया जा सके।
पानी की कटौती भी आम हो गई है क्योंकि ट्यूनीशिया की ज्यादातर पानी की सप्लाई इलेक्ट्रिक पंपों पर निर्भर है, जो बिजली जाने पर बंद हो जाते हैं। पानी की कटौती के साथ-साथ बोतलबंद पानी की कमी भी एक समस्या बन गई है और इसका संबंध भी बिजली कटौती से ही है।
सुपरमार्केट में तय किया गया कोटा
ट्यूनीशिया के लोग लंबे समय से चल रही भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं और इस बीच सुपरमार्केट ने प्रति व्यक्ति खरीदारी पर कोटा तय कर दिया है, जबकि कई छोटी दुकानों पर सामान जल्दी ही खत्म हो जाता है। राष्ट्रपति के लिए ये आपराधिक योजनाएं और उकसाने की कोशिशें हैं। सईद ने कहा, "देश के दुश्मन और उनका समर्थन करने वाले अब ट्यूनीशिया की जनता के सामने बेनकाब हो गए हैं।" हालांकि उन्होंने एक बार फिर बिजली कटौती के पीछे के लोगों की पहचान नहीं बताई।
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