बारिश में बह गया झिलिया पुल का डायवर्सन, मैथन-कुमारधुबी-चिरकुंडा का संपर्क टूटा
बारिश में बह गया झिलिया पुल का डायवर्सन, मैथन-कुमारधुबी-चिरकुंडा का संपर्क टूटा
धनबाद में भारी बारिश के कारण झिलिया पुल का डायवर्सन फिर बह गया है, जिससे मैथन, कुमारधुबी और चिरकुंडा के बीच आवागमन बाधित हो गया है।

मूसलाधार बारिश में कुमारधुबी पुल स्थित डायवर्सन का बड़ा हिस्सा बह गया। (फोटो जागरण)
HIGHLIGHTS
झिलिया पुल का डायवर्सन भारी बारिश में फिर बह गया।
मैथन, कुमारधुबी, चिरकुंडा के बीच आवागमन बुरी तरह प्रभावित।
क्षतिग्रस्त जलापूर्ति पाइपलाइन की मरम्मत भी अधर में लटकी।
संवाद सूत्र, कुमारधुबी (धनबाद)। मैथन रोड स्थित झिलिया पुल के निर्माण के दौरान बनाया गया डायवर्सन एक बार फिर मूसलाधार बारिश की भेंट चढ़ गया। सोमवार से रुक-रुककर हो रही तेज बारिश के कारण डायवर्सन का बड़ा हिस्सा पानी के तेज बहाव में बह गया।
इसके साथ ही क्षतिग्रस्त जलापूर्ति पाइपलाइन की मरम्मत का काम भी अधर में लटक गया है। डायवर्सन बह जाने से मैथन, कुमारधुबी और चिरकुंडा क्षेत्र के बीच आवागमन एक बार फिर प्रभावित हो गया है, जबकि पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण क्षेत्र में जलापूर्ति को लेकर पहले से ही हाहाकार मचा हुआ है। स्कूल जाने वाले बच्चों और मजदूरों को अब करीब पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।
जानकारी के अनुसार, करीब तीन दिन पूर्व झिलिया पुल के निर्माण कार्य के दौरान जलापूर्ति की मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से बड़ी आबादी के सामने पानी का संकट उत्पन्न हो गया।
सोमवार को पाइपलाइन की मरम्मत शुरू कराने के लिए जिला परिषद सदस्य गुलाम कुरैशी, मुखिया प्रतिनिधि, संबंधित एजेंसी के कर्मी और स्थानीय ग्रामीण मौके पर एकत्रित हुए थे। मरम्मत कार्य शुरू कराने की तैयारी चल ही रही थी कि इसी बीच लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे हालात को बिगाड़ दिया।
तेज बारिश और पानी के बहाव में डायवर्सन का एक बड़ा हिस्सा बह गया। बताया जा रहा है कि पानी के तेज बहाव की चपेट में क्षतिग्रस्त पाइपलाइन भी आ गई, जिससे मरम्मत कार्य फिलहाल रोकना पड़ा।
अब जब तक डायवर्सन को दोबारा दुरुस्त नहीं किया जाता, तब तक पाइपलाइन की मरम्मत का काम शुरू करना भी मुश्किल माना जा रहा है।
7 अगस्त को भी बह गया था डायवर्सन
गौरतलब है कि इससे पहले 7 अगस्त को भी भारी बारिश के कारण झिलिया पुल का डायवर्सन बह गया था। उसी दौरान जलापूर्ति पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त हुई थी।
इसके बाद अस्थायी रूप से डायवर्सन को दुरुस्त कर आवागमन शुरू कराया गया था। लेकिन समय रहते पाइपलाइन की स्थायी मरम्मत नहीं होने और लगातार बारिश के कारण एक बार फिर संकट गहरा गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद समय रहते मरम्मत कार्य पूरा करा लिया जाता तो आज पानी की समस्या इतनी गंभीर नहीं होती। वहीं, डायवर्सन को भी बारिश को ध्यान में रखते हुए मजबूत नहीं किए जाने पर लोगों में नाराजगी है।
आवागमन के साथ पानी का भी संकट
डायवर्सन बह जाने से मैथन, कुमारधुबी और चिरकुंडा क्षेत्र के लोगों के लिए आवागमन की समस्या फिर खड़ी हो गई है। रोजाना इस मार्ग से आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, पाइपलाइन की मरम्मत नहीं होने के कारण जलापूर्ति बाधित है और हजारों लोग पानी के लिए परेशान हैं।
स्थानीय ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी से मांग की है कि बारिश की स्थिति को देखते हुए डायवर्सन को तत्काल सुरक्षित तरीके से तैयार कराया जाए और उसके बाद बिना किसी देरी के क्षतिग्रस्त जलापूर्ति पाइपलाइन की मरम्मत कर पानी की आपूर्ति बहाल की जाए।
फिलहाल, लगातार बारिश के कारण डायवर्सन और पाइपलाइन दोनों के क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र में दोहरी मार पड़ी है। लोगों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि प्रशासन और संबंधित एजेंसी कब तक डायवर्सन को दुरुस्त कर पाइपलाइन की मरम्मत शुरू कराती है और कब तक क्षेत्र में नियमित जलापूर्ति बहाल हो पाती है।
धनबाद में भारी बारिश के कारण झिलिया पुल का डायवर्सन फिर बह गया है, जिससे मैथन, कुमारधुबी और चिरकुंडा के बीच आवागमन बाधित हो गया है।

मूसलाधार बारिश में कुमारधुबी पुल स्थित डायवर्सन का बड़ा हिस्सा बह गया। (फोटो जागरण)
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झिलिया पुल का डायवर्सन भारी बारिश में फिर बह गया।
मैथन, कुमारधुबी, चिरकुंडा के बीच आवागमन बुरी तरह प्रभावित।
क्षतिग्रस्त जलापूर्ति पाइपलाइन की मरम्मत भी अधर में लटकी।
संवाद सूत्र, कुमारधुबी (धनबाद)। मैथन रोड स्थित झिलिया पुल के निर्माण के दौरान बनाया गया डायवर्सन एक बार फिर मूसलाधार बारिश की भेंट चढ़ गया। सोमवार से रुक-रुककर हो रही तेज बारिश के कारण डायवर्सन का बड़ा हिस्सा पानी के तेज बहाव में बह गया।
इसके साथ ही क्षतिग्रस्त जलापूर्ति पाइपलाइन की मरम्मत का काम भी अधर में लटक गया है। डायवर्सन बह जाने से मैथन, कुमारधुबी और चिरकुंडा क्षेत्र के बीच आवागमन एक बार फिर प्रभावित हो गया है, जबकि पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण क्षेत्र में जलापूर्ति को लेकर पहले से ही हाहाकार मचा हुआ है। स्कूल जाने वाले बच्चों और मजदूरों को अब करीब पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।
जानकारी के अनुसार, करीब तीन दिन पूर्व झिलिया पुल के निर्माण कार्य के दौरान जलापूर्ति की मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से बड़ी आबादी के सामने पानी का संकट उत्पन्न हो गया।
सोमवार को पाइपलाइन की मरम्मत शुरू कराने के लिए जिला परिषद सदस्य गुलाम कुरैशी, मुखिया प्रतिनिधि, संबंधित एजेंसी के कर्मी और स्थानीय ग्रामीण मौके पर एकत्रित हुए थे। मरम्मत कार्य शुरू कराने की तैयारी चल ही रही थी कि इसी बीच लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे हालात को बिगाड़ दिया।
तेज बारिश और पानी के बहाव में डायवर्सन का एक बड़ा हिस्सा बह गया। बताया जा रहा है कि पानी के तेज बहाव की चपेट में क्षतिग्रस्त पाइपलाइन भी आ गई, जिससे मरम्मत कार्य फिलहाल रोकना पड़ा।
अब जब तक डायवर्सन को दोबारा दुरुस्त नहीं किया जाता, तब तक पाइपलाइन की मरम्मत का काम शुरू करना भी मुश्किल माना जा रहा है।
7 अगस्त को भी बह गया था डायवर्सन
गौरतलब है कि इससे पहले 7 अगस्त को भी भारी बारिश के कारण झिलिया पुल का डायवर्सन बह गया था। उसी दौरान जलापूर्ति पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त हुई थी।
इसके बाद अस्थायी रूप से डायवर्सन को दुरुस्त कर आवागमन शुरू कराया गया था। लेकिन समय रहते पाइपलाइन की स्थायी मरम्मत नहीं होने और लगातार बारिश के कारण एक बार फिर संकट गहरा गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद समय रहते मरम्मत कार्य पूरा करा लिया जाता तो आज पानी की समस्या इतनी गंभीर नहीं होती। वहीं, डायवर्सन को भी बारिश को ध्यान में रखते हुए मजबूत नहीं किए जाने पर लोगों में नाराजगी है।
आवागमन के साथ पानी का भी संकट
डायवर्सन बह जाने से मैथन, कुमारधुबी और चिरकुंडा क्षेत्र के लोगों के लिए आवागमन की समस्या फिर खड़ी हो गई है। रोजाना इस मार्ग से आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, पाइपलाइन की मरम्मत नहीं होने के कारण जलापूर्ति बाधित है और हजारों लोग पानी के लिए परेशान हैं।
स्थानीय ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी से मांग की है कि बारिश की स्थिति को देखते हुए डायवर्सन को तत्काल सुरक्षित तरीके से तैयार कराया जाए और उसके बाद बिना किसी देरी के क्षतिग्रस्त जलापूर्ति पाइपलाइन की मरम्मत कर पानी की आपूर्ति बहाल की जाए।
फिलहाल, लगातार बारिश के कारण डायवर्सन और पाइपलाइन दोनों के क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र में दोहरी मार पड़ी है। लोगों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि प्रशासन और संबंधित एजेंसी कब तक डायवर्सन को दुरुस्त कर पाइपलाइन की मरम्मत शुरू कराती है और कब तक क्षेत्र में नियमित जलापूर्ति बहाल हो पाती है।
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