'वे चाहते हैं कि लोग मरें', सीएम रेवंत रेड्डी ने बीआरएस पर लगाया तंत्र-मंत्र कराने का आरोप
'वे चाहते हैं कि लोग मरें', सीएम रेवंत रेड्डी ने बीआरएस पर लगाया तंत्र-मंत्र कराने का आरोप
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बीआरएस पर राज्य में सूखा लाने के लिए अघोरी अनुष्ठान और तंत्र-मंत्र करने का आरोप लगाया है।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी। (फाइल फोटो।)
सीएम रेवंत रेड्डी ने बीआरएस पर अघोरी अनुष्ठान का आरोप लगाया।
हरीश राव ने आरोपों को खारिज कर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी।
रेवंत बोले, विपक्ष चाहता है लोग मरें, सरकार बदनाम हो।
डिजिटल डेस्क, हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बीआरएस नेतृत्व पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री टी. हरीश राव और उनके सहयोगियों ने तेलंगाना के लिए मुश्किलें पैदा करने की कोशिश में पड़ोसी राज्यों में अघोरी अनुष्ठान और तंत्र-मंत्र का सहारा लिया।
मुलुगु जिले में एक जनसभा के दौरान लगाए गए इन आरोपों पर हरीश राव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया और मुख्यमंत्री पर शासन से जुड़े मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।
रेवंत रेड्डी ने क्या आरोप लगाया?
रविवार को तेलंगाना के मुलुगु जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए रेवंत रेड्डी ने दावा किया कि विपक्ष से जुड़ा एक भतीजा तमिलनाडु और कर्नाटक गया था ताकि अघोर अनुष्ठान और काला जादू कर सके। इसका कथित मकसद तेलंगाना में सूखा पैदा करना था।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इन कोशिशों का मकसद यह पक्का करना था कि बारिश न हो और लोग परेशान हों। उन्होंने आरोप लगाया, "वे चाहते थे कि बारिश न हो और लोग तकलीफ झेलें। हो सकता है कि वे यह भी चाहते हों कि लोगों की मौत हो जाए।"
रेवंत रेड्डी ने आगे कहा कि कुछ राजनीतिक विरोधियों ने राज्य के बाहर कुछ अनुष्ठान किए थे, इस उम्मीद में कि तेलंगाना में सूखे और लोगों की परेशानी के हालात बनेंगे और सरकार की छवि खराब होगी।
रेवंत रेड्डी ने कहा, "कुछ लोग कर्नाटक और तमिलनाडु गए और अघोर पूजा की, जिसमें उन्होंने कामना की कि सूखा पड़े, लोग मरें और सरकार की बदनामी हो। ऐसे बुरे लोग भी हैं। भले ही उन्होंने अघोर पूजा की लेकिन भगवान उनके साथ नहीं हैं। भगवान हमारे साथ हैं, क्योंकि हमारा संकल्प नेक है।"
हरीश राव आरोपों को किया खारिज
हरीश राव ने इन आरोपों का कड़ा खंडन किया और मुख्यमंत्री पर जनता की चिंताओं को दूर करने के बजाय व्यक्तिगत हमले करने का आरोप लगाया। हरीश राव ने कहा, "मैं व्यक्तिगत हमलों या सस्ती राजनीतिक बयानबाजी से डरने वाला नहीं हूं। मैं किसानों, छात्रों और तेलंगाना की जनता की ओर से सरकार से सवाल पूछता रहूंगा।"
राव ने आगे कहा कि उनका ध्यान समाज के विभिन्न वर्गों को प्रभावित करने वाले मुद्दों को उठाने और सरकार को जवाबदेह ठहराने पर बना रहेगा। पूर्व मंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि अगर उन पर झूठे आरोप लगाकर निशाना बनाया गया तो वे कानूनी रास्ता अपनाएंगे।
उन्होंने आगे कहा, "अगर मुझ पर झूठे आरोप लगाए जाते हैं, तो मैं उचित कानूनी कार्रवाई करूंगा और अदालतों के जरिए जवाबदेही तय कराऊंगा।" इससे पहले हरीश राव ने उन्हें तंत्र-मंत्र या जादू-टोने जैसी गतिविधियों से जोड़ने वाली टिप्पणियों को लेकर तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष महेश कुमार गौड़, एमएलसी अडंकी दयाकर और कांग्रेस प्रवक्ता सामा राममोहन रेड्डी को कानूनी नोटिस भेजे थे।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बीआरएस पर राज्य में सूखा लाने के लिए अघोरी अनुष्ठान और तंत्र-मंत्र करने का आरोप लगाया है।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी। (फाइल फोटो।)
सीएम रेवंत रेड्डी ने बीआरएस पर अघोरी अनुष्ठान का आरोप लगाया।
हरीश राव ने आरोपों को खारिज कर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी।
रेवंत बोले, विपक्ष चाहता है लोग मरें, सरकार बदनाम हो।
डिजिटल डेस्क, हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बीआरएस नेतृत्व पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री टी. हरीश राव और उनके सहयोगियों ने तेलंगाना के लिए मुश्किलें पैदा करने की कोशिश में पड़ोसी राज्यों में अघोरी अनुष्ठान और तंत्र-मंत्र का सहारा लिया।
मुलुगु जिले में एक जनसभा के दौरान लगाए गए इन आरोपों पर हरीश राव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया और मुख्यमंत्री पर शासन से जुड़े मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।
रेवंत रेड्डी ने क्या आरोप लगाया?
रविवार को तेलंगाना के मुलुगु जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए रेवंत रेड्डी ने दावा किया कि विपक्ष से जुड़ा एक भतीजा तमिलनाडु और कर्नाटक गया था ताकि अघोर अनुष्ठान और काला जादू कर सके। इसका कथित मकसद तेलंगाना में सूखा पैदा करना था।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इन कोशिशों का मकसद यह पक्का करना था कि बारिश न हो और लोग परेशान हों। उन्होंने आरोप लगाया, "वे चाहते थे कि बारिश न हो और लोग तकलीफ झेलें। हो सकता है कि वे यह भी चाहते हों कि लोगों की मौत हो जाए।"
रेवंत रेड्डी ने आगे कहा कि कुछ राजनीतिक विरोधियों ने राज्य के बाहर कुछ अनुष्ठान किए थे, इस उम्मीद में कि तेलंगाना में सूखे और लोगों की परेशानी के हालात बनेंगे और सरकार की छवि खराब होगी।
रेवंत रेड्डी ने कहा, "कुछ लोग कर्नाटक और तमिलनाडु गए और अघोर पूजा की, जिसमें उन्होंने कामना की कि सूखा पड़े, लोग मरें और सरकार की बदनामी हो। ऐसे बुरे लोग भी हैं। भले ही उन्होंने अघोर पूजा की लेकिन भगवान उनके साथ नहीं हैं। भगवान हमारे साथ हैं, क्योंकि हमारा संकल्प नेक है।"
हरीश राव आरोपों को किया खारिज
हरीश राव ने इन आरोपों का कड़ा खंडन किया और मुख्यमंत्री पर जनता की चिंताओं को दूर करने के बजाय व्यक्तिगत हमले करने का आरोप लगाया। हरीश राव ने कहा, "मैं व्यक्तिगत हमलों या सस्ती राजनीतिक बयानबाजी से डरने वाला नहीं हूं। मैं किसानों, छात्रों और तेलंगाना की जनता की ओर से सरकार से सवाल पूछता रहूंगा।"
राव ने आगे कहा कि उनका ध्यान समाज के विभिन्न वर्गों को प्रभावित करने वाले मुद्दों को उठाने और सरकार को जवाबदेह ठहराने पर बना रहेगा। पूर्व मंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि अगर उन पर झूठे आरोप लगाकर निशाना बनाया गया तो वे कानूनी रास्ता अपनाएंगे।
उन्होंने आगे कहा, "अगर मुझ पर झूठे आरोप लगाए जाते हैं, तो मैं उचित कानूनी कार्रवाई करूंगा और अदालतों के जरिए जवाबदेही तय कराऊंगा।" इससे पहले हरीश राव ने उन्हें तंत्र-मंत्र या जादू-टोने जैसी गतिविधियों से जोड़ने वाली टिप्पणियों को लेकर तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष महेश कुमार गौड़, एमएलसी अडंकी दयाकर और कांग्रेस प्रवक्ता सामा राममोहन रेड्डी को कानूनी नोटिस भेजे थे।
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