59 साल पुराने Manoj Kumar के गीत के बिना अधूरा है स्कूलों का स्वतंत्रता दिवस, एक-एक लाइन में भरी है देशभक्ति
59 साल पुराने Manoj Kumar के गीत के बिना अधूरा है स्कूलों का स्वतंत्रता दिवस, एक-एक लाइन में भरी है देशभक्ति
स्वतंत्रता दिवस पर हर स्कूल में Manoj Kumar का ये देशभक्ति गीत जरूर सुनाई देता है। ...और पढ़ें
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59 साल पुराना है मनोज कुमार का ये गीत
59 साल पुराना है मनोज कुमार का ये गीत
इसके बिना अधूरा है स्कूलों का स्वतंत्रता दिवस
महेंद्र कपूर ने दी थी इसे आवाज
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा में देशभक्ति गीतों का इतिहास काफी सुनहरा रहा है। देश को स्वतंत्रता दिवस मिले 8 दशक हो गए और इन सालों में 1947 के लेकर अब तक देशभक्ति पर आधारित कई फिल्में बनी और गाने भी। वहीं कई गाने ऐसे भी हैं जिनके बिना स्कूलों, दफ्तर जैसी जगहों पर सेलिब्रेशन अधूरा है। इन्हीं में से एक गाना है मनोज कुमार की एक फिल्म का।
यह गाना 59 साल पुराना है और इसे आवाज महेंद्र कपूर ने दी थी। इस गाने की खासियत यही है कि पीढ़ी चाहे कोई भी हो, इसे हर किसी ने कहीं ना कहीं जरूर सुना होगा। वही स्कूलों, दफ्तरों, संस्थानों में तो इसके बिना स्वतंत्रता दिवस का सेलिब्रेशन अधूरा ही लगता है।
एक-एक लाइन में गर्व होता है महसूस
देशभक्त से भरपूर इस गीत (Patriotic Song) की एक-एक लाइन दिल में जोश भर देती है और अपने देश के लिए और भी ज्यादा गर्व महसूस करवाती है। इस गीत को महेंद्र कपूर ने आवाज दी थी और इसे कल्याणजी-आनंदजी की जोड़ी ने बनाया था। इस गीत के मीनिंगफुल लिरिक्स गुलशन कुमार मेहता ने लिखे थे। यह गाना मनोज कुमार की 1967 में रिलीज हुई फिल्म उपकार के लिए बनाया गया था।
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हम जिस गीत की बात कर रहे हैं उसके बोल हैं- मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे मोती (Mere Desh Ki Dharti)। यह गीत भारत की धरती का गुणगान करता है। किसानों द्वारा उगाई गई हरी-हरी फसलों की तुलना कीमती हीरे-मोतियों से की गई है।
क्या है गीत की खासियत?
इस गीत की सबसे खास बात ये है कि इसमें भारत की महान हस्तियों को भी जोड़ा गया है। जिनमें महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, गौतम बुद्ध, गुरु नानक, रवींद्र नाथ टैगोर, बाल गंगाधर तिलक, लाल बहादुर शास्त्री के नाम शामिल हैं।
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इस गीत के लिए 1968 में गुलशन कुमार मेहता को बेस्ट गीतकार का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था वहीं महेंद्र कपूर (Mahendra Kapoor) को राष्ट्रपति का रजत पदक मिला था।
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'उपकार' (Upkar) 1967 में बनी एक भारतीय हिंदी फिल्म है, जिसके निर्देशक मनोज कुमार हैं। 1965 की भारत-पाकिस्तान लड़ाई की पृष्ठभूमि पर बनी यह फिल्म गांव के जीवन और भारत के लिए किसानों और सैनिकों के योगदान को दिखाती है। यह फिल्म भारत के प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री से प्रेरित थी; उन्होंने ही कुमार को भारत के लिए अपने नारे 'जय जवान जय किसान' पर आधारित फिल्म बनाने का सुझाव दिया था। इस फिल्म में मनोज कुमार, प्रेम चोपड़ा, आशा पारेख, कामिनी कौशल, प्राण और मदान पुरी ने काम किया है।
स्वतंत्रता दिवस पर हर स्कूल में Manoj Kumar का ये देशभक्ति गीत जरूर सुनाई देता है। ...और पढ़ें
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59 साल पुराना है मनोज कुमार का ये गीत
59 साल पुराना है मनोज कुमार का ये गीत
इसके बिना अधूरा है स्कूलों का स्वतंत्रता दिवस
महेंद्र कपूर ने दी थी इसे आवाज
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा में देशभक्ति गीतों का इतिहास काफी सुनहरा रहा है। देश को स्वतंत्रता दिवस मिले 8 दशक हो गए और इन सालों में 1947 के लेकर अब तक देशभक्ति पर आधारित कई फिल्में बनी और गाने भी। वहीं कई गाने ऐसे भी हैं जिनके बिना स्कूलों, दफ्तर जैसी जगहों पर सेलिब्रेशन अधूरा है। इन्हीं में से एक गाना है मनोज कुमार की एक फिल्म का।
यह गाना 59 साल पुराना है और इसे आवाज महेंद्र कपूर ने दी थी। इस गाने की खासियत यही है कि पीढ़ी चाहे कोई भी हो, इसे हर किसी ने कहीं ना कहीं जरूर सुना होगा। वही स्कूलों, दफ्तरों, संस्थानों में तो इसके बिना स्वतंत्रता दिवस का सेलिब्रेशन अधूरा ही लगता है।
एक-एक लाइन में गर्व होता है महसूस
देशभक्त से भरपूर इस गीत (Patriotic Song) की एक-एक लाइन दिल में जोश भर देती है और अपने देश के लिए और भी ज्यादा गर्व महसूस करवाती है। इस गीत को महेंद्र कपूर ने आवाज दी थी और इसे कल्याणजी-आनंदजी की जोड़ी ने बनाया था। इस गीत के मीनिंगफुल लिरिक्स गुलशन कुमार मेहता ने लिखे थे। यह गाना मनोज कुमार की 1967 में रिलीज हुई फिल्म उपकार के लिए बनाया गया था।
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हम जिस गीत की बात कर रहे हैं उसके बोल हैं- मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे मोती (Mere Desh Ki Dharti)। यह गीत भारत की धरती का गुणगान करता है। किसानों द्वारा उगाई गई हरी-हरी फसलों की तुलना कीमती हीरे-मोतियों से की गई है।
क्या है गीत की खासियत?
इस गीत की सबसे खास बात ये है कि इसमें भारत की महान हस्तियों को भी जोड़ा गया है। जिनमें महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, गौतम बुद्ध, गुरु नानक, रवींद्र नाथ टैगोर, बाल गंगाधर तिलक, लाल बहादुर शास्त्री के नाम शामिल हैं।
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इस गीत के लिए 1968 में गुलशन कुमार मेहता को बेस्ट गीतकार का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था वहीं महेंद्र कपूर (Mahendra Kapoor) को राष्ट्रपति का रजत पदक मिला था।
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'उपकार' (Upkar) 1967 में बनी एक भारतीय हिंदी फिल्म है, जिसके निर्देशक मनोज कुमार हैं। 1965 की भारत-पाकिस्तान लड़ाई की पृष्ठभूमि पर बनी यह फिल्म गांव के जीवन और भारत के लिए किसानों और सैनिकों के योगदान को दिखाती है। यह फिल्म भारत के प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री से प्रेरित थी; उन्होंने ही कुमार को भारत के लिए अपने नारे 'जय जवान जय किसान' पर आधारित फिल्म बनाने का सुझाव दिया था। इस फिल्म में मनोज कुमार, प्रेम चोपड़ा, आशा पारेख, कामिनी कौशल, प्राण और मदान पुरी ने काम किया है।
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