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भाजपा के शासनकाल में हुई सरकारी खजाने की अवैध निकासी, हेमंत सरकार करेगी जांच', JMM का विपक्ष पर पलटवार

भाजपा के शासनकाल में हुई सरकारी खजाने की अवैध निकासी, हेमंत सरकार करेगी जांच', JMM का विपक्ष पर पलटवार

झामुमो ने भाजपा पर कोषागार से अवैध निकासी के आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि यह मामला 14 साल पहले भाजपा शासन मे ...और पढ़ें






झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रवक्ता। फाइल फोटो



झामुमो ने भाजपा पर अवैध कोषागार निकासी का आरोप लगाया।


हेमंत सोरेन ने मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए।


भाजपा नेताओं का चाल, चरित्र, चेहरा बेनकाब होगा।

विभिन्न जिलों में कोषागार से अवैध निकासी मामले में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भाजपा के आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। झामुमो के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने विपक्ष के आरोपों को निराधार व भ्रामक बताया है।


उन्होंने कहा कि कोषागार से अवैध निकासी का मामला 14 साल पहले की भाजपा के सरकार में शुरू हुआ था और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के कार्यकाल में खूब फलाफूला।

उस वक्त किसी ने घोटाला नहीं पकड़ा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हिम्मत दिखाई है और उसकी निष्पक्ष जांच का निर्देश दिया है। हेमंत सरकार मामले की जड़ तक जाएगी।

भाजपा के कई नेताओं का चाल, चरित्र व चेहरा बेनकाब होगा। दोषियों पर कार्रवाई होगी। जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की वित्तीय स्थिति को लेकर अनावश्यक भ्रम फैलाया जा रहा है। वेतन भुगतान में हुई देरी तकनीकी और प्रक्रियागत कारणों से है, जिसे जल्द ही दूर कर लिया जाएगा।
घोटाला उजागर होने के बाद जागा प्रशासन

झारखंड में कोषागार से अवैध निकासी का घोटाला उजागर होने तथा प्रत्येक कोषागार की जांच के सरकारी आदेश के बाद जमशेदपुर में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने शनिवार को कोषागार का औचक निरीक्षण कर कोषागार के माध्यम से सरकारी विभागों तथा निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी (डीडीओ) द्वारा राशि की निकासी अथवा भुगतान के संदर्भ में पूरी प्रक्रिया पर गहन निगरानी हेतु निर्देशित किया।

उन्होंने कहा कि जिला के वित्तीय स्थिति के लेखाजोखा का ब्रेन होता है कोषागार, कोषागार पदाधिकारी यह जरूर सत्यापित कर लेंगे कि डीडीओ के द्वारा प्रेषित विपत्र कोषागार संहिता के नियम के अनुकूल है। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि निकासी प्राप्त आवंटन में उल्लेखित दिशा-निर्देश के आलोक में ही की जा रही है।



उपायुक्त ने कोषागार पदाधिकारी को निर्देश दिया कि प्रत्येक डीडीओ बिल की गहन जांच करें । उन्होने कर्मियों के मानदेय/ वेतन के भुगतान के संदर्भ में कहा कि स्थापना कर्मी का नाम, पदनाम, जन्म तिथि एवं अन्य आवश्यक सूचनाओं का मिलान आनलाइन अथवा सर्विस बुक से करते हुए उसके वेतन भुगतान के पूर्व कार्यालय में उनके वास्तविक रूप से कार्यरत होने के संबंध में संतुष्ट हो लिया जाए।


सभी कर्मियों को वेतन भुगतान उसके पक्ष में निर्गत पे स्लिप या सर्विस बुक में अंकित लेखा सत्यापन के आधार पर ही किया जाए। वेतन या पेंशन भुगतान के पूर्व कर्मियों के बैंक खाता संख्या का सत्यापन उसके पासबुक या चेक के आधार पर निश्चित रूप से कर लिया जाए।


उपायुक्त ने कोषागार में प्रतिनियुक्त कर्मियों की उपस्थित की जानकारी ली तथा क्लर्क से प्रतिनियुक्ति अवधि पूछा। उपायुक्त द्वारा कोषागार पदाधिकारी एवं कर्मचारियों से बुक ट्रांस्फर, सब अलाटमेंट, अनयूज्ड अलाटमेंट, फ्रेश अलाटमेंट की जानकारी ली गई।

साथ ही जिला में कितना पीएल एकाउंट और पीएल सबहेड है उन सभी का डिलेट मांगे। कोषागार पदाधिकारी को निर्देशित किया है वैसी राशि जो खर्च नहीं हो पाएगी उनको संबंधित विभाग से समन्वय बनाकर सरेंडर करायें।

उन्होंने प्रत्येक सप्ताह एसी/डीसी विपत्र समायोजन और पीएल खाता की समीक्षा हेतु निर्देशित किया। मौके पर कोषागार पदाधिकारी सीताराम प्रसाद, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पंचानन उरांव उपस्थित थे।
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