आखिरी मुकाम पर पहुंचकर डिब्बाबंद हुई थी Aamir Khan की यह फिल्म, 34 साल पहले पर्दे पर आने वाली थी यह गजब कहानी
आखिरी मुकाम पर पहुंचकर डिब्बाबंद हुई थी Aamir Khan की यह फिल्म, 34 साल पहले पर्दे पर आने वाली थी यह गजब कहानी
आमिर खान की कोई फिल्म डिब्बाबंद हो, ऐसा सोचा भी नहीं जा सकता। हालांकि, परफेक्शनिस्ट के साथ ऐसा हो चुका है। 34 साल पहले उनकी शानदार कहानी वाली यह फिल्म ...और पढ़ें

34 साल पहले बंद हुई थी आमिर खान की यह फिल्म/ फोटो- Instagram
80% शूट होने के बाद बंद हो गई थी आमिर खान की फिल्म
34 साल पहले इस कहानी पर बना रहे थे फिल्म
सिनेमाघरों तक मूवी लाने के लिए आमिर ने जोड़ दिए थे हाथ-पैर
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। आमिर खान (Aamir Khan) को बॉलीवुड का 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' कहा जाता है। अपनी फिल्मों की स्क्रिप्ट से लेकर उसके गाने और डायलॉग्स तक, हर चीज में वह बारीकी का खास ध्यान रखते हैं। यही वजह है कि वह साल में सिर्फ एक बार आते हैं और बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाकर जाते हैं।
अपनी शानदार एक्टिंग और रिस्क-टेकिंग एबिलिटी के दम पर वह इंडस्ट्री के तीन बड़े 'खान' अभिनेताओं में शामिल हैं। शायद यह इमेजिन करना भी मुश्किल होगा कि आमिर की कोई फिल्म कभी डिब्बाबंद हो सकती है। हालांकि, ऐसा हुआ है। लगभग 34 साल पहले आमिर खान ने एक मल्टीस्टारर फिल्म में काम किया था, जो अपने समय से काफी आगे की कहानी थी। लेकिन कुछ कारणों से यह फिल्म आखिरी मुकाम पर आकर बंद हो गई। ऐसा क्यों हुआ? आइए जानते हैं पूरी डिटेल्स:
लगभग 34 साल पहले बन रही थी साइंस फिक्शन फिल्म
90 के दशक में जहां हर फिल्ममेकर रोमांटिक, एक्शन और हॉरर फिल्मों के पीछे दौड़ रहा था, वहीं उस दौर में 'मिस्टर इंडिया' जैसी सफल फिल्म के निर्देशक शेखर कपूर एक साइंस फिक्शन मूवी बनाने की प्लानिंग कर रहे थे। साल 1992 में शुरू हुई इस फिल्म का टाइटल 'टाइम मशीन' था, जिसमें आमिर खान, रवीना टंडन, रेखा और नसीरुद्दीन शाह जैसे बड़े सितारे शामिल थे। इस फिल्म को बनाने में शेखर कपूर ने बहुत मेहनत की थी, लेकिन वह इस मूवी को सिनेमाघरों तक नहीं ला पाए। रिपोर्ट्स की मानें तो इस फिल्म का 75 से 80 प्रतिशत शूट पूरा हो चुका था।

इस कारण आखिरी समय पर प्रोड्यूसर ने मान ली हार
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फिल्म एक साइंस-फिक्शन थी, ऐसे में इसमें स्पेशल इफेक्ट्स का काफी इस्तेमाल किया गया था, जिससे फिल्म का बजट बहुत ज्यादा बढ़ गया था। फिल्म के निर्माता सुरेश मल्होत्रा के पास पैसों की कमी हो गई थी और आखिरकार उन्हें इस प्रोजेक्ट से अपने हाथ खींचने पड़े।
जब 'टाइम मशीन' बंद होने की कगार पर थी, उसी समय निर्देशक शेखर कपूर भी अपनी फिल्म 'बैंडिट क्वीन' और हॉलीवुड प्रोजेक्ट्स के लिए विदेश चले गए। इसी वजह से मूवी का आखिरी 20-25% काम कभी पूरा नहीं हो सका।
आमिर खान ने फीस छोड़कर बचाने की कोशिश की
आमिर खान ने इस फिल्म को बचाने और इसे सिनेमाघरों में ऑडियंस तक लाने के लिए काफी कोशिशें की थीं। यहां तक कि अभिनेता ने अपनी फीस तक छोड़ने की बात कह दी थी, लेकिन तब तक बात हाथ से निकल चुकी थी और मूवी को हमेशा के लिए डिब्बाबंद करना पड़ा। हालांकि, साल 2008 में शेखर कपूर ने इस प्रोजेक्ट को रणबीर कपूर के साथ दोबारा शुरू करना चाहा था, लेकिन तब भी बात नहीं बन पाई।

क्या थी इस फिल्म की कहानी?
'टाइम मशीन' की कहानी की बात करें तो यह एक ऐसे युवा लड़के पर आधारित थी, जो अनाथ था, लेकिन अपने माता-पिता के बारे में जानने के लिए हमेशा उत्सुक रहता था। कहानी में एक वैज्ञानिक एक टाइम मशीन बनाता है, जिससे आमिर खान का किरदार 1990 के दशक से टाइम ट्रैवल करके 1960 के दशक में अपने माता-पिता से मिलने चला जाता है। अतीत में जाकर वह अपने माता-पिता से मिलता है, लेकिन वह उस समय में पहुंच जाता है, जब उसके माता-पिता की शादी भी नहीं हुई होती है। इस फिल्म में रेखा और नसीरुद्दीन शाह ने उनके माता-पिता का दिलचस्प किरदार अदा किया था।
आमिर खान की कोई फिल्म डिब्बाबंद हो, ऐसा सोचा भी नहीं जा सकता। हालांकि, परफेक्शनिस्ट के साथ ऐसा हो चुका है। 34 साल पहले उनकी शानदार कहानी वाली यह फिल्म ...और पढ़ें

34 साल पहले बंद हुई थी आमिर खान की यह फिल्म/ फोटो- Instagram
80% शूट होने के बाद बंद हो गई थी आमिर खान की फिल्म
34 साल पहले इस कहानी पर बना रहे थे फिल्म
सिनेमाघरों तक मूवी लाने के लिए आमिर ने जोड़ दिए थे हाथ-पैर
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। आमिर खान (Aamir Khan) को बॉलीवुड का 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' कहा जाता है। अपनी फिल्मों की स्क्रिप्ट से लेकर उसके गाने और डायलॉग्स तक, हर चीज में वह बारीकी का खास ध्यान रखते हैं। यही वजह है कि वह साल में सिर्फ एक बार आते हैं और बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाकर जाते हैं।
अपनी शानदार एक्टिंग और रिस्क-टेकिंग एबिलिटी के दम पर वह इंडस्ट्री के तीन बड़े 'खान' अभिनेताओं में शामिल हैं। शायद यह इमेजिन करना भी मुश्किल होगा कि आमिर की कोई फिल्म कभी डिब्बाबंद हो सकती है। हालांकि, ऐसा हुआ है। लगभग 34 साल पहले आमिर खान ने एक मल्टीस्टारर फिल्म में काम किया था, जो अपने समय से काफी आगे की कहानी थी। लेकिन कुछ कारणों से यह फिल्म आखिरी मुकाम पर आकर बंद हो गई। ऐसा क्यों हुआ? आइए जानते हैं पूरी डिटेल्स:
लगभग 34 साल पहले बन रही थी साइंस फिक्शन फिल्म
90 के दशक में जहां हर फिल्ममेकर रोमांटिक, एक्शन और हॉरर फिल्मों के पीछे दौड़ रहा था, वहीं उस दौर में 'मिस्टर इंडिया' जैसी सफल फिल्म के निर्देशक शेखर कपूर एक साइंस फिक्शन मूवी बनाने की प्लानिंग कर रहे थे। साल 1992 में शुरू हुई इस फिल्म का टाइटल 'टाइम मशीन' था, जिसमें आमिर खान, रवीना टंडन, रेखा और नसीरुद्दीन शाह जैसे बड़े सितारे शामिल थे। इस फिल्म को बनाने में शेखर कपूर ने बहुत मेहनत की थी, लेकिन वह इस मूवी को सिनेमाघरों तक नहीं ला पाए। रिपोर्ट्स की मानें तो इस फिल्म का 75 से 80 प्रतिशत शूट पूरा हो चुका था।
इस कारण आखिरी समय पर प्रोड्यूसर ने मान ली हार
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फिल्म एक साइंस-फिक्शन थी, ऐसे में इसमें स्पेशल इफेक्ट्स का काफी इस्तेमाल किया गया था, जिससे फिल्म का बजट बहुत ज्यादा बढ़ गया था। फिल्म के निर्माता सुरेश मल्होत्रा के पास पैसों की कमी हो गई थी और आखिरकार उन्हें इस प्रोजेक्ट से अपने हाथ खींचने पड़े।
जब 'टाइम मशीन' बंद होने की कगार पर थी, उसी समय निर्देशक शेखर कपूर भी अपनी फिल्म 'बैंडिट क्वीन' और हॉलीवुड प्रोजेक्ट्स के लिए विदेश चले गए। इसी वजह से मूवी का आखिरी 20-25% काम कभी पूरा नहीं हो सका।
आमिर खान ने फीस छोड़कर बचाने की कोशिश की
आमिर खान ने इस फिल्म को बचाने और इसे सिनेमाघरों में ऑडियंस तक लाने के लिए काफी कोशिशें की थीं। यहां तक कि अभिनेता ने अपनी फीस तक छोड़ने की बात कह दी थी, लेकिन तब तक बात हाथ से निकल चुकी थी और मूवी को हमेशा के लिए डिब्बाबंद करना पड़ा। हालांकि, साल 2008 में शेखर कपूर ने इस प्रोजेक्ट को रणबीर कपूर के साथ दोबारा शुरू करना चाहा था, लेकिन तब भी बात नहीं बन पाई।
क्या थी इस फिल्म की कहानी?
'टाइम मशीन' की कहानी की बात करें तो यह एक ऐसे युवा लड़के पर आधारित थी, जो अनाथ था, लेकिन अपने माता-पिता के बारे में जानने के लिए हमेशा उत्सुक रहता था। कहानी में एक वैज्ञानिक एक टाइम मशीन बनाता है, जिससे आमिर खान का किरदार 1990 के दशक से टाइम ट्रैवल करके 1960 के दशक में अपने माता-पिता से मिलने चला जाता है। अतीत में जाकर वह अपने माता-पिता से मिलता है, लेकिन वह उस समय में पहुंच जाता है, जब उसके माता-पिता की शादी भी नहीं हुई होती है। इस फिल्म में रेखा और नसीरुद्दीन शाह ने उनके माता-पिता का दिलचस्प किरदार अदा किया था।
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Mirchmasala
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