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52 साल पहले Mohammed Rafi ने छोड़ा था ये गाना, बाद में Kishore Kumar ने किया इसे अमर; दिलचस्प है कल्ट सॉन्ग की कहानी

52 साल पहले Mohammed Rafi ने छोड़ा था ये गाना, बाद में Kishore Kumar ने किया इसे अमर; दिलचस्प है कल्ट सॉन्ग की कहानी

52 साल पहले एक सदाबहार गाने को मोहम्मद रफी ने इसलिए गाने से इनकार कर दिया क्योंकि उन्हें लगा कि ये किशोर कुमार की आवाज में बेहतर लगेगा। ...और पढ़ें





मोहम्मद रफी ने 52 साल पहले छोड़ा था ये गाना


मोहम्मद रफी ने 52 साल पहले छोड़ा था ये गाना


किशोर कुमार ने अपनी आवाज में किया अमर


सदाबहार गाना आपकी लिस्ट का भी होगा हिस्सा


एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। आज हर सिंगर चाहता है कि उसका गाना पॉपुलर है और लोग उसे पसंद करें। वहीं इंडस्ट्री में बहुत कम म्यूजिशियन होंगे जो एक फिल्म के गाने को किसी और सिंगर के लिए छोड़ दें। लेकिन 70 के दशक में म्यूजिशियन अपनी फेम नहीं बल्कि गाने की जरूरत देखते थे और अपने किसी साथी के लिए उस गाने को छोड़ने से नहीं कतराते थे।


एक ऐसा ही दिलचस्प किस्सा है मोहम्मद रफी का, जिन्होंने एक सदाबहार गाने को गाने से मना कर दिया। सिंगर ने कहा कि ये गाना किशोर कुमार के आवाज में बेहतर लगेगा। वे इस गाने को सही न्याय दे सकते हैं और आखिरकार बात सच भी हुई, क्योंकि ये गाना आज भी एवरग्रीन बना हुआ है।





कौन सा है ये गाना ?

दरअसल ये किस्सा है 1974 में रिलीज हुई फिल्म दोस्त (Dost) का जिसमें धर्मेंद्र (Dharmendra), हेमामालिनी (Hema Malini) और शत्रुघ्न सिन्हा ने लीड रोल प्ले किया था। इस फिल्म में लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने म्यूजिक दिया था और इसके लिरिसिस्ट आनंद बख्शी थे।



Kishore Kumar की आवाज में अमर हुआ गाना

लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल को मोहम्मद रफी से काफी लगाव था और जब उन्होंने सिंगर से इस फिल्म का एक गाना 'गाड़ी बुला रही है (Gaadi Bula Rahi Hai), सीटी बजा रही है' गाने का ऑफर दिया तो रफी साहब ने इस गाने को किशोर दा से रिकॉर्ड करवाने की सलाह दी। बस फिर क्या था किशोर कुमार की आवाज में यह गाना खूब पॉपुलर हुआ और आज भी सदाबहार बना हुआ है।




मोहम्मद रफी और किशोर कुमार भारतीय सिनेमा के दो लीजेंडरी सिंगर्स है जिन्होंने कई सदाबहार गाने इंडस्ट्री को दिए हैं। यह किस्सा हमें बताता है कि उस जमाने में सिंगर्स फेम के पीछे नहीं भागते थे बल्कि कला को तवज्जो देते थे और एक दूसरे का सम्मान करते थे।
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