ईरानी हमलों से अस्तित्व पर संकट', UN में बोला अरब देश, Iran ने कहा- दुश्मन से लड़ रहे, हमलों में 1500 लोग मरे
ईरानी हमलों से अस्तित्व पर संकट', UN में बोला अरब देश, Iran ने कहा- दुश्मन से लड़ रहे, हमलों में 1500 लोग मरे
अरब देशों ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में कहा कि ईरानी हमलों से उनके अस्तित्व पर संकट है। परिषद के प्रमुख ने नागरिकों पर सीधे हमलों को युद्ध अ ...और पढ़ें

अरब देशों ने ईरानी हमलों को अस्तित्व का संकट बताया।
नागरिकों पर हमले युद्ध अपराध, यूएनएचआरसी प्रमुख ने कहा।
ईरान ने अमेरिका-इजरायल हमलों में 1500 मौतें बताईं।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अरब देशों ने कहा है कि ईरानी हमलों से उनके लिए अस्तित्व का संकट पैदा हो गया है। अरब देशों ने यह बात संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में कही है।
इस दौरान परिषद के प्रमुख ने कहा कि युद्ध में नागरिकों पर सीधे हमले करना युद्ध अपराध है। इस पर ईरान ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के हमलों में उसके 1,500 नागरिक मारे गए हैं।
परिषद में अरब संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राजदूत जमाल जामा अल मुशराख ने कहा, ईरान के हमले अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बिगाड़ने और अपने प्रभाव को गलत तरीके से विस्तार करने का प्रयास हैं।
परिषद के सदस्य देशों ने अरब देशों पर ईरान के भड़कावे वाले लगातार हमलों की निंदा की। साथ ही अरब देशों के प्रस्ताव को विचार के लिए स्वीकार किया।
परिषद ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार मामलों के प्रमुख से अनुरोध किया है कि वह स्थिति को देखें और ईरान पर कार्रवाई पर विचार करें। जबकि ईरानी राजदूत अली बहरीनी ने कहा कि वह अरब देशों की ओर से दुश्मन देशों से लड़ाई लड़ रहा है। अगर अभी नहीं चेते तो भविष्य में उस दुश्मन को नहीं रोक पाएंगे।
ईरान ने चीन के समर्थन से परिषद की आपात बैठक बुलाई थी जिसमें प्राइमरी स्कूल पर अमेरिकी हमले पर मुख्य रूप से चर्चा की गई। इस हमले में 100 से ज्यादा छात्राएं और दर्जनों स्कूलकर्मी मारे गए थे।
परिषद के प्रमुख वाल्कर तुर्क ने सभी देशों से ईरान युद्ध खत्म करने की अपील की। कहा कि इस युद्ध ने हालात अत्यधिक खतरनाक और अप्रत्याशित बना दिए हैं। युद्ध में नागरिक और नागरिक ठिकानों पर हमले तत्काल बंद होने चाहिए। अगर नागरिकों पर हमलों का सिलसिला नहीं रुका तो उन्हें युद्ध अपराध के रूप में सूचीबद्ध कर कार्रवाई की जाएगी।
अरब देशों ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में कहा कि ईरानी हमलों से उनके अस्तित्व पर संकट है। परिषद के प्रमुख ने नागरिकों पर सीधे हमलों को युद्ध अ ...और पढ़ें

अरब देशों ने ईरानी हमलों को अस्तित्व का संकट बताया।
नागरिकों पर हमले युद्ध अपराध, यूएनएचआरसी प्रमुख ने कहा।
ईरान ने अमेरिका-इजरायल हमलों में 1500 मौतें बताईं।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अरब देशों ने कहा है कि ईरानी हमलों से उनके लिए अस्तित्व का संकट पैदा हो गया है। अरब देशों ने यह बात संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में कही है।
इस दौरान परिषद के प्रमुख ने कहा कि युद्ध में नागरिकों पर सीधे हमले करना युद्ध अपराध है। इस पर ईरान ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के हमलों में उसके 1,500 नागरिक मारे गए हैं।
परिषद में अरब संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राजदूत जमाल जामा अल मुशराख ने कहा, ईरान के हमले अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बिगाड़ने और अपने प्रभाव को गलत तरीके से विस्तार करने का प्रयास हैं।
परिषद के सदस्य देशों ने अरब देशों पर ईरान के भड़कावे वाले लगातार हमलों की निंदा की। साथ ही अरब देशों के प्रस्ताव को विचार के लिए स्वीकार किया।
परिषद ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार मामलों के प्रमुख से अनुरोध किया है कि वह स्थिति को देखें और ईरान पर कार्रवाई पर विचार करें। जबकि ईरानी राजदूत अली बहरीनी ने कहा कि वह अरब देशों की ओर से दुश्मन देशों से लड़ाई लड़ रहा है। अगर अभी नहीं चेते तो भविष्य में उस दुश्मन को नहीं रोक पाएंगे।
ईरान ने चीन के समर्थन से परिषद की आपात बैठक बुलाई थी जिसमें प्राइमरी स्कूल पर अमेरिकी हमले पर मुख्य रूप से चर्चा की गई। इस हमले में 100 से ज्यादा छात्राएं और दर्जनों स्कूलकर्मी मारे गए थे।
परिषद के प्रमुख वाल्कर तुर्क ने सभी देशों से ईरान युद्ध खत्म करने की अपील की। कहा कि इस युद्ध ने हालात अत्यधिक खतरनाक और अप्रत्याशित बना दिए हैं। युद्ध में नागरिक और नागरिक ठिकानों पर हमले तत्काल बंद होने चाहिए। अगर नागरिकों पर हमलों का सिलसिला नहीं रुका तो उन्हें युद्ध अपराध के रूप में सूचीबद्ध कर कार्रवाई की जाएगी।
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