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मेनस्ट्रीम नहीं Indie फिल्मों के 'धुरंधर' हैं ये सितारे, विक्की कौशल से मनोज बाजपेयी तक क्यों चुनते हैं छोटी बजट की फिल्में?

मेनस्ट्रीम नहीं Indie फिल्मों के 'धुरंधर' हैं ये सितारे, विक्की कौशल से मनोज बाजपेयी तक क्यों चुनते हैं छोटी बजट की फिल्में?

आज हम पांच ऐसे 5 सितारों की बात करने जा रहे हैं जिन्होंने इंडी फिल्मों को ग्लोबल मैप पर पहुंचाया। ...और पढ़ें





इंडी फिल्मों के धुरंधर हैं ये सितारे


इंडी फिल्मों के धुरंधर हैं ये सितारे


विक्की कौशल से मनोज बाजपेयी तक के नाम शामिल


क्यों छोटे बजट की फिल्में चुनते हैं ये सितारे?


एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। हाल के सालों में, हिंदी सिनेमा में एक जबरदस्त बदलाव आया है। जो एक्टर्स अपनी मेनस्ट्रीम अपील और लगातार हिट फिल्में देने के लिए जाने जाते हैं, उन्होंने इंडी प्रोजेक्ट्स में भी अहम योगदान दिया है। ये वो फिल्में हैं जिनकी यादें दर्शकों के दिलों में आज भी ताजा हैं और जिन्होंने उनके दिलों में एक खास जगह बना ली है।

विक्की कौशल (Vicky Kaushal)

शुरुआत करें विकी कौशल से जिन्होंने अपनी पहली ही फिल्म, कल्ट क्लासिक (Cult Classic) 'मसान' (Masaan) से अपनी एक्टिंग का लोहा मनवा दिया। 2015 में रिलीज हुई इस इंडिपेंडेंट ड्रामा फिल्म में कौशल ने 'दीपक कुमार' का किरदार निभाया था। यह उनका सबसे बेहतरीन और एकदम असली रूप था। दीपक कुमार वाराणसी के श्मशान घाट पर काम करने वाला एक नौजवान है, जो साथ ही सिविल इंजीनियर बनने की पढ़ाई भी कर रहा है।






एक्टर इस किरदार में इतनी शिद्दत से डूब गए थे कि एक पल के लिए भी ऐसा नहीं लगा कि यह उनकी पहली फिल्म है। फिल्म की रिलीज के एक दशक से भी ज्यादा समय बाद भी, उनका यह डायलॉग, ' ये साला दुख काहे खत्म नहीं होता बे? उनके फैंस के बीच आज भी एक सदाबहार क्लासिक डायलॉग बना हुआ है।

मनोज बाजपेयी (Manoj Bajpayee)

मनोज बाजपेयी का किरदार 'सरदार खान', जो आइकॉनिक फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' (Gangs of wasseypur) में था, आज भी एक मिसाल बना हुआ है। फिर चाहे बात किसी दमदार और हटके किरदार की हो या फिर इंडी फिल्मों की। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर भी जबरदस्त कमाई की और एक कमर्शियल हिट साबित हुई। एक इंडी फिल्म होने के बावजूद, 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' ने मेनस्ट्रीम सिनेमा में एक बड़ा और अहम बदलाव ला दिया।



अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee)

इस लिस्ट में अगला नाम है अभिषेक बनर्जी का, जिन्होंने अपनी फिल्मोग्राफी में एक और शानदार फिल्म जोड़ी है- हॉरर-कॉमेडी हिट 'स्त्री' (Stree)। एक्टर द्वारा निभाए गए 'जना' के मजेदार किरदार को फैंस ने खूब पसंद किया, खासकर उनकी सहजता और मासूमियत के लिए। हाल ही में, उन्होंने अपनी फिल्मोग्राफी में एक और हटके फिल्म जोड़ी है-'स्टोलन'।




यह एक सर्वाइवल थ्रिलर (Servival Thriller) फिल्म है, जो ग्रामीण भारत में मौजूद सामाजिक असमानता और बंटवारे जैसे मुद्दों को दिखाती है। फिल्म समीक्षकों और दर्शकों, दोनों ने ही बनर्जी की एक्टिंग की खूब तारीफ की है; कई लोगों ने तो इसे उनके करियर का अब तक का सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस भी बताया है।

राजकुमार राव (Rajkummar Rao)

राजकुमार राव, जो अपनी फिल्मों को बहुत सोच-समझकर चुनने और उन्हें ब्लॉकबस्टर बनाने के लिए जाने जाते हैं, उन्होंने फिल्म 'न्यूटन' से दर्शकों को चौंका दिया। एक्टर द्वारा निभाए गए इस किरदार को आज के जमाने के सिनेमा में एक्टिंग के सबसे बारीक और बेहतरीन उदाहरणों में से एक माना जाता है।




'न्यूटन' और 'ट्रैप्ड' जैसी फिल्मों ने राजकुमार को उन अभिनेताओं की लीग में मजबूती से स्थापित कर दिया है, जो मेनस्ट्रीम और इंडी फिल्मों के बीच सही संतुलन बना सकते हैं।
सोहम शाह (Soham Shah)

इसके बाद, सोहम शाह ने कल्ट फोक हॉरर फिल्म 'तुम्बाड' (Tumbbad) के साथ कहानी का रुख ही बदल दिया। वेनिस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की ओपनिंग फिल्म बनकर इसने खूब सुर्खियां बटोरीं, और सोहम शाह को एक ऐसे लीक से हटकर सोचने वाले अभिनेता के तौर पर पहचान दिलाई, जिसने इस अप्रत्याशित रचना को दुनिया के सामने लाने की हिम्मत दिखाई।




प्रोजेक्ट्स की ऐसी शानदार लाइन-अप के साथ, इन अभिनेताओं ने अपनी एक अलग ही लीग बना ली है, जो फिल्म प्रेमियों को ऐसी फिल्मों की ओर आकर्षित करती है जो अपनी जड़ों से जुड़ी हैं, नई हैं और सिर्फ ड्रामे से कहीं बढ़कर हैं। इन अभिनेताओं ने न सिर्फ अपने इंडी अंदाज को उभारा है, बल्कि वे आम से कहीं आगे निकल गए हैं!
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