Google AI Studio का बड़ा धमाका, अब सिर्फ 'प्रॉम्ट' लिखकर मिनटों में बनाएं फुल-स्टैक एप्स
Google AI Studio का बड़ा धमाका, अब सिर्फ 'प्रॉम्ट' लिखकर मिनटों में बनाएं फुल-स्टैक एप्स
Google ने AI Studio को 'फुल स्टैक वाइब कोडिंग' एक्सपीरिएंस के साथ अपग्रेड किया है, जो Antigravity AI एजेंट से पावर्ड है। ये डेवलपर्स को साधारण टेक्स्ट ...और पढ़ें

Google ने Google AI Studio में एक अपडेट पेश किया है। Photo- freepik.
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। Google ने Google AI Studio में एक अपडेट पेश किया है। कंपनी ने एक फुल-स्टैक कोडिंग एक्सपीरिएंस पेश किया है। इसके साथ, कंपनी का लक्ष्य डेवलपर्स के लिए एप डेवलपमेंट को आसान बनाना है। एक ब्लॉग पोस्ट में, कंपनी ने बताया कि इसे यूजर्स को साधारण टेक्स्ट प्रॉम्प्ट को पूरी तरह से काम करने वाले एप्लिकेशन में बदलने में मदद करने के लिए डिजाइन किया गया है, ठीक Emergent की तरह। ये Google के नए Antigravity AI एजेंट से पावर्ड है, जो एप डेवलपमेंट के कई स्टेज को संभालने के लिए जाना जाता है, जिसमें कोड लिखने से लेकर बैकएंड सिस्टम सेट अप करना शामिल है।
अब, यूजर्स AI Studio के जरिए ज्यादा कॉम्प्लेक्स एप बना सकेंगे। ये रियल-टाइम मल्टीप्लेयर एक्सपीरिएंस, कोलैबोरेटिव टूल्स और इंटरैक्टिव एप्लिकेशन को भी सपोर्ट करेगा, जो कई लोगों को जुड़ने और इंटरैक्शन को भी इनेबल करता हैं। ये ये भी पता लगा सकता है कि एप को डेटाबेस या लॉगिन सिस्टम की जरूरत है या नहीं और Cloud Firestore और ऑथेंटिकेशन टूल्स जैसी Firebase सर्विसेद का इस्तेमाल करके बैकएंड को कॉन्फिगर कर सकता है।
कंपनी ने मॉडर्न वेब डेवलपमेंट फ्रेमवर्क के लिए भी सपोर्ट एड किया है, साथ ही Next.js के साथ एप बनाने का ऑप्शन भी दिया है। ये सिस्टम प्रोजेक्ट की जरूरतों के आधार पर, एनीमेशन फ्रेमवर्क या UI कंपोनेंट्स जैसे जरूरी लाइब्रेरी और टूल्स को ऑटोमैटिकली इंस्टॉल कर सकता है।

इसके अलावा, डेवलपर्स अब पेमेंट्स, मैप, डेटाबेस और दूसरे रियल वर्ल्ड सर्विसेज के लिए API को इंटीग्रेट कर सकते हैं, सेंसिटिव क्रेडेंशियल बिल्ट-इन सीक्रेट्स मैनेजमेंट सिस्टम का इस्तेमाल करके सिक्योर तरीके से से स्टोर किए जाते हैं। यूजर्स अपनी प्रोग्रेस को अपने-आप सेव भी कर सकते हैं और बिना अपनी जगह खोए, अलग-अलग डिवाइस पर काम जारी रख सकते हैं। AI एजेंट को भी बेहतर बनाया गया है ताकि वह पूरे प्रोजेक्ट के स्ट्रक्चर और पिछली हिदायतों को बेहतर ढंग से समझ सके, जिससे ज्यादा सटीक अपडेट मिलते हैं और काम तेजी से आगे बढ़ता है।
Google का दावा है कि पिछले कुछ महीनों में, इस अपडेटेड प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल अंदरूनी तौर पर बड़ी संख्या में एप्लिकेशन बनाने के लिए किया जा चुका है। भविष्य की बात करें तो, कंपनी AI Studio को अपने Workspace टूल्स के साथ इंटीग्रेट करने की योजना बना रही है, जिससे एप्स Google Drive और Sheets जैसी सर्विसेज से जुड़ सकेंगे।
Google ने AI Studio को 'फुल स्टैक वाइब कोडिंग' एक्सपीरिएंस के साथ अपग्रेड किया है, जो Antigravity AI एजेंट से पावर्ड है। ये डेवलपर्स को साधारण टेक्स्ट ...और पढ़ें

Google ने Google AI Studio में एक अपडेट पेश किया है। Photo- freepik.
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। Google ने Google AI Studio में एक अपडेट पेश किया है। कंपनी ने एक फुल-स्टैक कोडिंग एक्सपीरिएंस पेश किया है। इसके साथ, कंपनी का लक्ष्य डेवलपर्स के लिए एप डेवलपमेंट को आसान बनाना है। एक ब्लॉग पोस्ट में, कंपनी ने बताया कि इसे यूजर्स को साधारण टेक्स्ट प्रॉम्प्ट को पूरी तरह से काम करने वाले एप्लिकेशन में बदलने में मदद करने के लिए डिजाइन किया गया है, ठीक Emergent की तरह। ये Google के नए Antigravity AI एजेंट से पावर्ड है, जो एप डेवलपमेंट के कई स्टेज को संभालने के लिए जाना जाता है, जिसमें कोड लिखने से लेकर बैकएंड सिस्टम सेट अप करना शामिल है।
अब, यूजर्स AI Studio के जरिए ज्यादा कॉम्प्लेक्स एप बना सकेंगे। ये रियल-टाइम मल्टीप्लेयर एक्सपीरिएंस, कोलैबोरेटिव टूल्स और इंटरैक्टिव एप्लिकेशन को भी सपोर्ट करेगा, जो कई लोगों को जुड़ने और इंटरैक्शन को भी इनेबल करता हैं। ये ये भी पता लगा सकता है कि एप को डेटाबेस या लॉगिन सिस्टम की जरूरत है या नहीं और Cloud Firestore और ऑथेंटिकेशन टूल्स जैसी Firebase सर्विसेद का इस्तेमाल करके बैकएंड को कॉन्फिगर कर सकता है।
कंपनी ने मॉडर्न वेब डेवलपमेंट फ्रेमवर्क के लिए भी सपोर्ट एड किया है, साथ ही Next.js के साथ एप बनाने का ऑप्शन भी दिया है। ये सिस्टम प्रोजेक्ट की जरूरतों के आधार पर, एनीमेशन फ्रेमवर्क या UI कंपोनेंट्स जैसे जरूरी लाइब्रेरी और टूल्स को ऑटोमैटिकली इंस्टॉल कर सकता है।
इसके अलावा, डेवलपर्स अब पेमेंट्स, मैप, डेटाबेस और दूसरे रियल वर्ल्ड सर्विसेज के लिए API को इंटीग्रेट कर सकते हैं, सेंसिटिव क्रेडेंशियल बिल्ट-इन सीक्रेट्स मैनेजमेंट सिस्टम का इस्तेमाल करके सिक्योर तरीके से से स्टोर किए जाते हैं। यूजर्स अपनी प्रोग्रेस को अपने-आप सेव भी कर सकते हैं और बिना अपनी जगह खोए, अलग-अलग डिवाइस पर काम जारी रख सकते हैं। AI एजेंट को भी बेहतर बनाया गया है ताकि वह पूरे प्रोजेक्ट के स्ट्रक्चर और पिछली हिदायतों को बेहतर ढंग से समझ सके, जिससे ज्यादा सटीक अपडेट मिलते हैं और काम तेजी से आगे बढ़ता है।
Google का दावा है कि पिछले कुछ महीनों में, इस अपडेटेड प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल अंदरूनी तौर पर बड़ी संख्या में एप्लिकेशन बनाने के लिए किया जा चुका है। भविष्य की बात करें तो, कंपनी AI Studio को अपने Workspace टूल्स के साथ इंटीग्रेट करने की योजना बना रही है, जिससे एप्स Google Drive और Sheets जैसी सर्विसेज से जुड़ सकेंगे।
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