ईरान ने इजरायल पर दागीं सॉलिड फ्यूल मिसाइल, दुश्मन के लिए मार गिराना भी मुश्किल; आखिर क्या है खासियत?
ईरान ने इजरायल पर दागीं सॉलिड फ्यूल मिसाइल, दुश्मन के लिए मार गिराना भी मुश्किल; आखिर क्या है खासियत?
ईरान ने इजरायल पर सॉलिड फ्यूल मिसाइलों से हमला किया है। इन मिसाइलों को गिराना दुश्मन के लिए काफी मुश्किल होता है। ...और पढ़ें

ईरान ने इजरायल पर दागी सॉलिड फ्यूल मिसाइल (फोटो-रॉयटर्स)
ईरान ने इजरायल पर सॉलिड फ्यूल मिसाइलें दागीं।
ये मिसाइलें तेज रफ्तार और तुरंत लॉन्च होती हैं।
इनका ईंधन रॉकेट के अंदर ही स्टोर होता है।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों से मिडिल ईस्ट में टेंशन का माहौल है। ईरान भी हमले का जवाब ड्रोन और बैलेस्टिक मिसाइल से दे रहा है। इजरायल के खिलाफ ईरान ने सॉलिड फ्यूल मिसाइलों का इस्तेमाल किया है।
सॉलिड फ्यूल मिसाइलों को इस्तेमाल करना काफी आसान होता है और ये मिसाइल दुश्मन के लिए खतरनाक भी साबित होती हैं। इन मिसाइलों की तेज रफ्तार की वजह से इन्हें मार गिराना भी दुश्मन के लिए मुश्किल होता है।
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क्या होती हैं सॉलिड फ्यूल मिसाइल?
सॉलिड-फ्यूल मिसाइलों में रॉकेट के अंदर ही फ्यूल स्टोर होता है, जिससे उन्हें कम तैयारी के साथ जल्दी से फायर किया जा सकता है। यह लिक्विड-फ्यूल मिसाइलों से अलग होती हैं, क्योंकि लिक्विड-फ्यूल मिसाइलों में लॉन्च से कुछ देर पहले फ्यूल से भरना पड़ता है।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सॉलिड फ्यूल मिसाइलों में फ्यूल आमतौर पर एल्युमिनियम जैसे मेटैलिक पाउडर का मिक्सचर होता है, जिसे अमोनियम परक्लोरेट जैसे ऑक्सीडाइजर के साथ मिलाया जाता है, जो रबर जैसी सामग्री से बंधा होता है और मेटल केसिंग के अंदर पैक होता है।
लॉन्च करने में कम समय लगता है
इस्तेमाल करना बहुत आसान
तेज रफ्तार से दुश्मन पर हमला करने में सक्षम
रफ्तार की वजह से दुश्मन के लिए मिसाइल गिराना मुश्किल
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सॉलिड फ्यूल मिसाइलों में क्या है खास?
सॉलिड-फ्यूल मिसाइलों के कई ऑपरेशनल फायदे होते हैं, जिससे उन्हें इंटरसेप्ट करना और काउंटर करना काफी मुश्किल हो जाता है। लिक्विड फ्यूल मिसाइलों की तुलना में इन मिसाइलों को जल्दी लॉन्च किया जा सकता है।
सॉलिड-फ्यूल मिसाइलों की रफ्तार तेज होती है, इसी वजह से दुश्मन के पास इन्हें गिराने के लिए कम समय रहता है।
इसके अलावा, इन सिस्टम को कम लॉजिस्टिक सपोर्ट की जरूरत होती है और लिक्विड-फ्यूल मिसाइलों की तुलना में इन्हें ऑपरेट करना आमतौर पर आसान और सुरक्षित होता है।
फ्यूल मिसाइल के अंदर ही स्टोर होता है, इसलिए इन्हें लंबे समय तक लॉन्च के लिए तैयार रखा जा सकता है। इन खासियतों की वजह से उन्हें कुछ ही मिनटों में लॉन्च किया जा सकता है, जिससे एयर डिफेंस सिस्टम को रिएक्ट करने के लिए कम समय मिलता है।
ईरान ने इजरायल पर सॉलिड फ्यूल मिसाइलों से हमला किया है। इन मिसाइलों को गिराना दुश्मन के लिए काफी मुश्किल होता है। ...और पढ़ें

ईरान ने इजरायल पर दागी सॉलिड फ्यूल मिसाइल (फोटो-रॉयटर्स)
ईरान ने इजरायल पर सॉलिड फ्यूल मिसाइलें दागीं।
ये मिसाइलें तेज रफ्तार और तुरंत लॉन्च होती हैं।
इनका ईंधन रॉकेट के अंदर ही स्टोर होता है।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों से मिडिल ईस्ट में टेंशन का माहौल है। ईरान भी हमले का जवाब ड्रोन और बैलेस्टिक मिसाइल से दे रहा है। इजरायल के खिलाफ ईरान ने सॉलिड फ्यूल मिसाइलों का इस्तेमाल किया है।
सॉलिड फ्यूल मिसाइलों को इस्तेमाल करना काफी आसान होता है और ये मिसाइल दुश्मन के लिए खतरनाक भी साबित होती हैं। इन मिसाइलों की तेज रफ्तार की वजह से इन्हें मार गिराना भी दुश्मन के लिए मुश्किल होता है।
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क्या होती हैं सॉलिड फ्यूल मिसाइल?
सॉलिड-फ्यूल मिसाइलों में रॉकेट के अंदर ही फ्यूल स्टोर होता है, जिससे उन्हें कम तैयारी के साथ जल्दी से फायर किया जा सकता है। यह लिक्विड-फ्यूल मिसाइलों से अलग होती हैं, क्योंकि लिक्विड-फ्यूल मिसाइलों में लॉन्च से कुछ देर पहले फ्यूल से भरना पड़ता है।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सॉलिड फ्यूल मिसाइलों में फ्यूल आमतौर पर एल्युमिनियम जैसे मेटैलिक पाउडर का मिक्सचर होता है, जिसे अमोनियम परक्लोरेट जैसे ऑक्सीडाइजर के साथ मिलाया जाता है, जो रबर जैसी सामग्री से बंधा होता है और मेटल केसिंग के अंदर पैक होता है।
लॉन्च करने में कम समय लगता है
इस्तेमाल करना बहुत आसान
तेज रफ्तार से दुश्मन पर हमला करने में सक्षम
रफ्तार की वजह से दुश्मन के लिए मिसाइल गिराना मुश्किल
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सॉलिड फ्यूल मिसाइलों में क्या है खास?
सॉलिड-फ्यूल मिसाइलों के कई ऑपरेशनल फायदे होते हैं, जिससे उन्हें इंटरसेप्ट करना और काउंटर करना काफी मुश्किल हो जाता है। लिक्विड फ्यूल मिसाइलों की तुलना में इन मिसाइलों को जल्दी लॉन्च किया जा सकता है।
सॉलिड-फ्यूल मिसाइलों की रफ्तार तेज होती है, इसी वजह से दुश्मन के पास इन्हें गिराने के लिए कम समय रहता है।
इसके अलावा, इन सिस्टम को कम लॉजिस्टिक सपोर्ट की जरूरत होती है और लिक्विड-फ्यूल मिसाइलों की तुलना में इन्हें ऑपरेट करना आमतौर पर आसान और सुरक्षित होता है।
फ्यूल मिसाइल के अंदर ही स्टोर होता है, इसलिए इन्हें लंबे समय तक लॉन्च के लिए तैयार रखा जा सकता है। इन खासियतों की वजह से उन्हें कुछ ही मिनटों में लॉन्च किया जा सकता है, जिससे एयर डिफेंस सिस्टम को रिएक्ट करने के लिए कम समय मिलता है।
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Videsh
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