9 साल की उम्र में देखा था प्लेन उड़ाने का सपना, अब यूनाइटेड एयरलाइन की सबसे सीनियर महिला पायलट बनने का बनाया रिकॉर्ड
9 साल की उम्र में देखा था प्लेन उड़ाने का सपना, अब यूनाइटेड एयरलाइन की सबसे सीनियर महिला पायलट बनने का बनाया रिकॉर्ड
64 वर्षीय कैप्टन कैस्टन विल्सन यूनाइटेड एयरलाइंस की 100 साल के इतिहास में पहली महिला वरिष्ठ पायलट बनी हैं। पुरुष-प्रधान एविएशन इंडस्ट्री में उनका यह स ...और पढ़ें

64 साल की कैप्टन कैस्टन विल्सन यूनाइटेड एयरलाइंस की 18,000 पायलटों वाली टीम में सबसे वरिष्ठ पायलट बनने वाली पहली महिला बन गई हैं। कंपनी के 100 साल के इतिहास में यह पहली बार है जब कोई महिला इस ऊंचे पद तक पहुंची है।
पुरुष-प्रधान एविएशन इंडस्ट्री में, जहां महिला पायलटों की संख्या महज 6% के आसपास है, कैस्टनका यह सफर दृढ़ संकल्प और लगन का बेहतरीन उदाहरण है। उनकी उपलब्धि दिखाती है कि बिना किसी पारंपरिक कॉलेज डिग्री के भी कड़ी मेहनत से सालाना करीब 3.7 करोड़ रुपये का पैकेज हासिल किया जा सकता है।
परिवार से दूर रहने की चुकाई कीमत
शीर्ष पर पहुंचने का रास्ता आसान नहीं था। कैस्टन बताती हैं कि शुरुआती करियर में उन्हें परिवार से बहुत दूर रहना पड़ा। वे कहती हैं कि पायलट की जिंदगी में बच्चों के जन्मदिन, स्कूल के कार्यक्रम या त्योहार अक्सर छूट जाते हैं। अगर आप हर अवकाश पर घर पर रहना चाहते हैं, तो यह पेशा आपके लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
आज वे बोइंग 787 ड्रीमलाइनर उड़ाती हैं और महीने में करीब 12 दिन उड़ानों में बिताती हैं। उनका क्रू मेंबर्स के साथ एक ही संदेश होता है। हर लैंडिंग इतनी सुरक्षित हो कि यात्री अगले दिन अखबार में नहीं, बल्कि अपने दिल में हमें याद रखें।
बचपन का सपना
कैस्टन का एविएशन से प्यार 9 साल की उम्र में शुरू हुआ, जब उनके पिता उन्हें एक छोटी हवाई यात्रा पर ले गए थे। खिड़की से नीचे की दुनिया देखते हुए वे मुस्कुरा रही थीं। पिता ने पूछा तो उनका जवाब था कि बड़ी होकर मैं यही करूंगी।
उस समय किसी ने उन्हें नहीं बताया कि लड़कियां आमतौर पर पायलट नहीं बनतीं, इसलिए उन्होंने कभी इसे असंभव नहीं माना। बाद में 12 साल की उम्र में यूनाइटेड के ट्रेनिंग सेंटर के पास से गुजरते हुए उन्होंने मां से कहा था कि एक दिन मैं यहां पहुंचूंगी।
बिना डिग्री के कॉकपिट तक का सफर
कैस्टन ने कॉलेज की पढ़ाई के साथ-साथ उड़ान प्रशिक्षण शुरू किया। उन्होंने स्टूडेंट पायलट सर्टिफिकेट, प्राइवेट पायलट लाइसेंस और अन्य जरूरी प्रमाणपत्र हासिल किए। रोचक बात यह है कि एयरलाइन जॉब के लिए उन्हें किसी पारंपरिक डिग्री की जरूरत नहीं पड़ी। उनके फ्लाइंग घंटे ही उनकी सबसे बड़ी योग्यता बने।
22 साल की उम्र में जब उन्हें पहली बार एयरलाइन का आवेदन मिला, तो उन्हें लगा कि चयन होना मुश्किल है। लेकिन उनकी क्षमता ने उन्हें कॉकपिट तक पहुंचा दिया। को-पायलट से कैप्टन बनने तक का सफर तय करते हुए वे पिछले 31 साल से कैप्टन हैं और कुल 42 साल यूनाइटेड के साथ जुड़ी रहीं।
कैस्टन विल्सन की यह कहानी लाखों युवतियों के लिए प्रेरणा है कि सपने देखने की उम्र कोई मायने नहीं रखती - बस उन्हें पूरा करने की जिद और मेहनत जरूरी है।
64 वर्षीय कैप्टन कैस्टन विल्सन यूनाइटेड एयरलाइंस की 100 साल के इतिहास में पहली महिला वरिष्ठ पायलट बनी हैं। पुरुष-प्रधान एविएशन इंडस्ट्री में उनका यह स ...और पढ़ें

64 साल की कैप्टन कैस्टन विल्सन यूनाइटेड एयरलाइंस की 18,000 पायलटों वाली टीम में सबसे वरिष्ठ पायलट बनने वाली पहली महिला बन गई हैं। कंपनी के 100 साल के इतिहास में यह पहली बार है जब कोई महिला इस ऊंचे पद तक पहुंची है।
पुरुष-प्रधान एविएशन इंडस्ट्री में, जहां महिला पायलटों की संख्या महज 6% के आसपास है, कैस्टनका यह सफर दृढ़ संकल्प और लगन का बेहतरीन उदाहरण है। उनकी उपलब्धि दिखाती है कि बिना किसी पारंपरिक कॉलेज डिग्री के भी कड़ी मेहनत से सालाना करीब 3.7 करोड़ रुपये का पैकेज हासिल किया जा सकता है।
परिवार से दूर रहने की चुकाई कीमत
शीर्ष पर पहुंचने का रास्ता आसान नहीं था। कैस्टन बताती हैं कि शुरुआती करियर में उन्हें परिवार से बहुत दूर रहना पड़ा। वे कहती हैं कि पायलट की जिंदगी में बच्चों के जन्मदिन, स्कूल के कार्यक्रम या त्योहार अक्सर छूट जाते हैं। अगर आप हर अवकाश पर घर पर रहना चाहते हैं, तो यह पेशा आपके लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
आज वे बोइंग 787 ड्रीमलाइनर उड़ाती हैं और महीने में करीब 12 दिन उड़ानों में बिताती हैं। उनका क्रू मेंबर्स के साथ एक ही संदेश होता है। हर लैंडिंग इतनी सुरक्षित हो कि यात्री अगले दिन अखबार में नहीं, बल्कि अपने दिल में हमें याद रखें।
बचपन का सपना
कैस्टन का एविएशन से प्यार 9 साल की उम्र में शुरू हुआ, जब उनके पिता उन्हें एक छोटी हवाई यात्रा पर ले गए थे। खिड़की से नीचे की दुनिया देखते हुए वे मुस्कुरा रही थीं। पिता ने पूछा तो उनका जवाब था कि बड़ी होकर मैं यही करूंगी।
उस समय किसी ने उन्हें नहीं बताया कि लड़कियां आमतौर पर पायलट नहीं बनतीं, इसलिए उन्होंने कभी इसे असंभव नहीं माना। बाद में 12 साल की उम्र में यूनाइटेड के ट्रेनिंग सेंटर के पास से गुजरते हुए उन्होंने मां से कहा था कि एक दिन मैं यहां पहुंचूंगी।
बिना डिग्री के कॉकपिट तक का सफर
कैस्टन ने कॉलेज की पढ़ाई के साथ-साथ उड़ान प्रशिक्षण शुरू किया। उन्होंने स्टूडेंट पायलट सर्टिफिकेट, प्राइवेट पायलट लाइसेंस और अन्य जरूरी प्रमाणपत्र हासिल किए। रोचक बात यह है कि एयरलाइन जॉब के लिए उन्हें किसी पारंपरिक डिग्री की जरूरत नहीं पड़ी। उनके फ्लाइंग घंटे ही उनकी सबसे बड़ी योग्यता बने।
22 साल की उम्र में जब उन्हें पहली बार एयरलाइन का आवेदन मिला, तो उन्हें लगा कि चयन होना मुश्किल है। लेकिन उनकी क्षमता ने उन्हें कॉकपिट तक पहुंचा दिया। को-पायलट से कैप्टन बनने तक का सफर तय करते हुए वे पिछले 31 साल से कैप्टन हैं और कुल 42 साल यूनाइटेड के साथ जुड़ी रहीं।
कैस्टन विल्सन की यह कहानी लाखों युवतियों के लिए प्रेरणा है कि सपने देखने की उम्र कोई मायने नहीं रखती - बस उन्हें पूरा करने की जिद और मेहनत जरूरी है।
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